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समस्या को लेकर किसान और बिजली कर्मचारी आमने-सामने, हुई तीखी नोंक-झोंक
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लोहारू। बिजली समस्या के समाधान को लेकर किसान और कर्मचारी आमने-सामने हो गए है। कर्मचारियों और किसानों के बीच शुक्रवार को तीखी नोक-झोंक हुई और दोनों ने ही थाने में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। बिजली कर्मचारियों ने किसान नेताओं पर धमकी देने, मारपीट का प्रयास कर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए तो किसान नेता भी दो कर्मचारियों के तबादले की मांग पर अड़ गए। बिजली निगम के कर्मचारियों ने निगम कार्यालय में किसान नेताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया।
ढिग़ावा स्थित एसबीआई बैंक के सामने भाकियू के नेतृत्व में किसानों द्वारा दिए गए धरने के बाद बिजली निगम के अधिकारियों को खरखड़ी के किसानों की बिजली संबंधित मांगों से अवगत करवाने गए किसानों पर बिजली निगम के उपमंडल अभियंता ने अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। जिस पर विवाद हुआ और थाने में शिकायत दी। बिजली कर्मचारियों और किसानों दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दी।
पुलिस को दी शिकायत में बिजली निगम ढिगावा के एसडीओ ब्रह्मजीत देशवाल ने बताया कि भाकियू के जिला प्रधान रवि आजाद व ढिगावा जाटान के रघुबीर मान ने बिजली निगम के कार्यालय में 15-20 अन्य किसानों को साथ लेकर बैठक की। बैठक में उन्हें भी बुलाया गया। जब वे बैठक में पहुंचे तो किसानों की समस्याओं पर विचार विमर्श चल रहा था। उन्होंने किसानों को बताया कि 11केवी के खरकड़ी फीडर से दो भागों में सप्लाई चलाने के लिए मनफरा गांव से 8-8 घंटे में सप्लाई दी जा रही थी। 17 जून को बारिश के कारण लोड बढ़ने पर बिजली निगम के जेई शेरसिंह द्वारा दो भागों में सप्लाई देने में असमर्थता जताने पर रघुबीर मान भड़क गए। जिस पर विवाद हुआ। निगम के कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। एसडीओ ने बताया कि किसान यूनियन के नेता किसानों को साथ लेकर हफ्ते में दो से तीन दिन बिजली परिसर में बैठक करते है और गाड़ी पर माइक लगाकर कर्मचारियों को देख लेने व उल्टा लटकाने की धमकी देते है। जिससे उनका कार्य प्रभावित होता है एवं कर्मचारियों में भी भय का माहौल है। एसडीओ के अनुसार उन्होंने किसानों को उनकी उचित मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था परंतु रवि आजाद व रघुबीर मान ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। एसडीओ ने पुलिस थाना प्रभारी, बिजली निगम के उच्चाधिकारियों को शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए बिजली निगम परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। वहीं इस मामले में किसान यूनियन व बिजली कर्मचारी आमने सामने हो गए है तथा किसान यूनियन व बिजली कर्मचारी दोनों ही धरने पर बैठ गए है।
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उच्च अधिकारियों को अवगत कराया: थाना प्रभारी
थाना प्रभारी कर्णपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजली निगम के एसडीओ की शिकायत बारे उच्चधिकारियों को अवगत करवा दिया है और उनके आदेशानुसार ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं ढिगावा बिजली विभाग के एसडीओ ब्रह्मजीत देशवाल ने बताया कि उक्त मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
बिजली कर्मचारी कर रहे है लापरवाही
भाकियू युवा प्रदेश रवि आजाद ने कहा कि 15 जून को खरखड़ी फीडर की लाइन को 2 भागों में चलाने की सहमति निगम के साथ बनी थी लेकिन एक दिन दो भागों में चलाकर फिर निगम ने लापरवाही शुरू कर दी। इस मामले शुक्रवार को पंचायत हुई। जिसमें एसडीओ ब्रह्मजीत देशवाल और जेई शेरसिंह एवं अन्य कर्मचारियों के साथ पंचायत में पहुंचे। कर्मचारी किसानों से बदत्तमीजी करने लगे और भाकियू के खिलाफ ही धरना देने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होती देखते थाना प्रभारी कर्णपाल सिंह मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवाया। उन्होंने बताया कि भाकियू ने कोई भी गलत नहीं किया है जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वो सभी निराधार हैं। अब निर्णय लिया गया कि जब तक ब्रह्मजीत देशवाल एवं जेई शेरसिंह, कर्मचारी दिनेश, अनिल का यहां से तबादला नहीं हो जाता है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में कल एक किसान पंचायत एक्सईएन और एससी से मुलाकात करेगी।
