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बिना अतिक्रमण हटे, आफत बन सकते डिवाइडर
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:52 AM IST
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फ्रीगंज रोड पर डिवाइडर बनाने का कार्य शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने के मकसद से करोड़ों रुपये की लागत से कैंट में सड़कों की तस्वीर बदली जा रही है, सड़कों को पक्का किया जा रहा है और कैंट के मुख्य बाजारों में भी सड़कों को डिवाइडर में बांटा जा रहा है। लेकिन म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) के इन प्रयासों को बाजारों में बेखौफ सड़कों पर काबिज अतिक्रमणकारी बड़ी चुनौती दे रहे हैं। क्योंकि ये अतिक्रमणकारी सड़कों से न तो हटने को तैयार हैं और न ही सरकारी सड़कें छोडने को। लिहाजा एमसीए के ट्रैफिक कंट्रोल के ये प्रयास भी कहीं लोगों के लिए आफत न बन जाएं?
बाजारों को जाम से मुक्ति दिलवाने के तीन प्रयास
-अंबाला के तमाम मुख्य बाजार इस वक्त जबरदस्त ट्रैफिक की जद में हैं, यहां जाम, आम बात है, लेकिन एमसीए इन्हे कंट्रोल करने का प्रयास कर रहा है
- पहला प्रयास में रेलवे रोड मार्केट को स्वास्तिक चौक से विजय रत्न चौक सड़क में डिवाइडर बनाया गया है
- दूसरे प्रयास में राय मार्केट कों गोलचक्कर से विजय रत्न चौक तक डिवाइडर में बांटा जा रहा है
- तीसरे प्रयास में निकलसन रोड मार्केट को गीता गोपाल चौंक से सदर बाजार चौक डिवाइडर में बांटा जा रहा है
- एमसीए अफसरों का दावा है कि इन सभी सड़कों पर डिवाइडर बनने के बाद यहां ट्रैफिक काफी हद तक कंट्रोल होगा और जाम से मुक्ति मिलेगी
प्रयासों के समक्ष ये अतिक्रमण बना चुनौती
-पहले प्रयास की पहली चुनौती यह है कि रेलवे रोड मार्केट में डिवाइडर तो बना दिया, लेकिन आसपास दुकानदार आज भी सड़कों पर काबिज है, जिस वजह से यहां से गुजरना बहुत मुश्किल हो रहा है
- दूसरे प्रयास की दूसरी चुनौती यह कि राय मार्केट में डिवाइडर बनने के बाद राहत आफत बनती दिख रही है, क्योंकि दुकानदार यहां पांच से दस फीट तक सड़कों पर काबिज है, कूलर, गद्दे, फ्रिज, फर्राटा पंखे से लेकर अन्य इलेक्ट्रानिक आइटमें सड़कों पर आराम से रखी हुई हैं और बाजार में जाम की स्थिति बनी रहती है
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-तीसरे प्रयास की तीसरी चुनौती निकलसन रोड मार्केट में हैं, यहां भी अतिक्रमणकारियों के हौसले बहुत ज्यादा बुलंद है। यहां भी दुकानदार कई-कई फीट सड़कों पर काबिज है और डिवाइडर के बावजूद जाम का कारण बन रहे हैं।
बजाजा बाजार का प्रयास रहा फेल
एमसीए ने यह प्रयास सबसे पहले अंबाला कैंट के बजाजा बाजार में किया था। प्रयास अच्छा था, लेकिन पुलिस प्रशासन और एमसीए प्रशासन की ढिलाई की वजह से फेल हो गया। इस बाजार में भी रोड डिवाइडर बनाया गया, लेकिन ये बाजार आज पार्किंग बन गया। डिवाइडर के दोनों ओर लोग आराम से कारें खड़ी करके बाजार मे निकल पड़ते हैं, जबकि दूसरी ओर दोनों तरफ दुकानदार कई फीट तक अपने सामान के साथ सड़कों पर काबिज है, अब इस बाजार से निकले के लिए जगह केवल गलीनुमा बचती है, जिस वजह से यहां जबरदस्त जाम बना रहता है।
अफसरों से करेंगे बातचीत
कैंट के मुख्य बाजारों में रोड डिवाइडर बनवाकर जाम से इन बाजारों को मुक्ति दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। हां, अभी दुकानदार पीछे नहीं हट रहे हैं। इसके लिए एमसीए अफसरों से बातचीत कर अतिक्रमणकारियों को भी पीछे खदेडने पर काम किया जाएगा। अभी जरा डिवाइडर का काम पूरा हो जाए, उसके बाद अतिक्रमण भी हटेगा।
