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Ambala News: ताइक्वांडो के रीजनल ट्रेनिंग सेंटर में बहाया पसीना, अब लगा रहे पदकों की झड़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2024 11:22 PM IST
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Toiled in Taekwondo's Regional Training Center, now winning a flurry of medals
नि​क्षित, ​खिलाड़ी
अंबाला। ताइक्वांडों में खिलाड़ी देशभर में अपना नाम चमका रहे हैं। अंबाला के न्यू टैगोर गार्डन में चल रहे ताइक्वांडो के रिजनल ट्रेनिंग सेंटर में भी खिलाड़ियों की फौज तैयार हो रही है। 19 साल से चल रहे इस सेंटर में कई इंटरनेशनल मेडलिस्ट निकले हैं। इसमें अंबाला के मुख्य चेहरे गगनजोत व भवजोत शामिल है जिन्होंने इंटरनेशनल स्तर पर बेहतरीन किया। रोजाना सुबह व शाम के समय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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सब जूनियर पूमसे में स्वर्ण पदक
एकता विहार निवासी निक्षित ने बताया कि मार्च 2023 में वह उड़ीसा में होने वाली सब जूनियर लड़कों के ग्रुप पूमसे चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2022 में 13वीं हरियाणा स्टेट सब जूनियर पूमसे में स्वर्ण पदक हासिल कर चुका है।
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ओडिशा में रजत पदक झटका
न्यू टैगोर गार्डन निवासी आदित्य ने बताया कि पिछले तीन साल से प्रशिक्षण ले रहा हूं। उड़ीसा में मार्च 2023 में होने वाली सब जूनियर पूमसे ग्रुप चैंपियनशिप में रजत पदक व मई 2022 में सब जूनियर-सीनियर पूमसे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया।
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प्रशिक्षण लेने के साथ बढ़ गई दिलचस्पी
अंबाला कैंट निवासी मिलन ने बताया कि शुरूआत में थोड़ा जरूर डर था लेकिन जैसे-जैसे प्रशिक्षण लिया तो ताइक्वांडों में दिलचस्पी बढ़ गई। कर्नाटक में हुई 2023-24 जूनियर नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया।
ओडिशा सब जूनियर नेशनल में कांस्य पदक
अंबाला कैंट के कृष्णा नगर निवासी तेजवीर सिंह हीरा ने बताया कि उड़ीसा में 2023-24 को आयोजित सब जूनियर नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। सपना है कि इंटरनेशनल स्तर पर भी स्वर्ण पदक हासिल कर अंबाला व माता-पिता का नाम रोशन करना है।
बच्चों को गेम्स में डालना जरूरी
शुरुआत से ही बच्चे को गेम्स में डालना चाहिए ताकि वह समय के साथ-साथ अपने में निखार ला सके। खेल से न केवल बच्चा का मनोबल बढ़ता है वह स्वस्थ भी रहता है। ताइक्वांडों में बेटे निक्षित का काफी अच्छा प्रदर्शन है।
प्रिंयका, अभिभावक
पहले ही सोचा था कि बच्चे को गेम्स में डालना
खुद भी खेल में काफी दिलचस्पी थी और पहले ही सोच रखा था कि अपने बच्चे को भी किसी न किसी गेम्स में जरूर डालना है। ताइक्वांडो गेम्स भी बेहतर है और बच्चे बड़े स्तर तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन दिखा रहे हैं।

अमित कुमार, अभिभावक
खुद भी इंटरनेशनल खिलाड़ी रह चुका हूं। तीन बार नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट। अब वह हरियाणा स्टेट ताइक्वांडो एसोसिएशन का उपप्रधान हूं। ताईक्वांडो खिलाड़ियों के लिए बेहतर विकल्प है और इसमें काफी खिलाड़ी इंटरनेशनल स्तर पर प्रदर्शन कर देश का नाम चमका रहे हैं। अकादमी में अधिकतर खिलाड़ी कई पदक हासिल कर रहे हैं और बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
भवजोत सिंह गिल, कोच

निक्षित, खिलाड़ी

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