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Ambala News: बड़ी परियोजनाओं में रहीं अड़चन, नई सौगातों का मिला सहारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 12:24 PM IST
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There were obstacles in big projects, new gifts provided supportThere were obstacles in big projects, new gifts provided support
अंबाला दिल्ली नेशनल हाइवे ​स्थित निर्माणाधीन शहीदी स्माकर। संवाद - फोटो : अंबाला दिल्ली नेशनल हाइवे ​स्थित निर्माणाधीन शहीदी स्माकर। संवाद
अंबाला। वर्ष 2024 की शुरुआत अंबाला के लिए कई नई परियोजनाओं के पूरा होने का सपना लेकर आई थी। अब वर्ष को समाप्त होने में एक सप्ताह का समय रह गया है।
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ऐसे में वर्ष भर परियोजनाओं के लिए शासन से लेकर प्रशासन तक जमकर काम चले। मगर इस वर्ष भी कुछ सुविधाएं लोगों को मिली तो कई बड़ी परियोजनाओं के लिए इस साल भी इंतजार करना पड़ा। अंबाला शहर, अंबाला कैंट और नारायणगढ़, जिला अंबाला के तीनों ही प्रमुख शहरों के निवासियों को इन परियोजनाओं के पूरा होने का इंतजार रहा। इन बड़ी परियोजनाओं के पूरे होने की अब अगले साल से लोग उम्मीद लगा रहे हैं।



फोटो- 20



महावीर पार्क का कार्य कई वर्षों से अधूरा


शहर के महावीर पार्क में सड़क की तरफ बाहर बनाई सीमेंट की जालीदार दीवार टूटी है। इस जालीदार दीवार में अंदर जाकर लोग शौचालय कर रहे हैं। यहां गंदगी फैली हुई है। पार्क के अंदर तालाब में घास उगी है। वहीं, श्मशान की तरफ अब चहारदीवारी बन गई है। अंदर जाली लगाने को लेकर पत्थर रखा है। पार्क में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है और तालाब के पास एक भवन भी बनकर तैयार हो गया है। महावीर पार्क का कार्य अगस्त 2017 में शुरू हुआ था। इसकी अनुमानित लागत 18.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। पार्क का कार्य सितंबर 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक अधूरा है।
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नौरंगराय तालाब में गंदगी का आलम

यहां सिर्फ भगवान वामन द्वादशी मेले पर ही निगम सफाई करवाता है। अभी यहां तालाब में गंदगी जमा है। यहां भी सड़क की तरफ सीमेंट की जालीदार दीवार बनाई गई, मगर लोगों ने इसे तोड़ दिया है। तालाब के जीर्णोद्धार के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 2015 में घोषणा की थी। उस समय बजट 3 करोड़ रुपये तय किया गया था। इसके बाद बजट में बदलाव करते हुए इसे 12 करोड़ कर दिया गया था। 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का आरंभ किया था। यह कार्य मार्च 2019 में पूरा होना था। जो पूरा नहीं हो पाया। इस प्रोजेक्ट पर फर्श पर पत्थर लगाने का कार्य अभी किया गया है।
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फोटो- 22

बाल भवन का काम भी अधूरा

इस प्रोजेक्ट का कार्य भी काफी समय से अधूरा है। बाल भवन की बिल्डिंग का कुछ हिस्सा बनकर तैयार हो गया है। अब यहां प्लास्टर करने का कार्य चल रहा है। इससे पूर्व यहां चहारदीवारी बनाई गई थी। करीब 10 करोड़ की लागत से बनने वाले बालभवन का निर्माण कार्य कई वर्षों से अधर में लटका है। तीन साल पहले इस भवन का निर्माण कार्य पूरा होना था। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर में 10 करोड़ रुपये की लागत से बालभवन की घोषणा की थी। इस घोषणा के दो साल बाद वर्ष 2017 में बालभवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। मार्च 2019 में इसका निर्माण कार्य पूरा होना था।

फोटो- 19

अस्पताल में भवन का काम नहीं हुआ पूरा

शहर में नागरिक अस्पताल की क्षमता बढ़ाने को 100 बैड का अलग भवन सीएम घोषणा में शामिल था। इस परियोजना को लगभग 45 करोड़ रुपये से बनाया जाना प्रस्तावित है। इस पर इस साल भी रुक-रुककर कार्य चलता रहा। अधिकारियों का दावा है कि नए साल में कार्य पूरा हो जाएगा। यहां पूर्व मं कार्य भी काफी समय तक बंद रहा। अब दोबारा से कार्य चल भी रहा है। कई वर्षों से कार्य पूरा न होने से प्रोजेक्ट लटका है।

