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Ambala News: ई-टिकटिंग मशीन में दो साल बाद भी यूपीआई से भुगतान की सेवा नहीं
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- अंबाला डिपो की 222 मशीनों में सॉफ्टवेयर के अपडेट होने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। डिजिटलाइजेशन और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने का दावा फीका साबित हो रहा है। परिवहन विभाग की ओर से करीब दो साल पहले बसों के लिए खरीदी गई आधुनिक ई-टिकटिंग मशीनें आज भी सॉफ्टवेयर अपडेट के अभाव में अधूरी साबित हो रही है। सिटी और नारायणगढ़ सब डिपो के पास करीब 222 मशीनें हैं। इन मशीनों में ऑनलाइन भुगतान का सिस्टम अपडेट न होने के कारण यात्रियों, विशेषकर युवाओं और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मशीनों में यूपीआई की सुविधा न होने के कारण परिचालकों को भुगतान लेने के लिए अन्य माध्यमों का सहारा लेना पड़ता है। कई बार परिचालक यात्रियों से अपने व्यक्तिगत मोबाइल पर या फिर बस में मौजूद अन्य यात्रियों के मोबाइल पर यूपीआई ट्रांसफर करवाते हैं, ताकि पैसों की किल्लत को दूर किया जा सके। इस प्रक्रिया में न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि सुरक्षा का जोखिम भी बना रहता है।
पर्यटकों को सबसे अधिक परेशानी
अंबाला से दिल्ली, पंजाब और हिमाचल जाने वाले यात्री इसी रूट से आते जाते हैं। इसमें युवाओं व धार्मिक यात्रा करने वाले यात्रियों की अच्छी तादात होती है। वह जब यूपीआई से भुगतान करना चाहते हैं तो उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में टिकट के लिए उन्हें आसपास की दुकानों पर नकद के लिए दौड़ लगानी पड़ती है, मगर दुकानदार भी कई बार मना कर देते हैं। कई बार तो परिचालक ऐसे यात्रियों को छोड़ ही देते हैं।
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मुख्यालय की ओर से ई-टिकटिंग मशीन में सॉफ्टवेयर अपडेशन की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी तो इन मशीनों में भी यूपीआई सुविधा शुरू हो जाएगी।
- अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। डिजिटलाइजेशन और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने का दावा फीका साबित हो रहा है। परिवहन विभाग की ओर से करीब दो साल पहले बसों के लिए खरीदी गई आधुनिक ई-टिकटिंग मशीनें आज भी सॉफ्टवेयर अपडेट के अभाव में अधूरी साबित हो रही है। सिटी और नारायणगढ़ सब डिपो के पास करीब 222 मशीनें हैं। इन मशीनों में ऑनलाइन भुगतान का सिस्टम अपडेट न होने के कारण यात्रियों, विशेषकर युवाओं और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मशीनों में यूपीआई की सुविधा न होने के कारण परिचालकों को भुगतान लेने के लिए अन्य माध्यमों का सहारा लेना पड़ता है। कई बार परिचालक यात्रियों से अपने व्यक्तिगत मोबाइल पर या फिर बस में मौजूद अन्य यात्रियों के मोबाइल पर यूपीआई ट्रांसफर करवाते हैं, ताकि पैसों की किल्लत को दूर किया जा सके। इस प्रक्रिया में न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि सुरक्षा का जोखिम भी बना रहता है।
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पर्यटकों को सबसे अधिक परेशानी
अंबाला से दिल्ली, पंजाब और हिमाचल जाने वाले यात्री इसी रूट से आते जाते हैं। इसमें युवाओं व धार्मिक यात्रा करने वाले यात्रियों की अच्छी तादात होती है। वह जब यूपीआई से भुगतान करना चाहते हैं तो उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में टिकट के लिए उन्हें आसपास की दुकानों पर नकद के लिए दौड़ लगानी पड़ती है, मगर दुकानदार भी कई बार मना कर देते हैं। कई बार तो परिचालक ऐसे यात्रियों को छोड़ ही देते हैं।
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मुख्यालय की ओर से ई-टिकटिंग मशीन में सॉफ्टवेयर अपडेशन की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी तो इन मशीनों में भी यूपीआई सुविधा शुरू हो जाएगी।
- अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो