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समाज के निर्माण में अधिवक्ताओं का अहम योगदान: मनोहर लाल
Updated Tue, 16 Oct 2018 06:00 PM IST
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गोल्डन जुबली कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने की जिला बार को 21 लाख रुपये देने की घोषणा
न्यायिक परिसर में उपभोक्ता फोरम को शिफ्ट करने के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अधिवक्ता ऐसा वर्ग है, जिस पर समाज बहुत विश्वास करता है। ऐसे में अधिवक्ताओं का भी नैतिक दायित्व बनता है कि वे न्याय के लिए उनके पास आने वाले जरूरतमंद गरीब लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरें। मुख्यमंत्री ने जिला बार के लिए 21 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने 50 वर्ष से अधिक समय से प्रेक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को सम्मानित किया।
मंगलवार को बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित में आयोजित गोल्डन जुबली कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहलाल मुख्यातिथि रहे। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन की ओर से प्रधान ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एएस नारंग ने सभी का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं के पास दोनों तरफ से लोग इंसाफ के लिए आते हैं और अधिवक्ता दोनों के लिए अपना पक्ष रखता है, लेकिन यहां पर फर्ज यह बनता है कि गलती करने वालों को उसके गलत कदम का अहसास जरूर करवाया जाए। मुख्यमंत्री ने 50 साल व उससे अधिक समय से प्रेक्टिस कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश आचार्य, एनके जैन, टीडी हंस, सावित्री देवी और रामनिवास शर्मा को शॉल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बार की ई-लाइब्रेरी के लिए दो लाख रुपये देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बार परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
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कार्यक्रम का संचालन बार सचिव एडवोकेट शीला तंवर ने किया। इस मौके पर एडीजे डीके मित्तल, डिस्ट्रिक्ट जज फेमिली कोर्ट हरीश गुप्ता, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सतीश कुमार, सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्याम दास सर्राफ, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषि प्रकाश शर्मा, केश कला बोर्ड के चेयरमैन सुरेश सैन, प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी दलाल, जिला प्रधान नंदराम धानिया, नगर परिषद चेयरमैन रण सिंह यादव, ताराचंद अग्रवाल, शंकर धूपड़, विक्रम सिंह, धीरज सैनी, सोहनलाल मक्कड़, अविनाश सरदाना आदि मौजूद रहे।
बड़ा वकील होकर भी क्रम उल्टा कर गया
मुख्यमंत्री जब भाषण के बाद वकीलों की मांग पर विचार कर रहे थे तो बार प्रधान चेतन आनंद मांग पत्र लेकर उनके पास पहुंचे। सीएम ने कहा कि बड़ा वकील होकर भी क्रम उल्टा कर गया। मांग तो पहले रखनी चाहिए थी, इब मन्नै पूछी तो मांग पत्र लाए हैं।
कंज्यूमर कोर्ट की भी बात कर ल्यो, ना पाच्छे हड़ताल करते हांडोगे
उपभोक्ता फोरम में कार्यक्रम समाप्ति पर मुख्यमंत्री जब पौधरोपण के लिए जाने लगे तो एक अधिवक्ता ने आवाज लगाई कि इब कंज्यूमर कोर्ट की भी बात कर ल्यो, ना पाच्छे हड़ताल करते हांडोगे। दूसरी तरफ बैठे एक और अधिवक्ता ने समर्थन करते हुए कहा कि तुम ही आगे जाकर कहो। कुछ अन्य अधिवकताओं ने कंज्यूमर फोरम, कंज्यूमर फोरम की आवाज लगानी शुरू की। इस पर मुख्यमंत्री ने दोबारा माइक संभाला और कहा कि मेरे सामने यह बात भी आई है कि कंज्यूमर फोरम दूर होने के कारण वकीलों को परेशानी हो रही है। यह मामला ज्यूडिशियल कार्यालय का है और वहां रिकमंडेशन भेजने के लिए अपने वकील की ड्यूटी लगा दी है। हम उन्हें सिर्फ लिख सकते हैं, निर्णय उन्हीं का होगा।
सेशन जज को एडिशनल सेशन जज बोल गए सीएम, सांसद ने माइक थाम किया क्लीयर
सीएम ने अपने भाषण के दौरान सेशन जज को एडिशनल सेशन जज बोल दिया जिस पर वकीलों के बीच गुफ्तगू भी हुई। सीएम का भाषण समाप्त होने पर सांसद धर्मबीर सिंह ने माइक थामा और कहा कि गलती से सेशन जज को एडिशनल सेशन जज बोल गए।
