{"_id":"65f37d4559f4e5637d071bd7","slug":"vaishnavi-won-in-slogan-writing-ambala-news-c-36-1-amb1003-119870-2024-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: नारा लेखन में वैष्णवी ने मारी बाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: नारा लेखन में वैष्णवी ने मारी बाजी
Fri, 15 Mar 2024 04:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 15 Mar 2024 04:12 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शहर के देव समाज कॉलेज फॉर गर्ल्स में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कविता पाठ और नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नारा लेखन प्रतियोगिता में वैष्णवी प्रथम, जसकरन कौर द्वितीय, अंशिका तृतीय रही।
कविता पाठ प्रतियोगिता में डिंपी प्रथम, महक द्वितीय, खुशप्रीत कौर, नवजोत कौर तृतीय रही। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की प्रचारक विजय गुप्ता और डॉ. शशि धमीजा ने बतौर अतिथि हिस्सा ललाय। महिला सेल और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विजय गुप्ता ने कहा कि आत्मविश्वास ही नारी का वास्तविक अलंकरण है। महिलाओं को शारीरिक,आत्मिक और सामाजिक उत्थान के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
डॉ. शशि धमीजा ने कहा कि महिलाओं के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। यदि कोई महिला दृढ़ निश्चय कर ले तो सामाजिक भेदभाव कभी भी उसके विकास में बाधक नहीं बन सकता। प्राचार्य मुक्ता अरोड़ा ने अतिथियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का आयोजन महिला सेल की प्रभारी आरती शर्मा ने किया। सहयोगीकी भूमिका प्रो. कीर्ति गुप्ता, प्रो. एकता, प्रो. पिंकी बजाज ने निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। शहर के देव समाज कॉलेज फॉर गर्ल्स में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कविता पाठ और नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नारा लेखन प्रतियोगिता में वैष्णवी प्रथम, जसकरन कौर द्वितीय, अंशिका तृतीय रही।
कविता पाठ प्रतियोगिता में डिंपी प्रथम, महक द्वितीय, खुशप्रीत कौर, नवजोत कौर तृतीय रही। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की प्रचारक विजय गुप्ता और डॉ. शशि धमीजा ने बतौर अतिथि हिस्सा ललाय। महिला सेल और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विजय गुप्ता ने कहा कि आत्मविश्वास ही नारी का वास्तविक अलंकरण है। महिलाओं को शारीरिक,आत्मिक और सामाजिक उत्थान के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
विज्ञापन
डॉ. शशि धमीजा ने कहा कि महिलाओं के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। यदि कोई महिला दृढ़ निश्चय कर ले तो सामाजिक भेदभाव कभी भी उसके विकास में बाधक नहीं बन सकता। प्राचार्य मुक्ता अरोड़ा ने अतिथियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का आयोजन महिला सेल की प्रभारी आरती शर्मा ने किया। सहयोगीकी भूमिका प्रो. कीर्ति गुप्ता, प्रो. एकता, प्रो. पिंकी बजाज ने निभाई।
विज्ञापन