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साधु के भेष में नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले दो भाई काबू
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साधु का भेष बनाकर नशीले पदार्थ की तस्करी करते हुए दो सगे भाइयों को जीआरपी ने रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इसके पास से 80 हजार नकदी व 20 किलो 489 ग्राम मादक चूरापोस्त पदार्थ पकड़े गए हैं। दोनों आरोपी पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
नशीले पदार्थों के तस्कर पुलिस को चकमा देने के इरादे से अब भगवा वस्त्रों को धारण साधु भेष में तस्करी की घटनाओं को अंजाम दे कर रहे हैं। ऐसे ही दो लोगों को अंबाला छावनी के रेलवे स्टेशन से जीआरपी ने नकदी और नशीले पदार्थों के साथ काबू किया है। आरोपियों की पहचान लुधियाना निवासी शोकी और सन्नी के तौर पर हुई है। पकड़े गए दोनों आरोपी सगे भाई हैं। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह मध्यप्रदेश से चूरापोस्त लेकर आए थे और उन्हें पंजाब में इसकी सप्लाई देनी थी।
जीआरपी प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्हें मुखबिर ने गुप्त सूचना दी थी कि कुछ तस्कर बाबा के भेष में दिल्ली से आई एक ट्रेन से छावनी जंक्शन पर उतरे हैं। इस पर उनकी टीम ने सर्च अभियान चलाया और इन तस्करों को नशीले पदार्थ समेत काबू किया। जब उनके पास मौजूद पोटली की जांच की गई तो एक पोटली से 10 किलो 896 ग्राम और दूसरी गठड़ी से 9 किलो 160 ग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चूरापोस्त की सप्लाई पंजाब में देनी थी, लेकिन इससे पहले ही वह पकड़ लिए गए। दोनों आरोपियों को बुधवार कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिसंबर तक रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान दोनों से चूरापोस्त बेचने वाले सरगना और सप्लायरों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
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यूपी और एमपी से आने वाली ट्रेनों में हो रही तस्करी
पिछले करीब दो माह के भीतर अंबाला रेलवे जंक्शन से नशीले पदार्थों की लाखों रुपये की खेप पकड़ी जा चुकी है। यह नशीला पदार्थ ट्रेनों के माध्यम से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार में बैठे नशा तस्करों की मदद से चलाया जा रहा है। वहीं चूरा पोस्त सहित अन्य नशे के सामान की तस्करी में जो आरोपी पकड़े गए हैं वो सभी पंजाब के बाशिंदे हैं। कुछ समय पहले जीआरपी ने एक ट्रक चालक को भी पकड़ा था जो मोहाली से ट्रक की सप्लाई देने के लिए एमपी व यूपी जाता था और वापसी में वहां से वह चूरापोस्त लेकर आता था। चूरापोस्त के उसे पंजाब में अच्छे पैसे मिल जाते थे। वहीं कुछ दिन पहले भगवा वस्त्र पहने दो लोगों को जीआरपी ने छावनी स्टेशन से गिरफ्तार किया था वो भी पंजाब में ही चूरापोस्त बेचने का काम करते थे। सभी आरोपी मौजूदा समय में सलाखों के पीछे हैं।
एक साजिश के तहत नशा तस्करों ने भगवा वस्त्रों को अपना सुरक्षा कवच बना लिया है, ताकि वह ट्रेन में सफर के दौरान आसानी से पकड़े न जा सकें। ऐसे ही दो मुकदमों से यह साफ हुआ है। इसलिए ऐसे संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। इन तस्करों की धरपकड़ के लिए जीआरपी की अलग-अलग टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं।
- धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी थाना।
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नशीले पदार्थों के तस्कर पुलिस को चकमा देने के इरादे से अब भगवा वस्त्रों को धारण साधु भेष में तस्करी की घटनाओं को अंजाम दे कर रहे हैं। ऐसे ही दो लोगों को अंबाला छावनी के रेलवे स्टेशन से जीआरपी ने नकदी और नशीले पदार्थों के साथ काबू किया है। आरोपियों की पहचान लुधियाना निवासी शोकी और सन्नी के तौर पर हुई है। पकड़े गए दोनों आरोपी सगे भाई हैं। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह मध्यप्रदेश से चूरापोस्त लेकर आए थे और उन्हें पंजाब में इसकी सप्लाई देनी थी।
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जीआरपी प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्हें मुखबिर ने गुप्त सूचना दी थी कि कुछ तस्कर बाबा के भेष में दिल्ली से आई एक ट्रेन से छावनी जंक्शन पर उतरे हैं। इस पर उनकी टीम ने सर्च अभियान चलाया और इन तस्करों को नशीले पदार्थ समेत काबू किया। जब उनके पास मौजूद पोटली की जांच की गई तो एक पोटली से 10 किलो 896 ग्राम और दूसरी गठड़ी से 9 किलो 160 ग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चूरापोस्त की सप्लाई पंजाब में देनी थी, लेकिन इससे पहले ही वह पकड़ लिए गए। दोनों आरोपियों को बुधवार कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिसंबर तक रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान दोनों से चूरापोस्त बेचने वाले सरगना और सप्लायरों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
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यूपी और एमपी से आने वाली ट्रेनों में हो रही तस्करी
पिछले करीब दो माह के भीतर अंबाला रेलवे जंक्शन से नशीले पदार्थों की लाखों रुपये की खेप पकड़ी जा चुकी है। यह नशीला पदार्थ ट्रेनों के माध्यम से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार में बैठे नशा तस्करों की मदद से चलाया जा रहा है। वहीं चूरा पोस्त सहित अन्य नशे के सामान की तस्करी में जो आरोपी पकड़े गए हैं वो सभी पंजाब के बाशिंदे हैं। कुछ समय पहले जीआरपी ने एक ट्रक चालक को भी पकड़ा था जो मोहाली से ट्रक की सप्लाई देने के लिए एमपी व यूपी जाता था और वापसी में वहां से वह चूरापोस्त लेकर आता था। चूरापोस्त के उसे पंजाब में अच्छे पैसे मिल जाते थे। वहीं कुछ दिन पहले भगवा वस्त्र पहने दो लोगों को जीआरपी ने छावनी स्टेशन से गिरफ्तार किया था वो भी पंजाब में ही चूरापोस्त बेचने का काम करते थे। सभी आरोपी मौजूदा समय में सलाखों के पीछे हैं।
एक साजिश के तहत नशा तस्करों ने भगवा वस्त्रों को अपना सुरक्षा कवच बना लिया है, ताकि वह ट्रेन में सफर के दौरान आसानी से पकड़े न जा सकें। ऐसे ही दो मुकदमों से यह साफ हुआ है। इसलिए ऐसे संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। इन तस्करों की धरपकड़ के लिए जीआरपी की अलग-अलग टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं।
- धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी थाना।