फोटो 11
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न्यायिक परिसर में उपभोक्ता फोरम को शिफ्ट करने के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अधिवक्ता ऐसा वर्ग है, जिस पर समाज बहुत विश्वास करता है। ऐसे में अधिवक्ताओं का भी नैतिक दायित्व बनता है कि वे न्याय के लिए उनके पास आने वाले जरूरतमंद गरीब लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरें। मुख्यमंत्री ने जिला बार के लिए 21 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने 50 वर्ष से अधिक समय से प्रेक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को सम्मानित किया।
मंगलवार को बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित में आयोजित गोल्डन जुबली कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहलाल मुख्यातिथि रहे। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन की ओर से प्रधान ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एएस नारंग ने सभी का स्वागत किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं के पास दोनों तरफ से लोग इंसाफ के लिए आते हैं और अधिवक्ता दोनों के लिए अपना पक्ष रखता है, लेकिन यहां पर फर्ज यह बनता है कि गलती करने वालों को उसके गलत कदम का अहसास जरूर करवाया जाए। मुख्यमंत्री ने 50 साल व उससे अधिक समय से प्रेक्टिस कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश आचार्य, एनके जैन, टीडी हंस, सावित्री देवी और रामनिवास शर्मा को शॉल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बार की ई-लाइब्रेरी के लिए दो लाख रुपये देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बार परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
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कार्यक्रम का संचालन बार सचिव एडवोकेट शीला तंवर ने किया। इस मौके पर एडीजे डीके मित्तल, डिस्ट्रिक्ट जज फेमिली कोर्ट हरीश गुप्ता, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सतीश कुमार, सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्याम दास सर्राफ, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषि प्रकाश शर्मा, केश कला बोर्ड के चेयरमैन सुरेश सैन, प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी दलाल, जिला प्रधान नंदराम धानिया, नगर परिषद चेयरमैन रण सिंह यादव, ताराचंद अग्रवाल, शंकर धूपड़, विक्रम सिंह, धीरज सैनी, सोहनलाल मक्कड़, अविनाश सरदाना आदि मौजूद रहे।
बड़ा वकील होकर भी क्रम उल्टा कर गया
मुख्यमंत्री जब भाषण के बाद वकीलों की मांग पर विचार कर रहे थे तो बार प्रधान चेतन आनंद मांग पत्र लेकर उनके पास पहुंचे। सीएम ने कहा कि बड़ा वकील होकर भी क्रम उल्टा कर गया। मांग तो पहले रखनी चाहिए थी, इब मन्नै पूछी तो मांग पत्र लाए हैं।
कंज्यूमर कोर्ट की भी बात कर ल्यो, ना पाच्छे हड़ताल करते हांडोगे
उपभोक्ता फोरम में कार्यक्रम समाप्ति पर मुख्यमंत्री जब पौधरोपण के लिए जाने लगे तो एक अधिवक्ता ने आवाज लगाई कि इब कंज्यूमर कोर्ट की भी बात कर ल्यो, ना पाच्छे हड़ताल करते हांडोगे। दूसरी तरफ बैठे एक और अधिवक्ता ने समर्थन करते हुए कहा कि तुम ही आगे जाकर कहो। कुछ अन्य अधिवकताओं ने कंज्यूमर फोरम, कंज्यूमर फोरम की आवाज लगानी शुरू की। इस पर मुख्यमंत्री ने दोबारा माइक संभाला और कहा कि मेरे सामने यह बात भी आई है कि कंज्यूमर फोरम दूर होने के कारण वकीलों को परेशानी हो रही है। यह मामला ज्यूडिशियल कार्यालय का है और वहां रिकमंडेशन भेजने के लिए अपने वकील की ड्यूटी लगा दी है। हम उन्हें सिर्फ लिख सकते हैं, निर्णय उन्हीं का होगा।
सेशन जज को एडिशनल सेशन जज बोल गए सीएम, सांसद ने माइक थाम किया क्लीयर
सीएम ने अपने भाषण के दौरान सेशन जज को एडिशनल सेशन जज बोल दिया जिस पर वकीलों के बीच गुफ्तगू भी हुई। सीएम का भाषण समाप्त होने पर सांसद धर्मबीर सिंह ने माइक थामा और कहा कि गलती से सेशन जज को एडिशनल सेशन जज बोल गए।
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