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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
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अंबाला। भारतीय जनता पार्टी सदर मंडल की ओर से वार्ड स्तर पर भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई गई। इस दौरान वार्ड नंबर 30 स्थित भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सदर मंडल महामंत्री बीएस बिंद्रा ने कहा कि जुलाई 1901 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में जन्मे श्यामा प्रसाद मुखर्जी 33 साल की उम्र में कोलकाता यूनिवर्सिटी के कुलपति बन गए। वहां से वो कोलकाता विधानसभा पहुंचे। यहीं से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ लेकिन मतभेदों के कारण वे लगातार अलग होते रहे। मुखर्जी अनुच्छेद 370 का विरोध करते रहे। वे चाहते थे कि कश्मीर भी दूसरे राज्यों की तरह ही देश के अखंड हिस्से के रूप में शामिल हो। यही कारण है कि जब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपनी अंतरिम सरकार में मंत्री पद दिया तो कुछ ही समय में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा था कि एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। इस मौके पर उपप्रधान सुनीता अरोड़ा, सुनील बतरा, अनिल नागर, भाई लाल, रविंदर चड्डा, अनिल कत्याल, ज्योति मीत आदि मौजूद रहे।
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सदर मंडल महामंत्री बीएस बिंद्रा ने कहा कि जुलाई 1901 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में जन्मे श्यामा प्रसाद मुखर्जी 33 साल की उम्र में कोलकाता यूनिवर्सिटी के कुलपति बन गए। वहां से वो कोलकाता विधानसभा पहुंचे। यहीं से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ लेकिन मतभेदों के कारण वे लगातार अलग होते रहे। मुखर्जी अनुच्छेद 370 का विरोध करते रहे। वे चाहते थे कि कश्मीर भी दूसरे राज्यों की तरह ही देश के अखंड हिस्से के रूप में शामिल हो। यही कारण है कि जब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपनी अंतरिम सरकार में मंत्री पद दिया तो कुछ ही समय में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा था कि एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। इस मौके पर उपप्रधान सुनीता अरोड़ा, सुनील बतरा, अनिल नागर, भाई लाल, रविंदर चड्डा, अनिल कत्याल, ज्योति मीत आदि मौजूद रहे।
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