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ढिग़ावा स्थित एसबीआई बैंक के सामने भाकियू के नेतृत्व में किसानों द्वारा दिए गए धरने के बाद बिजली निगम के अधिकारियों को खरखड़ी के किसानों की बिजली संबंधित मांगों से अवगत करवाने गए किसानों पर बिजली निगम के उपमंडल अभियंता ने अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। जिस पर विवाद हुआ और थाने में शिकायत दी। बिजली कर्मचारियों और किसानों दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दी।
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पुलिस को दी शिकायत में बिजली निगम ढिगावा के एसडीओ ब्रह्मजीत देशवाल ने बताया कि भाकियू के जिला प्रधान रवि आजाद व ढिगावा जाटान के रघुबीर मान ने बिजली निगम के कार्यालय में 15-20 अन्य किसानों को साथ लेकर बैठक की। बैठक में उन्हें भी बुलाया गया। जब वे बैठक में पहुंचे तो किसानों की समस्याओं पर विचार विमर्श चल रहा था। उन्होंने किसानों को बताया कि 11केवी के खरकड़ी फीडर से दो भागों में सप्लाई चलाने के लिए मनफरा गांव से 8-8 घंटे में सप्लाई दी जा रही थी। 17 जून को बारिश के कारण लोड बढ़ने पर बिजली निगम के जेई शेरसिंह द्वारा दो भागों में सप्लाई देने में असमर्थता जताने पर रघुबीर मान भड़क गए। जिस पर विवाद हुआ। निगम के कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। एसडीओ ने बताया कि किसान यूनियन के नेता किसानों को साथ लेकर हफ्ते में दो से तीन दिन बिजली परिसर में बैठक करते है और गाड़ी पर माइक लगाकर कर्मचारियों को देख लेने व उल्टा लटकाने की धमकी देते है। जिससे उनका कार्य प्रभावित होता है एवं कर्मचारियों में भी भय का माहौल है। एसडीओ के अनुसार उन्होंने किसानों को उनकी उचित मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था परंतु रवि आजाद व रघुबीर मान ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। एसडीओ ने पुलिस थाना प्रभारी, बिजली निगम के उच्चाधिकारियों को शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए बिजली निगम परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। वहीं इस मामले में किसान यूनियन व बिजली कर्मचारी आमने सामने हो गए है तथा किसान यूनियन व बिजली कर्मचारी दोनों ही धरने पर बैठ गए है।
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उच्च अधिकारियों को अवगत कराया: थाना प्रभारी
थाना प्रभारी कर्णपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजली निगम के एसडीओ की शिकायत बारे उच्चधिकारियों को अवगत करवा दिया है और उनके आदेशानुसार ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं ढिगावा बिजली विभाग के एसडीओ ब्रह्मजीत देशवाल ने बताया कि उक्त मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
बिजली कर्मचारी कर रहे है लापरवाही
भाकियू युवा प्रदेश रवि आजाद ने कहा कि 15 जून को खरखड़ी फीडर की लाइन को 2 भागों में चलाने की सहमति निगम के साथ बनी थी लेकिन एक दिन दो भागों में चलाकर फिर निगम ने लापरवाही शुरू कर दी। इस मामले शुक्रवार को पंचायत हुई। जिसमें एसडीओ ब्रह्मजीत देशवाल और जेई शेरसिंह एवं अन्य कर्मचारियों के साथ पंचायत में पहुंचे। कर्मचारी किसानों से बदत्तमीजी करने लगे और भाकियू के खिलाफ ही धरना देने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होती देखते थाना प्रभारी कर्णपाल सिंह मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवाया। उन्होंने बताया कि भाकियू ने कोई भी गलत नहीं किया है जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वो सभी निराधार हैं। अब निर्णय लिया गया कि जब तक ब्रह्मजीत देशवाल एवं जेई शेरसिंह, कर्मचारी दिनेश, अनिल का यहां से तबादला नहीं हो जाता है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में कल एक किसान पंचायत एक्सईएन और एससी से मुलाकात करेगी।