लघु सचिवालय का कार्य अधूरा

अंबाला शहर में लघु सचिवालय का निर्माण अधूरा है। यह परियोजना करीब 78 करोड़ रुपये से फरवरी 2021 तक पूरी होनी थी। वर्ष 2019 में काम शुरू हुआ मगर आज तक पूरा ही नहीं हो सका। मामला लंबे समय से कोर्ट में भी विचाराधीन है। यही कारण है कि अभी तक यहां कार्य शुरू नहीं हुआ है। यह सचिवालय बनने से शहरवासियों को काफी फायदा देगा, यहां एक ही भवन में सभी विभाग लोगों की पहुंच में आते। अभी अलग-अलग स्थानों पर भटकना पड़ता है। नए साल में भी यह सुविधा मिलेगी या नहीं इस पर संशय है।

लखनाैर साहिब में कॉलेज पर काम शेष

लखनाैर साहिब गांव में वीएलडीए कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। यहां भवन भी बन गया है और चहारदीवार भी हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट का कार्य बीच में लटकने से देरी हो गई। यह प्रोजेक्ट 11 करोड़ में बनना था। इसका कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।

राजकीय महिला महाविद्यालय रहा आधा

सेक्टर-10 में राजकीय महिला महाविद्यालय का भवन बनकर तैयार हो गया है। इस प्रोजेक्ट का काफी कार्य हो चुका है। यह भवन 14 करोड़ से बनना था लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया। यह कॉलेज अभी शहर पुलिस लाइन में स्कूल के भवन में चल रहा है।

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बैंक स्क्वेयर के नए साल में मिलने की उम्मीद

वर्ष 2022 में 111.53 करोड़ रुपए की लागत से 3.97 एकड़ में तीन मंजिला बैंक स्क्वेयर-कम-शापिंग मॉल के निर्माण का कार्य आरंभ किया गया था। लेकिन फंड की कमी और मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण 2024 में काम पूरा नहीं हो पाया। अब नववर्ष पर काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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अग्निशमन केंद्र पर काम धीमा

अग्निमशन इमारत से जुड़ी परियोजना का कार्य लगभग तीन वर्ष पहले शुरू हुआ था। लेकिन निर्माण लागत बढ़ने के कारण यह काम बीच में ही अटक गया था। पहले इसे 11.39 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जना था लेकिन अब इस पर 15.96 करोड़ खर्च होंगे। हालांकि ठेकेदार को नोटिस देने के बाद भी काम काफी धीमी गति से चल रहा है।

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वार हीरोज स्टेडियम का काम अधूरा

लगभग छह वर्ष पूर्व अंबाला छावनी के वार हीरोज स्टेडियम को अपग्रेड करने का कार्य शुरु किया गया था। इस पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। लेकिन मामला कोर्ट में जाने के बाद से इसका निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। अब यह मामला आर्बिटेशन में है। इस कारण नववर्ष में भी इसके निर्माण पर संशय बरकरार है।

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नाइट फूड स्ट्रीट का कार्य भी अधूरा

लगभग एक वर्ष पहले अंबाला-जगाधरी रोड पर नाइट फूड स्ट्रीट का निर्माण कार्य शुरु किया गया था। इसकी लागत लगभग एक करोड़ रुपये थी। लेकिन कुछ नए कार्याें के कारण इसकी लागत ढाई करोड़ तक पहुंच चुकी है। इसलिए निर्माण कार्य रुका है।

फोटो-17

शहीदी स्मारक का 85 प्रतिशत कार्य ही पूरा

अंबाला-दिल्ली नेशनल हाइवे पर तीन वर्ष पहले शहीदी स्मारक के निर्माण का कार्य आरंभ किया गया था। इस पर लगभग 540 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका निर्माण कार्य 85 प्रतिशत तक पूरा हो पाया है। ऐसे में लोगों को अभी निर्माण कार्य के पूरा होने का इंतजार करना होगा।

फोटो-18

डाॅक्टर क्वार्टर का काम नहीं हुआ पूरा

लगभग तीन वर्ष पूर्व अंबाला-जगाधरी रोड पर डाॅक्टर और कर्मचारियों के क्वार्टरों को बनाने का कार्य आरंभ किया गया था। इसकी लागत 25 करोड़ रुपये थी। लेकिन कोर्ट में मामला जाने के बाद पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से यहां निर्माण कार्य रुका है। मौजूदा समय में अधूरे कार्य को पूरा करने का आकलन किया जा रहा है।

एनसीडीसी का क्षेत्रीय केंद्र भी अधूरा

40 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) का क्षेत्रीय केंद्र अंबाला में बनाया जाना था। इस केंद्र के बनने से हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को फायदा होता। यहां वायरस जनित बीमारियों पर शोध और जांच होगी। इस कार्य का शिलान्यास हो चुका है मगर काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है।

सौगातों ने चमकाया हरियाणा में नाम

- 5500 करोड़ की लागत से हरियाणा के पहले डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर का यूपी के पिलखनी से लेकर पंजाब के साहनेवाल तक मालगाड़ी का नया ट्रैक मिला।
-100 करोड़ की लागत से अंबाला-दिल्ली हाईवे पर डीएफसीसी कॉरिडोर की ओर से बनाया सेना का मुख्य भंडारण केंद्र।

अंबाला की बड़ी सौगात
- 16.33 करोड़ की लागत से अंबाला सहारनपुर रेलवे लाइन पर बनाया गया नन्हेड़ा ओवरब्रिज

- छह करोड़ रुपये की लागत से अंबाला छावनी के बाजारों की मुख्य 10 सड़कों की मिली सौगात

- सदर क्षेत्र में 19.33 करोड़ की लागत से बहुद्देश्यीय कार पार्किंग की मिली सौगात

- अंबाला-जगाधरी हाईवे पर करीब दो करोड़ की लागत से छावनी नागरिक अस्पताल के सामने अंबाला के पहले एस्कलेटर की मिली सौगात

- अंबाला छावनी में करीब 25 से अधिक सामुदायिक केंद्रों का 22 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य हुआ

नए पाॅवर हाउस की सौगात
आने वाले गर्मी के सीजन में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने वाली है। बिजली निगम नारायणगढ़, शहजादपुर और नग्गल क्षेत्र में छह नए 33 केवी के नए पॉवर हाउस लगाए जा रहे हैं। बिजली निगम ने पॉवर हाउस लगाने के लिए अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अंबाला सर्कल में छह नए पावर हाउस लगने से इनकी संख्या 43 हो जाएगी। अभी सर्कल में 37 पावर हाउस बिजली सप्लाई कर रहे हैं। वहीं, सबसे पहले नारायणगढ़ क्षेत्र के डेरा और शाहपुर-नुर्द में पॉवर हाउस लगाया जाएगा।

60 नई बसें मिलीं तो बजट भी पास
इस साल अंबाला डिपो के बेड़े में 60 नई बसें शामिल हुईं। इसी तरह से नारायणगढ़ में बनने वाले नए बस स्टैंड के लिए 10 करोड 52 लाख रुपये का बजट पास हो गया। इसके अलावा रोडवेज की ओर से पांच नए रूटों पर बसे चलाई गईं। इसमें अंबाला सिटी से कलरहेड़ी, अंबाला सिटी से नन्हेड़ा, अंबाला सिटी से शाहपुर, अंबाला सिटी से बोह बब्याल और लिहारसी रूट शामिल है। इसके अलावा 73 हजार के लगभग लाभार्थियों के हैप्पी कार्ड बनाए जा चुके हैं। अंबाला में 30 परिचालक और 10 क्लर्क भी आए हैं

आईसीयू ने स्वास्थ्य सेवा को दी मजबूती
नागरिक अस्पताल में बीते एक वर्ष में बच्चों के लिए विशेष वार्ड एमएसएनसीयू वार्ड बनाया गया। इसके साथ ही बच्चों के लिए एचडीयू यूनिट, एलएमयू यूनिट बनाई गई है। इसी तरह ट्रॉमा सेंटर में गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू शुरू कर दिया गया है। सस्ती दवाइयां मुहैया करवाने के लिए जन औषधि केंद्र की शुरुआत की है।

ई-लाइब्रेरी की शुरुआत ने दी विभाग को नई राह
6 मई 2024 को अंबाला स्थित पुलिस लाइन में सरदार पटेल पुलिस ई-लाइब्रेरी की शुरूआत की गई थी। यह ई-लाइब्रेरी हरियाणा पुलिस के मुख्य सिपाही स्व. तारा चन्द की स्मृति में तैयार की गई है।

आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज

आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज- फोटो : संवाद

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