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अर्बन पीएचसी पर डाक्टर नहीं, मरीज परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। अर्बन पीएचसी सोमवार को खाली नजर आई। मरीजों को एक ही जवाब दिया जा रहा था कि डॉक्टर नहीं आए, डॉक्टर हड़ताल पर हैं। एनएचएम कर्मचारियों के साथ सोमवार से एनएचएम के तहत लगे डॉक्टरों ने भी हड़ताल शुरू कर दी है। जिससे शहर की तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में से दो पीएचसी पर कोई चिकित्सक नहीं था। सिर्फ एएनएम ही नजर आई। ऐसे में इन पर आने वाले मरीज परेशान रहे और उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा।
एनएचएम कर्मचारी पिछले 21 से दिन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। अब तक लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, ईएमटी, एंबुलेंस चालक, आयुष के तहत लगे चिकित्सक आदि कर्मी हड़ताल कर रहे हैं। इनमें से करीब 171 कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से टर्मिनेट किया जा चुका है।
एनएचएम के तहत लगे एलटी और फार्मासिस्ट पिछले 21 दिन से हड़ताल कर रहे हैं। ऐसे में शहर में बनाई तीनों पीएचसी पर व्यवस्था बिगड़ी थी। चिकित्सक जांच करता तो एएनएम और अकाउंटेंट दवाइयां देते थे। अब सोमवार से चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से व्यवस्था ठप हो गई। सोमवार को शहरी पीएचसी भारत नगर और सेवा नगर में सिर्फ एएनएम ही दिखाई दी। मरीजों को जवाब दिया जा रहा था कि चिकित्सक नहीं है।
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भारत नगर पीएचसी पर औसतन करीब 65 से 70 मरीज हर रोज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सेवा नगर स्थित पीएचसी पर खासी संख्या में मरीज आते हैं। अब दोनों जगह डाक्टर नहीं मिलने से मरीजों को या तो सामान्य अस्पताल या फिर प्राइवेट अस्पतालों में रुपये खर्च कर इलाज कराना पड़ा। हड़ताल पर रहे चिकित्सक डॉ. विनय कौशिक ने बताया कि प्रदेशभर के एनएचएम के तहत चिकित्सकों ने सोमवार से हड़ताल शुरू की है। उनकी मांग है कि उन्हें एनपीए दिया जाए और फिक्स पे की कंडिशन हटाते हुए वेतन वृद्धि दी जाए।
एनएचएम कर्मियों ने थाली बजाकर जताया रोष
21वें दिन भी एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। हड़ताल करते हुए कर्मचारियों ने शहर में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा महिला कर्मचारी ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य वाहनों में बैठकर थाली बजाते हुए रोष जताया। प्रदर्शनकारी सामान्य अस्पताल से घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक, पुराना बस स्टैंड, महम गेट होते हुए रोहतक गेट चौक पर पहुंचीं और यहां स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया। कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि उन्हें नियमित किया जाए। एनएचएम कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार, सुधीर भारद्वाज, उप प्रधान मंजू आदि ने कहा कि सरकार उन्हें टर्मिनेट कर आंदोलन खत्म करने का दबाव बना रही है।
बीएएमएस डाक्टर जो हड़ताल पर थे। उनमें 5-6 डॉक्टर हड़ताल से वापस आ गए है। टर्मिनेट किए गए किसी भी कर्मचारी को वापस नहीं लिया जाएगा। जो टर्मिनेट नहीं हुए उन कर्मचारियों से अपील है कि अपनी ड्यूटी ज्वाइन करें।
डॉ. आदित्यस्वरुप गुप्ता, सिविल सर्जन
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भिवानी। अर्बन पीएचसी सोमवार को खाली नजर आई। मरीजों को एक ही जवाब दिया जा रहा था कि डॉक्टर नहीं आए, डॉक्टर हड़ताल पर हैं। एनएचएम कर्मचारियों के साथ सोमवार से एनएचएम के तहत लगे डॉक्टरों ने भी हड़ताल शुरू कर दी है। जिससे शहर की तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में से दो पीएचसी पर कोई चिकित्सक नहीं था। सिर्फ एएनएम ही नजर आई। ऐसे में इन पर आने वाले मरीज परेशान रहे और उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा।
एनएचएम कर्मचारी पिछले 21 से दिन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। अब तक लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, ईएमटी, एंबुलेंस चालक, आयुष के तहत लगे चिकित्सक आदि कर्मी हड़ताल कर रहे हैं। इनमें से करीब 171 कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से टर्मिनेट किया जा चुका है।
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एनएचएम के तहत लगे एलटी और फार्मासिस्ट पिछले 21 दिन से हड़ताल कर रहे हैं। ऐसे में शहर में बनाई तीनों पीएचसी पर व्यवस्था बिगड़ी थी। चिकित्सक जांच करता तो एएनएम और अकाउंटेंट दवाइयां देते थे। अब सोमवार से चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से व्यवस्था ठप हो गई। सोमवार को शहरी पीएचसी भारत नगर और सेवा नगर में सिर्फ एएनएम ही दिखाई दी। मरीजों को जवाब दिया जा रहा था कि चिकित्सक नहीं है।
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भारत नगर पीएचसी पर औसतन करीब 65 से 70 मरीज हर रोज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सेवा नगर स्थित पीएचसी पर खासी संख्या में मरीज आते हैं। अब दोनों जगह डाक्टर नहीं मिलने से मरीजों को या तो सामान्य अस्पताल या फिर प्राइवेट अस्पतालों में रुपये खर्च कर इलाज कराना पड़ा। हड़ताल पर रहे चिकित्सक डॉ. विनय कौशिक ने बताया कि प्रदेशभर के एनएचएम के तहत चिकित्सकों ने सोमवार से हड़ताल शुरू की है। उनकी मांग है कि उन्हें एनपीए दिया जाए और फिक्स पे की कंडिशन हटाते हुए वेतन वृद्धि दी जाए।
एनएचएम कर्मियों ने थाली बजाकर जताया रोष
21वें दिन भी एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। हड़ताल करते हुए कर्मचारियों ने शहर में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा महिला कर्मचारी ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य वाहनों में बैठकर थाली बजाते हुए रोष जताया। प्रदर्शनकारी सामान्य अस्पताल से घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक, पुराना बस स्टैंड, महम गेट होते हुए रोहतक गेट चौक पर पहुंचीं और यहां स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया। कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि उन्हें नियमित किया जाए। एनएचएम कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार, सुधीर भारद्वाज, उप प्रधान मंजू आदि ने कहा कि सरकार उन्हें टर्मिनेट कर आंदोलन खत्म करने का दबाव बना रही है।
बीएएमएस डाक्टर जो हड़ताल पर थे। उनमें 5-6 डॉक्टर हड़ताल से वापस आ गए है। टर्मिनेट किए गए किसी भी कर्मचारी को वापस नहीं लिया जाएगा। जो टर्मिनेट नहीं हुए उन कर्मचारियों से अपील है कि अपनी ड्यूटी ज्वाइन करें।
डॉ. आदित्यस्वरुप गुप्ता, सिविल सर्जन