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बीज में कमी होने के कारण किसानों को हुआ भारी नुकसान
Updated Sat, 21 Apr 2018 01:05 AM IST
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बीज में कमी होने के कारण किसानों का नुकसान, मांगा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम।
गांव खरकड़ी के किसानों ने बीज में कमी होने के कारण टमाटरों की बिक्री नहीं होसे से प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
खरकड़ी माखवान निवासी किसान प्रदीप, सोमबीर, रविंद्र कुमार, रामचंद्र, सत्यवान, लाजपत, अरविंद आदि ने बताया कि उन्होंने सरकारी बीज केंद्र से टमाटर का 1004 नंबर किस्म का बीज खरीदा था। फल के समय इस किस्म के पौधे के बिल्कुल छोटे-छोटे टमाटर लगे जोकि मंडी में बेचने लायक नहीं है। किसानों का कहना है कि अगर मंडी में चार सौ कैरेट टमाटर की लेकर जाई जाती है तो उसमें 100 कैरेट ही बिक पाती है, बाकी टमाटर खराब जाता है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें टमाटर का भाव तक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हिसार मंडी में टमाटर बेचने के लिए जाते हैं तो उन्हें गेट पास तक नहीं मिलता है और न ही जे फार्म मिल रहा है। किसानों का कहना है उनका टमाटर खेतों में ही सड़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि कोई सरकार का कोई प्रतिनिधि आकर उनके टमाटर की खेती का सर्वे करे व उनको उचित मुआवजा दिलवाया जाए ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। वहीं इस किसानों ने इस मामले में डीएचओ को फोन कर अवगत करवाया। डीएचओ ने किसानों को टेक्निकल प्रतिनिधि भेज कर समस्या के बारे में जानकारी देने की बात कही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम।
गांव खरकड़ी के किसानों ने बीज में कमी होने के कारण टमाटरों की बिक्री नहीं होसे से प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
खरकड़ी माखवान निवासी किसान प्रदीप, सोमबीर, रविंद्र कुमार, रामचंद्र, सत्यवान, लाजपत, अरविंद आदि ने बताया कि उन्होंने सरकारी बीज केंद्र से टमाटर का 1004 नंबर किस्म का बीज खरीदा था। फल के समय इस किस्म के पौधे के बिल्कुल छोटे-छोटे टमाटर लगे जोकि मंडी में बेचने लायक नहीं है। किसानों का कहना है कि अगर मंडी में चार सौ कैरेट टमाटर की लेकर जाई जाती है तो उसमें 100 कैरेट ही बिक पाती है, बाकी टमाटर खराब जाता है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें टमाटर का भाव तक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हिसार मंडी में टमाटर बेचने के लिए जाते हैं तो उन्हें गेट पास तक नहीं मिलता है और न ही जे फार्म मिल रहा है। किसानों का कहना है उनका टमाटर खेतों में ही सड़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि कोई सरकार का कोई प्रतिनिधि आकर उनके टमाटर की खेती का सर्वे करे व उनको उचित मुआवजा दिलवाया जाए ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। वहीं इस किसानों ने इस मामले में डीएचओ को फोन कर अवगत करवाया। डीएचओ ने किसानों को टेक्निकल प्रतिनिधि भेज कर समस्या के बारे में जानकारी देने की बात कही है।