-रमेश लालमल, मेयर, एमसीए
रोड डिवाइडर से बाजारों में लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन उसके लिए जरूरी है कि सड़कों पर काबिज अतिक्रमणकारियों को पीछे किया जाए। इस बाबत एमसीए विचार विर्मश कर रहा है। आगामी सदन की बैठक में इस पर भी चरचा की जाएगी। क्योंकि रोड डिवाइडर का मकसर लोगों को राहत देना है न कि आफत देना।
-दुर्गा सिंह अत्रेय, सीनियर डिप्टी मेयर, एमसीए
अंबाला कैंट के बाजारों में अतिक्रमण व जाम की समस्या दशकों पुरानी है। इसके लिए एमसीए स्टाफ ही जिम्मेवार है। क्योंकि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एमसीए कभी सख्त कदम उठाता ही नहीं। महीने में एक बार टीम निकलती है और उस वक्त सभी दुकानदार पीछे हट जाते हैं। ये मुहिम यदि रोजाना चलाई जाए, तो निसंदेह बाजारों से अतिक्रमण की समस्या खत्म होगी।
-सुधीर जयसवाल, डिप्टी मेयर, एमसीए
जनसाधारण के सुझाव
समाज सेवी दवा कारोबारी संजीव गुप्ता, सुनील वर्मा, आनंद मोहन शुक्ला, राजीव लांबा, उमेश सहगल, कर्ण टंडल, कमल धीमान, विनोद धीमान का कहना है कि एमसीए बाजारों में डिवाइडर सिस्टम बनवा रही है, ये ठीक है, लेकिन इससे पहले बाजारों में कई-कई फीट तक सड़कों पर काबिज दुकानदारों को तो पीछे करवाया जाए। इन दुकानदारों की वजह से आज डिवाइडर बनने के बाद सड़क पर चलने की जगह ही बहुत कम रह गई है। ऐसे में यदि एक कार भी इसमें फंस जाए, तो जाम लग जाएगा। दूसरी ओर, दुकानों पर आने वाले ग्राहक भी अपने वाहन बेतरतीब ढंग से सड़कों पर खड़ा कर देते हैं। लेकिन कसूर उनका भी नहीं है, क्योंकि पहले से ही दुकानदार ने सड़कों पर कब्जा किया होता है, लिहाजा ग्राहक को भी अपना वाहन उन कब्जों के आगे खड़ा करना पड़ता है, जिस वजह से सड़क और संकीर्ण हो जाती है। लोगों ने बताया कि यहां से गुजरने वाले लोग यदि दुकानदारों को सामान पीछे करने को कहते हैं तो दुकानदार उल्टा कहने वालों से ही उलझ जाते हैं। लोगों ने एमसीए अफसरों व मेयर से आग्रह किया है कि जब तक अतिक्रमणकारियों को सड़कों से पीछे नहीं खदेड़ा जाता, तब तक एमसीए के ये प्रयास भी जनता के लिए सिरदर्द और आफत बने रहेंगे।
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बाजारों को जाम से मुक्ति दिलवाने के तीन प्रयास
-अंबाला के तमाम मुख्य बाजार इस वक्त जबरदस्त ट्रैफिक की जद में हैं, यहां जाम, आम बात है, लेकिन एमसीए इन्हे कंट्रोल करने का प्रयास कर रहा है
- पहला प्रयास में रेलवे रोड मार्केट को स्वास्तिक चौक से विजय रत्न चौक सड़क में डिवाइडर बनाया गया है
- दूसरे प्रयास में राय मार्केट कों गोलचक्कर से विजय रत्न चौक तक डिवाइडर में बांटा जा रहा है
- तीसरे प्रयास में निकलसन रोड मार्केट को गीता गोपाल चौंक से सदर बाजार चौक डिवाइडर में बांटा जा रहा है
- एमसीए अफसरों का दावा है कि इन सभी सड़कों पर डिवाइडर बनने के बाद यहां ट्रैफिक काफी हद तक कंट्रोल होगा और जाम से मुक्ति मिलेगी
प्रयासों के समक्ष ये अतिक्रमण बना चुनौती
-पहले प्रयास की पहली चुनौती यह है कि रेलवे रोड मार्केट में डिवाइडर तो बना दिया, लेकिन आसपास दुकानदार आज भी सड़कों पर काबिज है, जिस वजह से यहां से गुजरना बहुत मुश्किल हो रहा है
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- दूसरे प्रयास की दूसरी चुनौती यह कि राय मार्केट में डिवाइडर बनने के बाद राहत आफत बनती दिख रही है, क्योंकि दुकानदार यहां पांच से दस फीट तक सड़कों पर काबिज है, कूलर, गद्दे, फ्रिज, फर्राटा पंखे से लेकर अन्य इलेक्ट्रानिक आइटमें सड़कों पर आराम से रखी हुई हैं और बाजार में जाम की स्थिति बनी रहती है
