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ग्रांट जारी होने के बाद भी शहर में नहीं लगी तीसरी आंख
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:46 AM IST
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ग्रांट जारी होने के बाद भी शहर में नहीं लगी तीसरी आंख
भिवानी। दो साल पहले शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सांसद ने अपने कोष से 15 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी। सांसद निधि से 15 लाख का चेक भी जारी हो गया, लेकिन सीसीटीवी कैमरे की खरीद नहीं हुई और राशि लैप्स हो गई। प्रशासन की सुस्ती के बाद सामाजिक संगठन की ओर से लगाए गए कैमरे भी बंद हो गए। आलम यह है कि रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं।
माल गोदाम रोड पर व्यापारी से 33 लाख रुपये की लूट और कुछ समय बाद रेलवे स्टेशन के पास होटल संचालक पर फायरिंग की वारदात के बाद शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवाज बुलंद हुई। इस आवाज की अगुवा बनी भिवानी महापंचायत ने रेलवे स्टेशन के बाहर छह कैमरे लगाए। इसके बाद रोहतक गेट चौक पर कैमरे लगे। इसी दौरान सांसद धर्मबीर सिंह ने भिवानी शहर के साथ-साथ चरखी दादरी शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 15 लाख रुपये की ग्रांट की घोषणा की। इसके बाद एडीसी ऑफिस ने पुलिस विभाग को 30 अक्तूबर 2015 को 15 लाख का चेक भी जारी कर दिया। पुलिस विभाग ने यह कहते हुए चेक लौटा दिया कि महकमे का अकाउंट नहीं है। यह फाइल काफी दिन इधर से उधर घूमती रही और आखिरकार 31 मार्च 2016 को राशि लैप्स हो गई।
इसके बाद सीसीटीवी कैमरे लगाने की मुहिम भी ठंडी पड़ गई। अब स्थिति यह है कि रेलवे स्टेशन के बाहर लगे कैमरे बंद हो चुके हैं। कुछेक लगे दिख जरूर रहे हैं, लेकिन उनके कहीं कनेक्शन नहीं हैं। रोहतक गेट चौक पर कैमरे भी नदारद हैं। हांसी गेट मार्केट की ओर से 34-35 कैमरे लगाए गए थे, इनमें आठ कैमरे चौक की चारों दिशाओं में लगे थे। आज सभी बंद पड़े हैं।
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सर्वर रखवाने को नहीं है कोई तैयार
हांसी गेट मार्केट ने अपने बूते पर दो लाख रुपये खर्च कर लगभग 35 कैमरे लगवाए। जिस दुकानदार ने सर्वर लगाया था, बाद में उसने हटवा दिया। इसकी वजह बताई गई कि हर रोज कोई न कोई फुटेज देखने आने लगा, इससे हुई परेशानी के बाद सर्वर उठवा दिया। नतीजतन चौक पर लगे आठ कैमरे बंद हैं।
रेलवे स्टेशन के बाहर लगे सभी कैमरे लंबे समय से बंद हैं। सभी के तार बंदरों ने उखाड़ दिए और कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। अब दोबारा इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यहां सीसीटीवी कैमरे लगाने बेहद जरूरी है। प्रशासन को इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
कृष्ण कुमार, प्रधान, रेलवे स्टेशन रोड मार्केट
एक बार तो जोश-शोर से कैमरे लगाए गए, लेकिन बाद में किसी ने प्रयास नहीं किए। सांसद की ओर से जारी की गई 15 लाख की ग्रांट से कैमरों की खरीद होनी चाहिए थी। ग्रांट का लैप्स होना दुर्भाग्यपूर्ण है। व्यापारी और आमजन की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाना जरूरी है।
भानू प्रकाश, अध्यक्ष-व्यापार मंडल, भिवानी
हांसी गेट चौक पर लग आठ कैमरे नहीं चल रहे हैं, बाकी मार्केट के भीतर लगे कैमरे चालू हालत में हैं। बंद कैमरों को जल्द चलाया जाएगा।
प्रेम धमीजा, प्रधान, हांसी गेट मार्केट
शहर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे के लिए नगर परिषद ने विचार किया है। पहले से चल रहे प्रोजेक्ट को पूरा करने पर परिषद का फिलहाल फोकस है, इसके बाद परिषद कैमरे लगाएगी।
