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ग्लोबल वार्मिंग रोकने में लगाएं ऊर्जा : डॉ.जसमेर
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पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बलदेव नगर में व्याख्यान का आयोजन किया। स्कूल
अंबाला सिटी। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बलदेव नगर में ग्लोबल वार्मिंग और वायुमंडल परिवर्तन पर व्याख्यान हुआ। इस मौके पर डीएवी कॉलेज से डॉ. जसमेर सिंह ने ग्लोबल वार्मिंग क्या है, हम पर इसका क्या असर होता है, इस पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैस की उच्च सांद्रता पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेवार है। कुछ गैस, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन, पृथ्वी के वातावरण में सूरज की गर्मी को अपने अंदर रोकती हैं। यह ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) वायुमंडल में गर्मी पैदा करती है। इसका प्रभाव बताते हुए डॉ. जसमेर सिंह ने कहा कि वैश्विक तापमान में वृद्धि से तूफान, बाढ़, जंगल की आग, सूखा और लू के खतरे की आशंका बढ़ जाती है। वर्षा के पैटर्न में बदलाव हो सकता है। गर्म तापमान के कारण ग्लेशियर और भूमि-आधारित बर्फ की चादरें तेजी से पिघलती हैं। समुद्र का जल स्तर बढ़ जाता है।
उन्होंने बच्चों को जागरूक करते हुए बताया कि ग्लोबल वार्मिंग रोकने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल करें, जरूरी चीजों को दोबारा इस्तेमाल करें। कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करें, वनों का क्षेत्र बढ़ाएं, ज्यादा पैदल चलें और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, एलईडी लाइट का इस्तेमाल करें।
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इस मौके पर क्विज प्रतियोगिता भी करवाई गई। जिसका आयोजन नीलम कुमारी की ओर से किया गया। कक्षा 11वीं-ए के छात्र साहिल की ओर से भूकंप रोधी मॉडल प्रस्तुत किया गया। जिसकी डॉ. जसमेर ने खूब सराहना की। कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भी विभिन्न मॉडल दिखाए। इस कार्यक्रम के दौरान ज्योति, प्रवीन, नीलम रानी, मधु, भूपिंद्र भी उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैस की उच्च सांद्रता पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेवार है। कुछ गैस, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन, पृथ्वी के वातावरण में सूरज की गर्मी को अपने अंदर रोकती हैं। यह ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) वायुमंडल में गर्मी पैदा करती है। इसका प्रभाव बताते हुए डॉ. जसमेर सिंह ने कहा कि वैश्विक तापमान में वृद्धि से तूफान, बाढ़, जंगल की आग, सूखा और लू के खतरे की आशंका बढ़ जाती है। वर्षा के पैटर्न में बदलाव हो सकता है। गर्म तापमान के कारण ग्लेशियर और भूमि-आधारित बर्फ की चादरें तेजी से पिघलती हैं। समुद्र का जल स्तर बढ़ जाता है।
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उन्होंने बच्चों को जागरूक करते हुए बताया कि ग्लोबल वार्मिंग रोकने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल करें, जरूरी चीजों को दोबारा इस्तेमाल करें। कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करें, वनों का क्षेत्र बढ़ाएं, ज्यादा पैदल चलें और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, एलईडी लाइट का इस्तेमाल करें।
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इस मौके पर क्विज प्रतियोगिता भी करवाई गई। जिसका आयोजन नीलम कुमारी की ओर से किया गया। कक्षा 11वीं-ए के छात्र साहिल की ओर से भूकंप रोधी मॉडल प्रस्तुत किया गया। जिसकी डॉ. जसमेर ने खूब सराहना की। कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भी विभिन्न मॉडल दिखाए। इस कार्यक्रम के दौरान ज्योति, प्रवीन, नीलम रानी, मधु, भूपिंद्र भी उपस्थित रहे।