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-तीसरे प्रयास की तीसरी चुनौती निकलसन रोड मार्केट में हैं, यहां भी अतिक्रमणकारियों के हौसले बहुत ज्यादा बुलंद है। यहां भी दुकानदार कई-कई फीट सड़कों पर काबिज है और डिवाइडर के बावजूद जाम का कारण बन रहे हैं।
बजाजा बाजार का प्रयास रहा फेल
एमसीए ने यह प्रयास सबसे पहले अंबाला कैंट के बजाजा बाजार में किया था। प्रयास अच्छा था, लेकिन पुलिस प्रशासन और एमसीए प्रशासन की ढिलाई की वजह से फेल हो गया। इस बाजार में भी रोड डिवाइडर बनाया गया, लेकिन ये बाजार आज पार्किंग बन गया। डिवाइडर के दोनों ओर लोग आराम से कारें खड़ी करके बाजार मे निकल पड़ते हैं, जबकि दूसरी ओर दोनों तरफ दुकानदार कई फीट तक अपने सामान के साथ सड़कों पर काबिज है, अब इस बाजार से निकले के लिए जगह केवल गलीनुमा बचती है, जिस वजह से यहां जबरदस्त जाम बना रहता है।
अफसरों से करेंगे बातचीत
कैंट के मुख्य बाजारों में रोड डिवाइडर बनवाकर जाम से इन बाजारों को मुक्ति दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। हां, अभी दुकानदार पीछे नहीं हट रहे हैं। इसके लिए एमसीए अफसरों से बातचीत कर अतिक्रमणकारियों को भी पीछे खदेडने पर काम किया जाएगा। अभी जरा डिवाइडर का काम पूरा हो जाए, उसके बाद अतिक्रमण भी हटेगा।
-रमेश लालमल, मेयर, एमसीए
रोड डिवाइडर से बाजारों में लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन उसके लिए जरूरी है कि सड़कों पर काबिज अतिक्रमणकारियों को पीछे किया जाए। इस बाबत एमसीए विचार विर्मश कर रहा है। आगामी सदन की बैठक में इस पर भी चरचा की जाएगी। क्योंकि रोड डिवाइडर का मकसर लोगों को राहत देना है न कि आफत देना।
-दुर्गा सिंह अत्रेय, सीनियर डिप्टी मेयर, एमसीए
अंबाला कैंट के बाजारों में अतिक्रमण व जाम की समस्या दशकों पुरानी है। इसके लिए एमसीए स्टाफ ही जिम्मेवार है। क्योंकि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एमसीए कभी सख्त कदम उठाता ही नहीं। महीने में एक बार टीम निकलती है और उस वक्त सभी दुकानदार पीछे हट जाते हैं। ये मुहिम यदि रोजाना चलाई जाए, तो निसंदेह बाजारों से अतिक्रमण की समस्या खत्म होगी।
-सुधीर जयसवाल, डिप्टी मेयर, एमसीए
जनसाधारण के सुझाव
समाज सेवी दवा कारोबारी संजीव गुप्ता, सुनील वर्मा, आनंद मोहन शुक्ला, राजीव लांबा, उमेश सहगल, कर्ण टंडल, कमल धीमान, विनोद धीमान का कहना है कि एमसीए बाजारों में डिवाइडर सिस्टम बनवा रही है, ये ठीक है, लेकिन इससे पहले बाजारों में कई-कई फीट तक सड़कों पर काबिज दुकानदारों को तो पीछे करवाया जाए। इन दुकानदारों की वजह से आज डिवाइडर बनने के बाद सड़क पर चलने की जगह ही बहुत कम रह गई है। ऐसे में यदि एक कार भी इसमें फंस जाए, तो जाम लग जाएगा। दूसरी ओर, दुकानों पर आने वाले ग्राहक भी अपने वाहन बेतरतीब ढंग से सड़कों पर खड़ा कर देते हैं। लेकिन कसूर उनका भी नहीं है, क्योंकि पहले से ही दुकानदार ने सड़कों पर कब्जा किया होता है, लिहाजा ग्राहक को भी अपना वाहन उन कब्जों के आगे खड़ा करना पड़ता है, जिस वजह से सड़क और संकीर्ण हो जाती है। लोगों ने बताया कि यहां से गुजरने वाले लोग यदि दुकानदारों को सामान पीछे करने को कहते हैं तो दुकानदार उल्टा कहने वालों से ही उलझ जाते हैं। लोगों ने एमसीए अफसरों व मेयर से आग्रह किया है कि जब तक अतिक्रमणकारियों को सड़कों से पीछे नहीं खदेड़ा जाता, तब तक एमसीए के ये प्रयास भी जनता के लिए सिरदर्द और आफत बने रहेंगे।