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तीन साल से मुआवजे के लिए भटक रहे लोग
ब्ूयरो/अमर उजाला/ अंबाला
Updated Thu, 17 Jul 2014 12:07 AM IST
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हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) से मुआवजा लेने के लिए लोग आज भी भटक रहे हैं, जबकि ये लोग 2011 में कोर्ट केस जीत चुके हैं। बुधवार को इस मामले में हुई सुनवाई में कोर्ट ने हुडा विभाग के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए मुआवजा अगली तारीख से पहले देने के निर्देश दिए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि यदि मुआवजा नहीं दिया तो कार्रवाई होगी।
यह है मामला : कैंट शाहपुर में लोगाें की जमीन को हुडा ने अधिगृहीत किया था। इसके बदले मुआवजा 250 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब देने तय हुआ था। कुछ लोगों को मुआवजा मिल गया, लेकिन कुछ लोगों को भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। इन लोगों ने 2008 में कोर्ट में केस फाइल किया था। करीब तीन साल तक केस चला और 2011 में अदालत ने इन लोगों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए हुडा को निर्देश दिए कि वह इन लोगों को मुआवजा दे, लेकिन फैसले के तीन साल बाद भी कई लोगों को मुआवजा नहीं मिल पाया।
यह कहा लोगों ने
बब्याल के चंद्ररूप नगर के रहने वाले पीसी शर्मा ने बताया कि हुडा को 250 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से मुआवजा देना था। उनके भाई की भी जमीन अधिगृहीत की गई थी लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसी तरह उषा रानी, संत योगेंद्र नंद ने भी भुगतान के लिए भटक रहे हैं।
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यह है मामला : कैंट शाहपुर में लोगाें की जमीन को हुडा ने अधिगृहीत किया था। इसके बदले मुआवजा 250 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब देने तय हुआ था। कुछ लोगों को मुआवजा मिल गया, लेकिन कुछ लोगों को भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। इन लोगों ने 2008 में कोर्ट में केस फाइल किया था। करीब तीन साल तक केस चला और 2011 में अदालत ने इन लोगों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए हुडा को निर्देश दिए कि वह इन लोगों को मुआवजा दे, लेकिन फैसले के तीन साल बाद भी कई लोगों को मुआवजा नहीं मिल पाया।
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यह कहा लोगों ने
बब्याल के चंद्ररूप नगर के रहने वाले पीसी शर्मा ने बताया कि हुडा को 250 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से मुआवजा देना था। उनके भाई की भी जमीन अधिगृहीत की गई थी लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसी तरह उषा रानी, संत योगेंद्र नंद ने भी भुगतान के लिए भटक रहे हैं।
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