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नहर टूटने से दस एकड़ फसल हुई जलमग्न, मांगा मुआवजा
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:16 AM IST
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नहर टूटने से दस एकड़ फसलें हुईं जलमग्न
बहल। सिवानी कनाल के सिधनवा माइनर में दरार आने से करीब दस एकड़ में खड़ी कपास की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। इसके अलावा जिन खेतों में सब्जियां लगाई हुई थी वो भी पानी में डूब गई है। किसानों ने प्रशासन से बर्बाद फसलों का मुआवजा मांगा है। नहर विभाग का मानना है कि चूहों के बनाए बिलों में पानी भरने से कटाव हुआ है।
सिवानी कनाल से जुड़े सिधनवा माइनर में पिछले कुछ दिनों से पानी चल रहा है। हालांकि, अभी बारिश के मौसम में पानी की जरूरत नहीं होने से किसान इसका प्रयोग नहीं कर रहे थे। सोमवार को तड़के करीब चार बजे पांच नंबर पंप हाउस से आगे सिधनवा माइनर में दरार आ गई तथा नहर से बहकर पानी ने खेतों में रास्ता बना लिया। कुछ ही देर में तेज बहाव के कारण खेत पानी से लबालब हो गए। किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी तब जाकर नहर को पीछे से बंद करवाया गया।
नहर टूटने से हरियावास के सुनील पुत्र होशियार सिंह, मांगेराम पुत्र मातुराम तथा रणबीर पुत्र जसराम के खेतों में पानी भर गया। किसानों के अनुसार उनकी दस एकड़ फसल पानी भरने से खराब हो गई। किसानों ने बताया कि खेतों में कपास के अलावा गाजर, मूली तथा अन्य सब्जियां लगाई हुई थी। सुनील ने बताया कि उसने बड़ी मेहनत और लागत से फसल तैयार की थी लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही से उसकी फसल बर्बाद हो गई है। उसने बताया कि पहले भी नहर टूटने से उसको नुकसान हो चुका है लेकिन विभाग ने ठोस उपाय करने की जगह उस पर ही कार्रवाई की धमकी दी थी।
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नहर की तलहटी में चूहों के बिलों में पानी जाने से दरार आई है। जैसे ही पता लगा तो पीछे से पानी बंद करवा दिया था। कुछ फसलों में पानी गया है। विभाग द्वारा इसे शीघ्र ही व्यवस्थित किया जाएगा।
अमित लांबा, जेई, सिंचाई विभाग।
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बहल। सिवानी कनाल के सिधनवा माइनर में दरार आने से करीब दस एकड़ में खड़ी कपास की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। इसके अलावा जिन खेतों में सब्जियां लगाई हुई थी वो भी पानी में डूब गई है। किसानों ने प्रशासन से बर्बाद फसलों का मुआवजा मांगा है। नहर विभाग का मानना है कि चूहों के बनाए बिलों में पानी भरने से कटाव हुआ है।
सिवानी कनाल से जुड़े सिधनवा माइनर में पिछले कुछ दिनों से पानी चल रहा है। हालांकि, अभी बारिश के मौसम में पानी की जरूरत नहीं होने से किसान इसका प्रयोग नहीं कर रहे थे। सोमवार को तड़के करीब चार बजे पांच नंबर पंप हाउस से आगे सिधनवा माइनर में दरार आ गई तथा नहर से बहकर पानी ने खेतों में रास्ता बना लिया। कुछ ही देर में तेज बहाव के कारण खेत पानी से लबालब हो गए। किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी तब जाकर नहर को पीछे से बंद करवाया गया।
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नहर टूटने से हरियावास के सुनील पुत्र होशियार सिंह, मांगेराम पुत्र मातुराम तथा रणबीर पुत्र जसराम के खेतों में पानी भर गया। किसानों के अनुसार उनकी दस एकड़ फसल पानी भरने से खराब हो गई। किसानों ने बताया कि खेतों में कपास के अलावा गाजर, मूली तथा अन्य सब्जियां लगाई हुई थी। सुनील ने बताया कि उसने बड़ी मेहनत और लागत से फसल तैयार की थी लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही से उसकी फसल बर्बाद हो गई है। उसने बताया कि पहले भी नहर टूटने से उसको नुकसान हो चुका है लेकिन विभाग ने ठोस उपाय करने की जगह उस पर ही कार्रवाई की धमकी दी थी।
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नहर की तलहटी में चूहों के बिलों में पानी जाने से दरार आई है। जैसे ही पता लगा तो पीछे से पानी बंद करवा दिया था। कुछ फसलों में पानी गया है। विभाग द्वारा इसे शीघ्र ही व्यवस्थित किया जाएगा।
अमित लांबा, जेई, सिंचाई विभाग।