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स्वच्छता सर्वे: ओवरऑल रैकिंग में आठ रेटिंग सुधरी मगर हरियाणा में पिछड़े
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। स्वच्छता में अच्छे अंक लाने के लिए जिला प्रशासन, नगर परिषद ने करीब दो महीने जमकर प्रयास किया। इस दौरान करीब 25 से 30 लाख रुपये खर्च किए। इसके बाद भी भिवानी की रैंकिंग में सिर्फ आठ अंक का सुधार हुआ। 240 रेटिंग से भिवानी अब 232 रेटिंग पर आ गई। भिवानी के कुल 2123.22 अंक हैं। ओवरऑल रेटिंग में भले ही सुधार हुआ है मगर प्रदेशस्तरीय रेटिंग में भिवानी पिछड़ गया है। पिछले स्वच्छता सर्वे में हरियाणा के सबसे सुंदर शहरों में भिवानी छठे स्थान पर था। लेकिन इस बार खिसकर 13वें स्थान पर पहुंच गया है। नगर परिषद के तहत आने वाले प्रदेश के शहरों की बात की जाए तो पिछले स्वच्छता सर्वे में भिवानी सबसे स्वच्छ था मगर इस बार तीसरे नंबर पर है।
जनवरी और फरवरी में नगर परिषद, जिला प्रशासन ने स्वच्छता सर्वे के तहत विशेष अभियान चलाया। करीब 25 से 30 लाख रुपये खर्च कर शहर को नया लुक देने का प्रयास किया। बाजारों में रेडीमेड शौचालय रखवाए गए तो चौकों से खस्ताहाल लोहे की ग्रिल हटवाकर स्टील की ग्रिल लगवाई गई। पॉलिथीन मुक्त अभियान चलाया गया। रात को सफाई शुरू की गई। जिला प्रशासन और नगर परिषद टॉप टेन शहरों में भिवानी को शूमार करने का दावा कर रहा था। बुधवार को स्वच्छता सर्वे का रिजल्ट घोषित हुआ तो स्थिति अलग रही।
ऐसे दिए जाते हैं नंबर
स्वच्छता सर्वे के तहत 1250 अंक पब्लिक फीडबैक, 1250 अंक ओडीएफ फ्री, 1250 अंक चेकिंग, 1250 अंक नगर परिषद की व्यवस्थाओं की कचरा निस्तारण प्लांट है या नहीं, डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था है या नहीं, सफाई उपकरण है या नहीं के निर्धारित किए गए थे।
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वर्ष रैंकिंग
2017 345
2018 240
2019 232
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भिवानी। स्वच्छता में अच्छे अंक लाने के लिए जिला प्रशासन, नगर परिषद ने करीब दो महीने जमकर प्रयास किया। इस दौरान करीब 25 से 30 लाख रुपये खर्च किए। इसके बाद भी भिवानी की रैंकिंग में सिर्फ आठ अंक का सुधार हुआ। 240 रेटिंग से भिवानी अब 232 रेटिंग पर आ गई। भिवानी के कुल 2123.22 अंक हैं। ओवरऑल रेटिंग में भले ही सुधार हुआ है मगर प्रदेशस्तरीय रेटिंग में भिवानी पिछड़ गया है। पिछले स्वच्छता सर्वे में हरियाणा के सबसे सुंदर शहरों में भिवानी छठे स्थान पर था। लेकिन इस बार खिसकर 13वें स्थान पर पहुंच गया है। नगर परिषद के तहत आने वाले प्रदेश के शहरों की बात की जाए तो पिछले स्वच्छता सर्वे में भिवानी सबसे स्वच्छ था मगर इस बार तीसरे नंबर पर है।
जनवरी और फरवरी में नगर परिषद, जिला प्रशासन ने स्वच्छता सर्वे के तहत विशेष अभियान चलाया। करीब 25 से 30 लाख रुपये खर्च कर शहर को नया लुक देने का प्रयास किया। बाजारों में रेडीमेड शौचालय रखवाए गए तो चौकों से खस्ताहाल लोहे की ग्रिल हटवाकर स्टील की ग्रिल लगवाई गई। पॉलिथीन मुक्त अभियान चलाया गया। रात को सफाई शुरू की गई। जिला प्रशासन और नगर परिषद टॉप टेन शहरों में भिवानी को शूमार करने का दावा कर रहा था। बुधवार को स्वच्छता सर्वे का रिजल्ट घोषित हुआ तो स्थिति अलग रही।
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ऐसे दिए जाते हैं नंबर
स्वच्छता सर्वे के तहत 1250 अंक पब्लिक फीडबैक, 1250 अंक ओडीएफ फ्री, 1250 अंक चेकिंग, 1250 अंक नगर परिषद की व्यवस्थाओं की कचरा निस्तारण प्लांट है या नहीं, डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था है या नहीं, सफाई उपकरण है या नहीं के निर्धारित किए गए थे।
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2017 345
2018 240
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