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देरी से खुली ओपीडी, मची अफरा-तफरी
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:04 AM IST
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देरी से खुली ओपीडी, मची अफरा-तफरी
भिवानी। मरीजों की भीड़ को लेकर हर सोमवार के कड़वे अनुभव के बावजूद भी जिला अस्पताल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। सोमवार को ओपीडी करीब 15 मिनट देरी से खुली। नतीजतन, ओपीडी में घंटों तक अफरा-तफरी की स्थिति रही। ओपीडी स्लिप के लिए लोग घंटों लाइन में लगे रहे।
ओपीडी खुलने का समय सुबह नौ बजे नियत है। लेकिन सोमवार को ओपीडी लगभग 15 मिनट देरी से खुली। जबकि, सुबह आठ बजे से लोगों की भीड़ ओपीडी के गेट के बाहर लगनी शुरू हो गई। जब घड़ी में नौ बजे और ओपीडी का गेट नहीं खुला तो लोगों की बेचैनी बढ़ गई। इससे पहले की लोगों का गुस्सा बढ़ता, लगभग 15 मिनट बाद ओपीडी का गेट खुला।
इसके बाद अफरा-तफरी मच गई। घंटेभर तक भारी भीड़ की वजह से ओपीडी की व्यवस्था नहीं बनी। खासकर ओपीडी स्लिप के लिए मारामारी की स्थिति रही। लोगों को घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। पहले ओपीडी स्लिप के लिए लोगों को जद्दोजेदाह करनी पड़ी और इसके बाद फिर डाक्टर रूम के बाहर लगी लंबी लाइन से जूझना पड़ा।
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मंडे को स्पेशल इंतजामों की दरकार
और दिनों की अपेक्षा सोमवार को ओपीडी में लोगों की कुछ ज्यादा ही भीड़ आती है। यह बात अस्पताल प्रशासन को भी पता है, लेकिन इसके बावजूद भीड़ से निपटने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। डाक्टरों की कमी एक वजह तो है, लेकिन कुछ अतिरिक्त प्रयास करके कम से कम व्यवस्था तो स्मूथ बनाई ही जा सकती है।
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भिवानी। मरीजों की भीड़ को लेकर हर सोमवार के कड़वे अनुभव के बावजूद भी जिला अस्पताल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। सोमवार को ओपीडी करीब 15 मिनट देरी से खुली। नतीजतन, ओपीडी में घंटों तक अफरा-तफरी की स्थिति रही। ओपीडी स्लिप के लिए लोग घंटों लाइन में लगे रहे।
ओपीडी खुलने का समय सुबह नौ बजे नियत है। लेकिन सोमवार को ओपीडी लगभग 15 मिनट देरी से खुली। जबकि, सुबह आठ बजे से लोगों की भीड़ ओपीडी के गेट के बाहर लगनी शुरू हो गई। जब घड़ी में नौ बजे और ओपीडी का गेट नहीं खुला तो लोगों की बेचैनी बढ़ गई। इससे पहले की लोगों का गुस्सा बढ़ता, लगभग 15 मिनट बाद ओपीडी का गेट खुला।
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इसके बाद अफरा-तफरी मच गई। घंटेभर तक भारी भीड़ की वजह से ओपीडी की व्यवस्था नहीं बनी। खासकर ओपीडी स्लिप के लिए मारामारी की स्थिति रही। लोगों को घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। पहले ओपीडी स्लिप के लिए लोगों को जद्दोजेदाह करनी पड़ी और इसके बाद फिर डाक्टर रूम के बाहर लगी लंबी लाइन से जूझना पड़ा।
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मंडे को स्पेशल इंतजामों की दरकार
और दिनों की अपेक्षा सोमवार को ओपीडी में लोगों की कुछ ज्यादा ही भीड़ आती है। यह बात अस्पताल प्रशासन को भी पता है, लेकिन इसके बावजूद भीड़ से निपटने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। डाक्टरों की कमी एक वजह तो है, लेकिन कुछ अतिरिक्त प्रयास करके कम से कम व्यवस्था तो स्मूथ बनाई ही जा सकती है।