{"_id":"5a1c666f4f1c1bc5758b58d5","slug":"111511810671-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेनेट्री पैड पर जीएसटी हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेनेट्री पैड पर जीएसटी हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। सेनेट्री पैड (नेपकिन्स) पर 12 प्रतिशत जीएसटी टैक्स लगाने का जनवादी महिला समिति ने डटकर विरोध किया और इसे रद्द करने की मांग की। महिलाओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
सोमवार को यहां जनवादी महिला समिति की शहरी प्रधान बिमला घनघस की अगुवाई में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कें द्र सरकार ने सेनेट्री नेपकिन्स पर टैक्स लगाकर अपनी विकृत मानसिकता प्रदर्शित की है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में 12 प्रतिशत महिलाएं ही नेपकिन्स का इस्तेमाल करती हैं और बाकी 88 प्रतिशत महंगाई के कारण इनका इस्तेमाल नहीं करती और परंपरागत तरीकों को अपनाती है जिससे उनमें बीमारियां बढ़ रही हैं। सेनेट्री पैड पर टैक्स लगाना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने टैक्स तुरंत रद्द करने और सरकार से माहवारी के दौरान महिलाओं को महीने में कम से कम दो दिन का अवकाश प्रदान करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि ये दिन महिलाओं के लिए अत्यधिक पीड़ा दायक होते हैं। इस अवसर पर जिला प्रधान शीला बलियाली, सचिव संतोष देशवाल, सरोज, बबली, सेवादेवी, शीला, कमलेश आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
सोमवार को यहां जनवादी महिला समिति की शहरी प्रधान बिमला घनघस की अगुवाई में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कें द्र सरकार ने सेनेट्री नेपकिन्स पर टैक्स लगाकर अपनी विकृत मानसिकता प्रदर्शित की है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में 12 प्रतिशत महिलाएं ही नेपकिन्स का इस्तेमाल करती हैं और बाकी 88 प्रतिशत महंगाई के कारण इनका इस्तेमाल नहीं करती और परंपरागत तरीकों को अपनाती है जिससे उनमें बीमारियां बढ़ रही हैं। सेनेट्री पैड पर टैक्स लगाना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने टैक्स तुरंत रद्द करने और सरकार से माहवारी के दौरान महिलाओं को महीने में कम से कम दो दिन का अवकाश प्रदान करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि ये दिन महिलाओं के लिए अत्यधिक पीड़ा दायक होते हैं। इस अवसर पर जिला प्रधान शीला बलियाली, सचिव संतोष देशवाल, सरोज, बबली, सेवादेवी, शीला, कमलेश आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन