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जलभराव : हजारों कट्टे गेहूं-चावल सड़ा
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अंबाला सिटी। मानकपुर और बांके बिहारी स्थित फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के गोदाम में 10 जुलाई को बाढ़ का पानी घुसने से गेहूं और चावल के कट्टे डूब गए। चार-पांच दिन तक इसकी किसी ने सुध नहीं ली। इसके बाद पानी कम होने पर नुकसान देखकर सभी हैरान रह गए।
स्थानीय स्तर पर जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि लगभग 5000 कट्टे गेहूं के और 6000 कट्टे चावल के पानी में डूबने से खराब हो गए हैं। इसके साथ ही कागजी रिकॉर्ड भी पानी में डूबने से खराब हो गया। गोदाम से पानी निकलने के बाद एफसीआई ने तेजी दिखाते हुए यहां रखे खाद्यान्न को 40 से अधिक ट्रकों में असम भेज दिया। गौरतलब है कि अंबाला से कई राज्यों में खाद्यान्न एफसीआई के माध्यम से सप्लाई किया जाता है। हालांकि एफसीआई गोदाम के लिए सिर्फ मानकपुर ही नहीं, बल्कि अन्य कई स्थानों पर भी व्यवस्था थी, मगर कुछ समय पहले निर्णय लिया गया कि मानकपुर एफसीआई के गोदाम में स्टॉक रखा जाएगा। बाकी अन्य स्थानों को छोड़ दिया गया, जबकि मानकपुर लो लाइन एरिया के तहत आने वाले गोदामों में से एक था। अगर पहले से चयनित किए जाते रहे अन्य गोदामों में स्टॉक रखा होता तो शायद बच सकता था।
दुखेड़ी स्थित एफसीआई के गोदाम पर भी जलभराव की स्थिति पैदा नहीं हुई इसलिए वहां भी खाद्यान्न का स्टॉक ठीक रहा। ऐसे में कहीं न कहीं जब मानकपुर स्थित गोदाम में स्टॉक रखने पर विभागीय अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं सूत्रों के अनुसार, बाढ़ के पानी में खराब हुए गेहूं और चावल को पहले दिल्ली भेजने की योजना थी, लेकिन अचानक से असम में खाद्यान्न भेजने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके साथ ही लो लाइन एरिया के गोदाम में इतना स्टॉक रखना भी एफसीआई प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है।
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सड़े अनाज से आ रही दुर्गंध, अब अलग करने में जुटे कर्मीमानकपुर के एफसीआई गोदाम में देखने पर पता चला कि यहां पर गेहूं पानी में डूबने से खराब हो गया है। तापमान अधिक होने से सड़े
अनाज से दुर्गंध भी आ रही। खराब हुए खाद्यान्न को तेजी से कर्मचारी अलग-अलग करने का काम करते दिखाई दिए। स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों ने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत खाद्यान्न बर्बाद हुआ है।
प्रश्न- अंबाला के मानकपुर और दुखेड़ी में कितने स्टॉक को नुकसान हुआ है
जवाब- अभी नुकसान की रिपोर्ट नहीं आई है, बाढ़ का पानी निकलने के बाद हमने खाद्यान्न को डिस्पैच करा दिया है।
प्रश्न- यह खाद्यान्न मानकपुर से कहां डिस्पैच कराया गया है
जवाब- यह उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाता है यह हम नहीं बता सकते हैं
प्रश्न- बताया जाता है कि लो लाइन एरिया होने के बावजूद इस गोदाम को चुना गया, जबकि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में रखने का नियम नहीं है
जवाब- यहां 12 साल से कभी बाढ़ नहीं आई, अब जब पूरा अंबाला डूब गया तो यह कैसे बच सकता था। इस गोदाम को तय करने का काम पहले ही बोर्ड ने किया था।
प्रश्न- अब जो खाद्यान्न खराब हो गया है उसका क्या किया जाएगा
जवाब- जो खाद्यान्न खराब हुआ है उसको लेकर विभाग आगे निर्णय लेगा।
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स्थानीय स्तर पर जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि लगभग 5000 कट्टे गेहूं के और 6000 कट्टे चावल के पानी में डूबने से खराब हो गए हैं। इसके साथ ही कागजी रिकॉर्ड भी पानी में डूबने से खराब हो गया। गोदाम से पानी निकलने के बाद एफसीआई ने तेजी दिखाते हुए यहां रखे खाद्यान्न को 40 से अधिक ट्रकों में असम भेज दिया। गौरतलब है कि अंबाला से कई राज्यों में खाद्यान्न एफसीआई के माध्यम से सप्लाई किया जाता है। हालांकि एफसीआई गोदाम के लिए सिर्फ मानकपुर ही नहीं, बल्कि अन्य कई स्थानों पर भी व्यवस्था थी, मगर कुछ समय पहले निर्णय लिया गया कि मानकपुर एफसीआई के गोदाम में स्टॉक रखा जाएगा। बाकी अन्य स्थानों को छोड़ दिया गया, जबकि मानकपुर लो लाइन एरिया के तहत आने वाले गोदामों में से एक था। अगर पहले से चयनित किए जाते रहे अन्य गोदामों में स्टॉक रखा होता तो शायद बच सकता था।
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दुखेड़ी स्थित एफसीआई के गोदाम पर भी जलभराव की स्थिति पैदा नहीं हुई इसलिए वहां भी खाद्यान्न का स्टॉक ठीक रहा। ऐसे में कहीं न कहीं जब मानकपुर स्थित गोदाम में स्टॉक रखने पर विभागीय अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं सूत्रों के अनुसार, बाढ़ के पानी में खराब हुए गेहूं और चावल को पहले दिल्ली भेजने की योजना थी, लेकिन अचानक से असम में खाद्यान्न भेजने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके साथ ही लो लाइन एरिया के गोदाम में इतना स्टॉक रखना भी एफसीआई प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है।
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सड़े अनाज से आ रही दुर्गंध, अब अलग करने में जुटे कर्मीमानकपुर के एफसीआई गोदाम में देखने पर पता चला कि यहां पर गेहूं पानी में डूबने से खराब हो गया है। तापमान अधिक होने से सड़े
अनाज से दुर्गंध भी आ रही। खराब हुए खाद्यान्न को तेजी से कर्मचारी अलग-अलग करने का काम करते दिखाई दिए। स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों ने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत खाद्यान्न बर्बाद हुआ है।
प्रश्न- अंबाला के मानकपुर और दुखेड़ी में कितने स्टॉक को नुकसान हुआ है
जवाब- अभी नुकसान की रिपोर्ट नहीं आई है, बाढ़ का पानी निकलने के बाद हमने खाद्यान्न को डिस्पैच करा दिया है।
प्रश्न- यह खाद्यान्न मानकपुर से कहां डिस्पैच कराया गया है
जवाब- यह उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाता है यह हम नहीं बता सकते हैं
प्रश्न- बताया जाता है कि लो लाइन एरिया होने के बावजूद इस गोदाम को चुना गया, जबकि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में रखने का नियम नहीं है
जवाब- यहां 12 साल से कभी बाढ़ नहीं आई, अब जब पूरा अंबाला डूब गया तो यह कैसे बच सकता था। इस गोदाम को तय करने का काम पहले ही बोर्ड ने किया था।
प्रश्न- अब जो खाद्यान्न खराब हो गया है उसका क्या किया जाएगा
जवाब- जो खाद्यान्न खराब हुआ है उसको लेकर विभाग आगे निर्णय लेगा।