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किसानों को बताएं जैविक खाद के लाभ
Updated Thu, 15 Feb 2018 01:01 AM IST
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किसानों को जैविक खाद के लाभ बताए
भिवानी
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. विनोद मोहन ने की। उन्होंने किसानों को फसलों में जैविक कार्बन के गिरते हुए स्तर से होने वाले पैदावार व गुणवत्ता पर प्रभाव और रबी फ सलों के नई उत्पादन तकनीक के बारे में जानकारी दी। शिविर में जिले के 50 अग्रणी किसानों ने प्रशिक्षण लिया व फसलों में जैविक खादों के महत्व को समझा।
कृषि वैज्ञानिक और परियोजना के निदेशक डॉ. धर्मवीर पाठक ने कहा की जीवाणु खाद जैसे अजोटिका व फोस्फोटिका का फसलों में प्रयोग करने से फसलों की उत्पादकता व गुणवत्ता पर अच्छा प्रभाव मिलता है। इसमें केवल 20 रुपये से 80 रुपये तक केवल प्रति एकड़ का खर्चा आता है और हमारी फसल मे 6.8 प्रतिशत की वृद्धि होती है। डॉ. सुशील शर्मा ने जैविक खाद के बागवानी के लाभ व कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस दादरवल ने रबी फसलों के बारे में बताया। बावल के कृषि वैज्ञानिक डा. अमरजीत ने किसानों को मिट्टी पानी की जांच व नमूने लेने के तरीकों व मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाकर फसलों में पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास हुडा ने सब्जियों में खादों की मात्रा व जैविक खादों की रोगों की जानकारी दी। इस अवसर पर भिवानी व दादरी जिले के प्रगतिशील किसानों बलबीर, अजय व कैलाश रानी, सत्य प्रकाश, संजय गोपालवास, पवन शर्मा उपस्थित रहे।
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भिवानी
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. विनोद मोहन ने की। उन्होंने किसानों को फसलों में जैविक कार्बन के गिरते हुए स्तर से होने वाले पैदावार व गुणवत्ता पर प्रभाव और रबी फ सलों के नई उत्पादन तकनीक के बारे में जानकारी दी। शिविर में जिले के 50 अग्रणी किसानों ने प्रशिक्षण लिया व फसलों में जैविक खादों के महत्व को समझा।
कृषि वैज्ञानिक और परियोजना के निदेशक डॉ. धर्मवीर पाठक ने कहा की जीवाणु खाद जैसे अजोटिका व फोस्फोटिका का फसलों में प्रयोग करने से फसलों की उत्पादकता व गुणवत्ता पर अच्छा प्रभाव मिलता है। इसमें केवल 20 रुपये से 80 रुपये तक केवल प्रति एकड़ का खर्चा आता है और हमारी फसल मे 6.8 प्रतिशत की वृद्धि होती है। डॉ. सुशील शर्मा ने जैविक खाद के बागवानी के लाभ व कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस दादरवल ने रबी फसलों के बारे में बताया। बावल के कृषि वैज्ञानिक डा. अमरजीत ने किसानों को मिट्टी पानी की जांच व नमूने लेने के तरीकों व मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाकर फसलों में पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास हुडा ने सब्जियों में खादों की मात्रा व जैविक खादों की रोगों की जानकारी दी। इस अवसर पर भिवानी व दादरी जिले के प्रगतिशील किसानों बलबीर, अजय व कैलाश रानी, सत्य प्रकाश, संजय गोपालवास, पवन शर्मा उपस्थित रहे।
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