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ेयरी विकास प्रशिक्षण में दी पशुपालन की जानकारी
Updated Thu, 06 Jul 2017 01:28 AM IST
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डेयरी विकास में नई तकनीकों का उपयोग करें
अमर उजाला ब्यूरो
बहल।
आरएसईटीआई भिवानी एवं बीआरएचडी ट्रस्ट बहल के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे डेयरी विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में पशुपालन व्यवसाय के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को बताया गया कि नई तकनीकों से किस प्रकार वे पशुओं की सही ढंग से देखभाल कर अपने व्यवसाय को बेहतर बना सकते हैं। बीआरसीएम स्कील डिवलेपमेंट ट्रेनिंग सेंटर में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में आरएसईटीआई भिवानी के निदेशक डीपी तलेजा ने बताया कि पशुपालन एक सामान्य व्यवसाय न होकर एक बड़े व्यवसाय के रूप में सामने आया है। इसमें किसान कृषि के साथ इसे अपनाकर अपनी आजीविका को और बेहतर बना सकते हैं। पशुपालन व्यवसाय में दूध उत्पादन, दूध से विभिन्न उत्पाद बनाकर बेहतर मार्केटिंग के तौर तरीके बताए गए और उनको पशुओं की देखभाल के बारे में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों की विभिन्न ऋण स्कीमों के बारे भी बताया गया। इस अवसर पर नाबार्ड के सोमन पूनिया, सुरेश कुमार, एसके लांबा, सोमवीर सिंह बेनीवाल, रेणु आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
बहल।
आरएसईटीआई भिवानी एवं बीआरएचडी ट्रस्ट बहल के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे डेयरी विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में पशुपालन व्यवसाय के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को बताया गया कि नई तकनीकों से किस प्रकार वे पशुओं की सही ढंग से देखभाल कर अपने व्यवसाय को बेहतर बना सकते हैं। बीआरसीएम स्कील डिवलेपमेंट ट्रेनिंग सेंटर में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में आरएसईटीआई भिवानी के निदेशक डीपी तलेजा ने बताया कि पशुपालन एक सामान्य व्यवसाय न होकर एक बड़े व्यवसाय के रूप में सामने आया है। इसमें किसान कृषि के साथ इसे अपनाकर अपनी आजीविका को और बेहतर बना सकते हैं। पशुपालन व्यवसाय में दूध उत्पादन, दूध से विभिन्न उत्पाद बनाकर बेहतर मार्केटिंग के तौर तरीके बताए गए और उनको पशुओं की देखभाल के बारे में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों की विभिन्न ऋण स्कीमों के बारे भी बताया गया। इस अवसर पर नाबार्ड के सोमन पूनिया, सुरेश कुमार, एसके लांबा, सोमवीर सिंह बेनीवाल, रेणु आदि मौजूद रहे।