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कोर्ट ने दिए तुरंत नालों की सफाई के निर्देश
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
कचरे के ढेर पर शहर को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को कोर्ट में वकीलों में बहस हुई। जनहित याचिका दायर करने वाली अधिवक्ता मंजू शर्मा के अधिवक्ता, नप के अधिवक्ता और हुडा के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष अपने-अपने तर्क रखे। फाइनल बहस के बाद अब न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। अगले सप्ताह फैसला सुनाया जाएगा।
शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। गंदगी से लोग परेशान हैं। आए दिन वे नारेबाजी कर रोष जता रहे हैं। कभी पतराम गेट पर नारेबाजी होत है तो कभी पटेल नगर में। लोगों के लिए परेशानी बने कचरे से निजात पाने के लिए अधिवक्ता मंजू शर्मा ने जनहित याचिका दायर की थी। यह मामला हुडा के जवाब नहीं देने के कारण पहले लटक गया था। पिछले सप्ताह ही हुडा ने जवाब दिया है। नगर परिषद और हुडा दोनों ही शहर में गंदगी के लिए अपना पल्ला झाड़ते हुए आमजन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
कोर्ट ने मामले में मंगलवार का दिन बहस के लिए निर्धारित किया था। मंगलवार को तीनों वकीलों में सफाई के मुद्दे को लेकर बहस हुई। तीनों वकीलों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। अगले सप्ताह इस मामले में फैसला सुनाया जाएगा। मामले में मंजू शर्मा के अधिवक्ता प्रवीण अत्री ने बताया कि गंदगी के मसले पर बहस हुई है। अंतिम बहस हो चुकी है और अब फैसला सुरक्षित रखा गया है। अदालत ने फिलहाल बरसाती नालों की तुरंत सफाई के निर्देश दिए हैं।
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जगह-जगह कचरे के ढेर, नहीं हो रहा उठान
शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। कचरे का उठान नहीं हो रहा। शहर की पॉश कॉलोनी सेक्टर 13, 23 में भी गंदगी के ढेर लगे हैं। सेक्टरों में मुख्य मार्गों और खाली प्लॉटों में कचरे का अंबार लगा है। सेक्टर-13 में पीर बाबा मंदिर के पीछे कचरे का डंप प्वाइंट होने के कारण हर तरफ कचरा नजर आ रहा है।
29 जून को आना था मानसून, 11 जुलाई तक नाले नहीं हुए साफ
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 29 जून को मानसून आना था। गनीमत है कि अभी तक नहीं आया। वरना शहरवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती। यह बात अधिवक्ता प्रवीण अत्री ने कोर्ट में कही। उन्होंने कहा कि मानसून का समय शुरू हो चुका है। अभी तक नालों की सफाई नहीं हुई है। इसके बाद कोर्ट ने नालों की सफाई तुरंत करने के निर्देश दिए हैं।
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भिवानी।
कचरे के ढेर पर शहर को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को कोर्ट में वकीलों में बहस हुई। जनहित याचिका दायर करने वाली अधिवक्ता मंजू शर्मा के अधिवक्ता, नप के अधिवक्ता और हुडा के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष अपने-अपने तर्क रखे। फाइनल बहस के बाद अब न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। अगले सप्ताह फैसला सुनाया जाएगा।
शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। गंदगी से लोग परेशान हैं। आए दिन वे नारेबाजी कर रोष जता रहे हैं। कभी पतराम गेट पर नारेबाजी होत है तो कभी पटेल नगर में। लोगों के लिए परेशानी बने कचरे से निजात पाने के लिए अधिवक्ता मंजू शर्मा ने जनहित याचिका दायर की थी। यह मामला हुडा के जवाब नहीं देने के कारण पहले लटक गया था। पिछले सप्ताह ही हुडा ने जवाब दिया है। नगर परिषद और हुडा दोनों ही शहर में गंदगी के लिए अपना पल्ला झाड़ते हुए आमजन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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कोर्ट ने मामले में मंगलवार का दिन बहस के लिए निर्धारित किया था। मंगलवार को तीनों वकीलों में सफाई के मुद्दे को लेकर बहस हुई। तीनों वकीलों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। अगले सप्ताह इस मामले में फैसला सुनाया जाएगा। मामले में मंजू शर्मा के अधिवक्ता प्रवीण अत्री ने बताया कि गंदगी के मसले पर बहस हुई है। अंतिम बहस हो चुकी है और अब फैसला सुरक्षित रखा गया है। अदालत ने फिलहाल बरसाती नालों की तुरंत सफाई के निर्देश दिए हैं।
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जगह-जगह कचरे के ढेर, नहीं हो रहा उठान
शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। कचरे का उठान नहीं हो रहा। शहर की पॉश कॉलोनी सेक्टर 13, 23 में भी गंदगी के ढेर लगे हैं। सेक्टरों में मुख्य मार्गों और खाली प्लॉटों में कचरे का अंबार लगा है। सेक्टर-13 में पीर बाबा मंदिर के पीछे कचरे का डंप प्वाइंट होने के कारण हर तरफ कचरा नजर आ रहा है।
29 जून को आना था मानसून, 11 जुलाई तक नाले नहीं हुए साफ
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 29 जून को मानसून आना था। गनीमत है कि अभी तक नहीं आया। वरना शहरवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती। यह बात अधिवक्ता प्रवीण अत्री ने कोर्ट में कही। उन्होंने कहा कि मानसून का समय शुरू हो चुका है। अभी तक नालों की सफाई नहीं हुई है। इसके बाद कोर्ट ने नालों की सफाई तुरंत करने के निर्देश दिए हैं।