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Ambala News: 5 और 6 को प्रदेशभर में सांकेतिक हड़ताल का एलान, चक्का जाम करने की चेतावनी
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सांझा मोर्चा के पदाधिकारी गेट मीटिंग करते हुए। यूनियन
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठकों में मांगों पर सहमति बनने के बावजूद उनका आधिकारिक परिपत्र जारी न किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हिसार में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के बैनर तले विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों की गेट मीटिंग की। इसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि कर्मचारी 5 और 6 नवंबर को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे और इस दौरान प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम रहेगा।
इस प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल और बढ़ते तनाव को देखते हुए राज्य परिवहन महानिदेशक ने साझा मोर्चा के सभी यूनियन पदाधिकारियों को 3 नवंबर को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि सांझा मोर्चा की बैठक में दो टूक कह दिया गया है कि वह बैठक में शामिल नहीं होंगे। सांझा मोर्चा यूनियन के सदस्य माया राम उनियाल ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार लिखित में और ठोस कार्रवाई करते हुए आदेश जारी नहीं करती, तब तक बैठकों का यह दौर केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
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4 तक पत्र जारी नहीं किया तो आंदोलन करेंगे तेज : जयबीर
सांझा मोर्चा के वरिष्ठ नेता जयबीर घनघस ने कहा कि 8 सितंबर को सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों की कई जायज मांगों को सैद्धांतिक रूप से मान लिया था, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी उनके परिपत्र जारी नहीं किए गए हैं। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 4 नवंबर तक मांगों के पत्र जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
प्राइवेट परमिट देने की योजना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
परिचालक का पे-ग्रेड बढ़ाकर लिपिकों के समान तीन वेतन वृद्धि दी जाए और 2008 के वंचित परिचालकों की जल्द प्रमोशन हो।
चालकों को स्टैंड इंचार्ज का अलग पद सृजित कर पदोन्नति दी जाए, हैवी पे ग्रेड मिले और वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए।
चालक-परिचालक, निरीक्षक, उप-निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को देय अर्जित अवकाश पूर्व की भांति बहाल किए जाएं।
वर्ष 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति और वर्षों से बकाया बोनस का भुगतान किया जाए।
सहायकों के पद बढ़ाए जाएं, एसए की खाली पदों को प्रमोशन से भरा जाए, तथा उप-अधीक्षक के नए पद सृजित किए जाएं।
सुपरिटेंडेंट की प्रमोशन अवधि 12 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष की जाए और चालक, परिचालक व कर्मशाला कर्मचारियों की नई भर्तियां की जाएं।
हेड कारपेंटर और हेड टायरमैन को भी अन्य हेडों की तरह एसएसआई पद पर पदोन्नति दी जाए।
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अंबाला। परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठकों में मांगों पर सहमति बनने के बावजूद उनका आधिकारिक परिपत्र जारी न किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हिसार में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के बैनर तले विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों की गेट मीटिंग की। इसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि कर्मचारी 5 और 6 नवंबर को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे और इस दौरान प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम रहेगा।
इस प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल और बढ़ते तनाव को देखते हुए राज्य परिवहन महानिदेशक ने साझा मोर्चा के सभी यूनियन पदाधिकारियों को 3 नवंबर को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि सांझा मोर्चा की बैठक में दो टूक कह दिया गया है कि वह बैठक में शामिल नहीं होंगे। सांझा मोर्चा यूनियन के सदस्य माया राम उनियाल ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार लिखित में और ठोस कार्रवाई करते हुए आदेश जारी नहीं करती, तब तक बैठकों का यह दौर केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
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4 तक पत्र जारी नहीं किया तो आंदोलन करेंगे तेज : जयबीर
सांझा मोर्चा के वरिष्ठ नेता जयबीर घनघस ने कहा कि 8 सितंबर को सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों की कई जायज मांगों को सैद्धांतिक रूप से मान लिया था, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी उनके परिपत्र जारी नहीं किए गए हैं। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 4 नवंबर तक मांगों के पत्र जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
प्राइवेट परमिट देने की योजना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
परिचालक का पे-ग्रेड बढ़ाकर लिपिकों के समान तीन वेतन वृद्धि दी जाए और 2008 के वंचित परिचालकों की जल्द प्रमोशन हो।
चालकों को स्टैंड इंचार्ज का अलग पद सृजित कर पदोन्नति दी जाए, हैवी पे ग्रेड मिले और वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए।
चालक-परिचालक, निरीक्षक, उप-निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को देय अर्जित अवकाश पूर्व की भांति बहाल किए जाएं।
वर्ष 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति और वर्षों से बकाया बोनस का भुगतान किया जाए।
सहायकों के पद बढ़ाए जाएं, एसए की खाली पदों को प्रमोशन से भरा जाए, तथा उप-अधीक्षक के नए पद सृजित किए जाएं।
सुपरिटेंडेंट की प्रमोशन अवधि 12 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष की जाए और चालक, परिचालक व कर्मशाला कर्मचारियों की नई भर्तियां की जाएं।
हेड कारपेंटर और हेड टायरमैन को भी अन्य हेडों की तरह एसएसआई पद पर पदोन्नति दी जाए।