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बैंक की छमाही बैठक में हिंदी भाषा में कार्य करने पर हुई समीक्षा
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:52 AM IST
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बैंक की छमाही बैठक में हिंदी भाषा में कार्य करने की समीक्षा
फोटो: 09
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
जिला के लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक में बुधवार को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की छमाही बैठक में बैंक व अन्य विभागों में हिंदी भाषा में कार्य करने की समीक्षा की गई। रोहतक क्षेत्र से राजभाषा अधिकारी आशा खत्री ने मुख्य अतिथि थीं और अध्यक्षता लीड बैंक मैनेजर आशा देसाई ने की। बैठक का संचालन बैंक उप प्रबंधक धर्मबीर दहिया ने किया। बैठक में राजभाषा अधिकारी खत्री ने कहा कि बैंक प्रतिनिधि बैंक व कार्यालय में आने वाले लोगों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित करें और स्वयं भी हिंदी में ही कार्य करें। उन्होंने कहा कि फिलहाल बैंकों में लगभग 80 प्रतिशत कार्य हिंदी में किया जा रहा है। हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। देसाई ने कहा कि हिंदी ऐसी भाषा है, जिसको कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी आसानी से समझ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हिंदी में ही कार्य किया जाए। इस दौरान भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के प्रतिनिधियों ने नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का सदस्य बनाने की अपील की। बैठक में भारत दूर संचार निगम, रेलवे, आबकारी एवं कराधान विभाग सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
जिला के लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक में बुधवार को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की छमाही बैठक में बैंक व अन्य विभागों में हिंदी भाषा में कार्य करने की समीक्षा की गई। रोहतक क्षेत्र से राजभाषा अधिकारी आशा खत्री ने मुख्य अतिथि थीं और अध्यक्षता लीड बैंक मैनेजर आशा देसाई ने की। बैठक का संचालन बैंक उप प्रबंधक धर्मबीर दहिया ने किया। बैठक में राजभाषा अधिकारी खत्री ने कहा कि बैंक प्रतिनिधि बैंक व कार्यालय में आने वाले लोगों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित करें और स्वयं भी हिंदी में ही कार्य करें। उन्होंने कहा कि फिलहाल बैंकों में लगभग 80 प्रतिशत कार्य हिंदी में किया जा रहा है। हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। देसाई ने कहा कि हिंदी ऐसी भाषा है, जिसको कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी आसानी से समझ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हिंदी में ही कार्य किया जाए। इस दौरान भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के प्रतिनिधियों ने नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का सदस्य बनाने की अपील की। बैठक में भारत दूर संचार निगम, रेलवे, आबकारी एवं कराधान विभाग सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।