{"_id":"686502a6c2fd8c39a50a66e0","slug":"villagers-pelted-stones-on-cantonment-board-team-in-ambala-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: कैंटोनमेंट बोर्ड कर्मियों पर पत्थराव... 22 एकड़ जमीन खाली करवाने पहुंचे थे, लोगों ने बरसाए ईंट-पत्थर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: कैंटोनमेंट बोर्ड कर्मियों पर पत्थराव... 22 एकड़ जमीन खाली करवाने पहुंचे थे, लोगों ने बरसाए ईंट-पत्थर
Wed, 02 Jul 2025 03:28 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 02 Jul 2025 03:28 PM IST
सार
अंबाला में बुधवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया जब कंटौनमेंट बोर्ड की टीम 22 एकड़ जमीन खाली करवाने पहुंची। ग्रामीणों ने बोर्ड टीम के कर्मियों पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया।
विज्ञापन
ईंट से हमला करता ग्रामीण।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के अंबाला छावनी के तोपखाना परेड में कैंटोनमेंट बोर्ड की 22 एकड़ जमीन पर कब्जा लेने बुधवार को बोर्ड की टीम पहुंची। इस दौरान टीम पर स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी कर दी। पत्थरबाजी के बाद कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला तो भीड़ को तितर-बितर किया। गनीमत रही कि पत्थरबाजी में किसी को भी चोट नहीं आई।
विज्ञापन
आक्रोशित लोगों का आरोप रहा कि पिछले 100 साल से वह यहां खेती कर रहे हैं। उनकी सब्जियों की फसल भी तैयार थी। जिसे निकालने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड ने समय तक नहीं दिया। इस दौरान हम बोर्ड के कर्मचारियों से सब्जियां निकालने की गुहार भी लगाते रहे मगर इन्होंने एक नहीं सुनी। जेसीबी चलाकर 22 एकड़ में फसल को बर्बाद कर दिया। इस दौरान क्षेत्र में तनाव के हालात बने हुए हैं।
विज्ञापन
मौके पर मौजूद कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिशाषी अधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। दो साल पहले इस पर फैसला आया था। इसके बाद स्थानीय लोगों को लगातार नोटिस देकर जमीन खाली करने को कहा गया। अभी कुछ दिन पहले भी एक नोटिस दिया गया था लोगों को अपनी फसल हटाने के लिए भी कहा गया था। लोगों ने नोटिस पर ध्यान नहीं दिया। अब रक्षा मंत्रालय से जैसे ही आदेश आए तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए 22 एकड़ की जमीन पर कब्जा ले लिया गया।
विज्ञापन