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वंदे मातरम् तुष्टिकरण नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने वालों का गीत : सीएम

Sat, 08 Nov 2025 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Sat, 08 Nov 2025 02:24 AM IST
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Vande Mataram is not appeasement, but a song of those who follow the path of patriotism: CM
पुलिस लाइन मैदान में लोगों को उद्बोधन देते सीएम नायब सिंह सैनी। संवाद
अंबाला सिटी। वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर पुलिस लाइन मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सीएम नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। सीएम ने कहा कि वंदेमातरम् एक गीत नहीं है बल्कि यह भारत की आत्मा है, उसकी धड़कन है। यह भारत की एक पहचान है। वंदे मातरम् गीत हमारी मातृभूमि को मां के रूप में देखने वाली सनातन दृष्टि है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् कोई विवाद नहीं, बल्कि यह मां भारती का प्रसाद है। यह तुष्टिकरण नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने वालों का गीत है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग वंदे मातरम् पर आपत्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग भारत की संस्कृति, आत्मा और राष्ट्रीय गर्व को नहीं समझते। उन्होंने बताया कि 1923 में काकीनाडा कांग्रेस अधिवेशन में पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर को वंदे मातरम् गीत गाने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उस वर्ष कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने धार्मिक आधार पर आपत्ति जताई और कहा कि इस्लाम में संगीत वर्जित है। बाद में 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने मुस्लिम लीग नेताओं को खुश करने के लिए राष्ट्रीय गीत बदलने का निर्णय लिया।
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बाद में भी कांग्रेस और उसके नेताओं ने कई बार वंदे मातरम् के प्रति असहमति दिखाई। इसी प्रकार एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने वर्ष 2017 में मांग की थी कि स्कूलों में विद्यार्थी के लिए वंदे मातरम् गीत अनिवार्य करने वाले सर्कुलर को रद्द किया जाए। हाल ही में, तेलंगाना में भी कांग्रेस सरकार ने कहा है कि स्कूलों में वंदे मातरम् गीत अनिवार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी तरह वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने सचिवालय में वंदे मातरम् गायन पर प्रतिबंध लगाया था।
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मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पांच संकल्प लेने का किया आह्वान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपस्थित जनसमूह को पांच संकल्प लेने की अपील की। इनमें भारत प्रथम यानि हर कार्य में राष्ट्र सर्वोपरि है। इसी प्रकार तुष्टिकरण नहीं के जरिए समग्र एवं संतुलित विकास का मार्ग अपनाने का आह्वान किया, साथ ही तीसरे संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक न्याय व अवसर, सम्मान यानी समाज के हर वर्ग को समान सम्मान मिले, वहीं, स्वदेशी और नवाचार के आह्वान के रूप में आत्मनिर्भरता की तेज यात्रा का चौथा संकल्प तथा साथ ही पांचवें संकल्प के रूप में राष्ट्र विरोधी शक्तियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ये पांच संकल्प हर नागरिक के जीवन में उतरेंगे, तभी वंदे मातरम् की 150 वर्ष की यात्रा पूर्ण सार्थक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर नागरिक को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए।

पुलिस लाइन मैदान में लोगों को उद्बोधन देते सीएम नायब सिंह सैनी। संवाद

पुलिस लाइन मैदान में लोगों को उद्बोधन देते सीएम नायब सिंह सैनी। संवाद

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