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Ambala News: सामूहिक दुष्कर्म में तीसरा आरोपी बरी, दो की सजा पर अपील

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:20 AM IST
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Third accused in gang rape case acquitted, two appeal against sentence
अंबाला सिटी। अंबाला में पॉक्सो एक्ट की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को एक विशेष फैसला सुनाया। इसमें पॉक्सो के तहत सामूहिक दुष्कर्म में नामजद आरोपी को बरी कर दिया। यह फैसला खास इसलिए है क्योंकि इसी मामले में पूर्व में पीड़िता की बहन सहित दो आरोपियों को सजा हो चुकी थी।
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अब उनके मामले भी हाई कोर्ट में विचाराधीन हैं। वहीं तीसरे आरोपी के मामले में कोर्ट ने जब बाद में सुनवाई करी तो पीड़िता के द्वारा अपनी उम्र छुपाना सामने आया। ऐसे में इस मामले में संलिप्त तीसरे आरोपी को एडीजे मनपाल रमावत की अदालत ने बरी कर दिया है।
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यह था मामला
शहर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग ने वर्ष 18 दिसंबर 2021 को पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें युवती ने बताया था कि वह अपनी बहन की मामी सास दिल्ली में रहने के लिए गई थी। जहां पर वह दो वर्ष रही। इसी दौरान बहन की मामी सास के लड़के ने उसके साथ कई बार गलत काम किया। जिसके बाद नाबालिग वहां से अंबाला आ गई थी। अंबाला वह अपनी बहन के पास रहने लगी। इसी दौरान उसकी बहन की मौसी सास के बेटे ने भी बहने के किराये के घर में गलत काम किया। वह फिर से दिल्ली चली गई। दिल्ली जाने के बाद रिश्तेदारी में ही एक लड़के से उसकी सोशल मीडिया के जरिये बातचीत शुरू हुई।
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नाबालिग ने आराेप लगाते हुए बताया था कि उस लड़के ने उसे ब्लैकमेल करके उसके साथ गलत काम किया। जिसके बाद वह फिर से अपनी बहन के पास लौट आई। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों लड़कों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस मामले में शिकायतकर्ता ने अपनी बहन को भी दोषी बताया था। पीड़िता का कहना था कि तीनों लड़कों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया था। तब से अब तक वह जमानत पर चल रहा था। शुक्रवार को कोर्ट ने युवक को बरी कर दिया।

नहीं पेश कर सकी आयु के दस्तावेज
कोर्ट में आरोपी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मान सिंह ने कोर्ट में साबित किया शिकायतकर्ता के पास बैंक व अन्य दस्तावेज होने के बावजूद भी पुलिस को उसने अपनी आयु के दस्तावेज नहीं सौंपे। ऐसे में नागरिक अस्पताल की विशेषज्ञ से पीड़िता की उम्र का मेडिकल करवाया गया तो सामने आया कि पीड़िता की उम्र अधिक भी हो सकती है। इसके साथ ही पुलिस की ओर से कोर्ट में पीड़िता की आयु बताने वाला कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किया गया था। मामले की सुनवाई में सभी दस्तावेज सामने आ गए। इसके साथ ही कई दिन बार भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले में कुल 10 गवाहों को भी सुना गया। सभी सुबूतों को देखते हुए कोर्ट ने तीसरे आरोपी को बरी कर दिया है।
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