रण सिंह यादव, प्रधान नगर परिषद, भिवानी
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भिवानी। दो साल पहले शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सांसद ने अपने कोष से 15 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी। सांसद निधि से 15 लाख का चेक भी जारी हो गया, लेकिन सीसीटीवी कैमरे की खरीद नहीं हुई और राशि लैप्स हो गई। प्रशासन की सुस्ती के बाद सामाजिक संगठन की ओर से लगाए गए कैमरे भी बंद हो गए। आलम यह है कि रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं।
माल गोदाम रोड पर व्यापारी से 33 लाख रुपये की लूट और कुछ समय बाद रेलवे स्टेशन के पास होटल संचालक पर फायरिंग की वारदात के बाद शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवाज बुलंद हुई। इस आवाज की अगुवा बनी भिवानी महापंचायत ने रेलवे स्टेशन के बाहर छह कैमरे लगाए। इसके बाद रोहतक गेट चौक पर कैमरे लगे। इसी दौरान सांसद धर्मबीर सिंह ने भिवानी शहर के साथ-साथ चरखी दादरी शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 15 लाख रुपये की ग्रांट की घोषणा की। इसके बाद एडीसी ऑफिस ने पुलिस विभाग को 30 अक्तूबर 2015 को 15 लाख का चेक भी जारी कर दिया। पुलिस विभाग ने यह कहते हुए चेक लौटा दिया कि महकमे का अकाउंट नहीं है। यह फाइल काफी दिन इधर से उधर घूमती रही और आखिरकार 31 मार्च 2016 को राशि लैप्स हो गई।
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इसके बाद सीसीटीवी कैमरे लगाने की मुहिम भी ठंडी पड़ गई। अब स्थिति यह है कि रेलवे स्टेशन के बाहर लगे कैमरे बंद हो चुके हैं। कुछेक लगे दिख जरूर रहे हैं, लेकिन उनके कहीं कनेक्शन नहीं हैं। रोहतक गेट चौक पर कैमरे भी नदारद हैं। हांसी गेट मार्केट की ओर से 34-35 कैमरे लगाए गए थे, इनमें आठ कैमरे चौक की चारों दिशाओं में लगे थे। आज सभी बंद पड़े हैं।
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सर्वर रखवाने को नहीं है कोई तैयार
हांसी गेट मार्केट ने अपने बूते पर दो लाख रुपये खर्च कर लगभग 35 कैमरे लगवाए। जिस दुकानदार ने सर्वर लगाया था, बाद में उसने हटवा दिया। इसकी वजह बताई गई कि हर रोज कोई न कोई फुटेज देखने आने लगा, इससे हुई परेशानी के बाद सर्वर उठवा दिया। नतीजतन चौक पर लगे आठ कैमरे बंद हैं।
रेलवे स्टेशन के बाहर लगे सभी कैमरे लंबे समय से बंद हैं। सभी के तार बंदरों ने उखाड़ दिए और कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। अब दोबारा इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यहां सीसीटीवी कैमरे लगाने बेहद जरूरी है। प्रशासन को इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
कृष्ण कुमार, प्रधान, रेलवे स्टेशन रोड मार्केट
एक बार तो जोश-शोर से कैमरे लगाए गए, लेकिन बाद में किसी ने प्रयास नहीं किए। सांसद की ओर से जारी की गई 15 लाख की ग्रांट से कैमरों की खरीद होनी चाहिए थी। ग्रांट का लैप्स होना दुर्भाग्यपूर्ण है। व्यापारी और आमजन की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाना जरूरी है।
भानू प्रकाश, अध्यक्ष-व्यापार मंडल, भिवानी
हांसी गेट चौक पर लग आठ कैमरे नहीं चल रहे हैं, बाकी मार्केट के भीतर लगे कैमरे चालू हालत में हैं। बंद कैमरों को जल्द चलाया जाएगा।
प्रेम धमीजा, प्रधान, हांसी गेट मार्केट
शहर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे के लिए नगर परिषद ने विचार किया है। पहले से चल रहे प्रोजेक्ट को पूरा करने पर परिषद का फिलहाल फोकस है, इसके बाद परिषद कैमरे लगाएगी।
रण सिंह यादव, प्रधान नगर परिषद, भिवानी