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वेस्टर्न कमांडर ने देखी अंबाला सेना की ताकत
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:59 AM IST
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वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को अंबाला छावनी का दौरा कर न केवल अंबाला सेना का बेस कैंप देखा, बल्कि आला अफसरों से बातचीत कर अंबाला सेना का आंकलन भी किया। हालांकि यह लेफ्टिनेंट जनरल का पहला दौरा था, लेकिन सरहद पर बने मौजूदा हालातों को देखते हुए ये दौरा काफी अहम भी माना जा रहा है।
अपने तयशुदा कार्यक्रम के तहत लेफ्टिनेंट जनरल बुधवार को अंबाला कैंटोनमेंट एरिया पहुंचे। उन्होंने यहां पहुंचकर महत्वपूर्ण यूनिटों के आला अफसरों के साथ विशेष बैठक की। इस बैठक के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल को अंबाला कैंटोनमेंट के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें यहां विभिन्न महत्वपूर्ण यूनिटों और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया।
सूत्रों के अनुसार विशेष बैठक में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सरहद पर बने तनावग्रस्त हालातों की भी चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि इसी के मद्देनजर लिहाजा लेफ्टिनेंट जनरल ने सभी अफसरों को हर तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। इस दौरान अंबाला में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई और अंबाला के अफसरों ने इस दौरान ये भी बताया कि अंबाला सेना हर तरह के हालातों से लड़ने को सक्षम है और सुरक्षा के मद्देनजर हालात भी चाक चौबंद किए जा चुके हैं। इस पर लेफ्टिनेंट जनरल ने भी अंबाला सेना के आला अफसरों को लगातार चौकसी बरतने के निर्देश दिए।
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उधर, सूत्रों ने बताया कि सेना के जवानों को भी मौजूदा स्थिति को देखते हुए निर्देश दिए जा चुके हैं, वे अपनी यूनिटों में ही तैनात रहे। कोई भी जवान बिना अनुमति यूनिट नहीं छोड़ेगा और यदि वे यूनिट से जाएगा तो विशेष अनुमति व पास लेकर ही जाएगा और जल्द यूनिट में वापस लौटेगा। जबकि जवानों और अफसरों की छुट्टियां तो पहले ही रद्द की जा चुकी हैं।
उल्लेखनीय है कि अंबाला कैंटोनमेंट उत्तर भारत का सबसे बड़ा आर्मी बेस कैंप है, इसलिए यह पाकिस्तान के हमेशा राडार पर रहता है। लिहाजा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नॉर्थ इंडिया की बड़ी छावनियों की सुरक्षा को लेकर रक्षा मंत्रालय चिंतित है, जिसमें अंबाला कैंटोनमेंट भी शामिल है। उधर, लोकल मिलिट्री अथॉरिटी के अनुसार ये दौरा लेफ्टिनेंट जनरल का रूटीन दौरा था।
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अपने तयशुदा कार्यक्रम के तहत लेफ्टिनेंट जनरल बुधवार को अंबाला कैंटोनमेंट एरिया पहुंचे। उन्होंने यहां पहुंचकर महत्वपूर्ण यूनिटों के आला अफसरों के साथ विशेष बैठक की। इस बैठक के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल को अंबाला कैंटोनमेंट के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें यहां विभिन्न महत्वपूर्ण यूनिटों और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया।
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सूत्रों के अनुसार विशेष बैठक में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सरहद पर बने तनावग्रस्त हालातों की भी चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि इसी के मद्देनजर लिहाजा लेफ्टिनेंट जनरल ने सभी अफसरों को हर तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। इस दौरान अंबाला में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई और अंबाला के अफसरों ने इस दौरान ये भी बताया कि अंबाला सेना हर तरह के हालातों से लड़ने को सक्षम है और सुरक्षा के मद्देनजर हालात भी चाक चौबंद किए जा चुके हैं। इस पर लेफ्टिनेंट जनरल ने भी अंबाला सेना के आला अफसरों को लगातार चौकसी बरतने के निर्देश दिए।
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उधर, सूत्रों ने बताया कि सेना के जवानों को भी मौजूदा स्थिति को देखते हुए निर्देश दिए जा चुके हैं, वे अपनी यूनिटों में ही तैनात रहे। कोई भी जवान बिना अनुमति यूनिट नहीं छोड़ेगा और यदि वे यूनिट से जाएगा तो विशेष अनुमति व पास लेकर ही जाएगा और जल्द यूनिट में वापस लौटेगा। जबकि जवानों और अफसरों की छुट्टियां तो पहले ही रद्द की जा चुकी हैं।
उल्लेखनीय है कि अंबाला कैंटोनमेंट उत्तर भारत का सबसे बड़ा आर्मी बेस कैंप है, इसलिए यह पाकिस्तान के हमेशा राडार पर रहता है। लिहाजा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नॉर्थ इंडिया की बड़ी छावनियों की सुरक्षा को लेकर रक्षा मंत्रालय चिंतित है, जिसमें अंबाला कैंटोनमेंट भी शामिल है। उधर, लोकल मिलिट्री अथॉरिटी के अनुसार ये दौरा लेफ्टिनेंट जनरल का रूटीन दौरा था।