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खेत से मिट्टी उठाने का भुगतान नहीं, किसानों के लाखों रुपये हड़पे
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अंबाला सिटी। बुधवार को शहर के बलदेव नगर थाने के नजदीक मेधा टावर में स्थित टाटा प्रोजेक्ट कंपनी के कार्यालय के समक्ष भारी संख्या में उपस्थित भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने नारेबाजी की। किसानों ने बताया कि पटियाला के गांव चलेला के तीन किसानों के खेत से कंपनी ने मिट्टी उठाई, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। कंपनी ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है।
पटियाला के गांव चलेला, रीटखेड़ी, लांग, खराड़ी से पहुंचे किसान जसपाल सिंह, हरबंस सिंह, सुरजीत सिंह, गुरमेल सिंह, शेर सिंह, मलकीत सिंह, लखविंद्र सिंह, जसविंद्र सिंह आदि ने बताया कि इस कंपनी ने चलेला निवासी सुखाविंद्र सिंह, जसपाल सिंह और खारोद निवासी अमृतकौर से एग्रीमेंट किया था। जिसमें बताया गया था कि कंपनी ने किसानों के खेतों से मिट्टी की खुदाई कर रेलवे लाइन के प्रोजेक्ट के लिए ली जा रही है। किसानों के मुताबिक यह मिट्टी जनवरी 2020 में उठाई गई थी। इस मिट्टी के संदर्भ में एग्रीमेंट डील देव इंटरप्राइजेज व हार्डमैन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. वेंडरों के माध्यम से की गई थी। एग्रीमेंट के तहत जसपाल सिंह से 16 लाख रुपये, सुखविंद्र सिंह से 15 लाख और अमृतकौर से साढ़े तीन लाख रुपये में एग्रीमेंट डील तय की गई थी।
किसानों ने आरोप लगाते हुह कहा कि एग्रीमेंट डील के मुताबिक किसानों को भुगतान नहीं किया गया। इस दौरान तय की गई राशि में सुखविंद्र सिंह के 14 लाख 80 हजार, जसपाल सिंह के 8 लाख 48 हजार 250 और अमृतकौर को 2 लाख 12 हजार 500 शेष राशि बकाया दी जानी थी जोकि नहीं दी गई। इसकी शिकायत टाटा प्रोजेक्ट कंपनी से की गई थी, लेकिन आजतक इस पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। इसी बात को लेकर किसानों ने कंपनी कार्यालय के बाहर जमकर बवाल काटा। किसानों के मुताबिक कंपनी के अधिकारियों ने 28 फरवरी तक शेष राशि का भुगतान करने का आश्वासन लिखित में दिया है। तत्पश्चात किसान शांति पूर्वक कार्यालय के सामने से वापिस लौटे।
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पटियाला के गांव चलेला, रीटखेड़ी, लांग, खराड़ी से पहुंचे किसान जसपाल सिंह, हरबंस सिंह, सुरजीत सिंह, गुरमेल सिंह, शेर सिंह, मलकीत सिंह, लखविंद्र सिंह, जसविंद्र सिंह आदि ने बताया कि इस कंपनी ने चलेला निवासी सुखाविंद्र सिंह, जसपाल सिंह और खारोद निवासी अमृतकौर से एग्रीमेंट किया था। जिसमें बताया गया था कि कंपनी ने किसानों के खेतों से मिट्टी की खुदाई कर रेलवे लाइन के प्रोजेक्ट के लिए ली जा रही है। किसानों के मुताबिक यह मिट्टी जनवरी 2020 में उठाई गई थी। इस मिट्टी के संदर्भ में एग्रीमेंट डील देव इंटरप्राइजेज व हार्डमैन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. वेंडरों के माध्यम से की गई थी। एग्रीमेंट के तहत जसपाल सिंह से 16 लाख रुपये, सुखविंद्र सिंह से 15 लाख और अमृतकौर से साढ़े तीन लाख रुपये में एग्रीमेंट डील तय की गई थी।
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किसानों ने आरोप लगाते हुह कहा कि एग्रीमेंट डील के मुताबिक किसानों को भुगतान नहीं किया गया। इस दौरान तय की गई राशि में सुखविंद्र सिंह के 14 लाख 80 हजार, जसपाल सिंह के 8 लाख 48 हजार 250 और अमृतकौर को 2 लाख 12 हजार 500 शेष राशि बकाया दी जानी थी जोकि नहीं दी गई। इसकी शिकायत टाटा प्रोजेक्ट कंपनी से की गई थी, लेकिन आजतक इस पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। इसी बात को लेकर किसानों ने कंपनी कार्यालय के बाहर जमकर बवाल काटा। किसानों के मुताबिक कंपनी के अधिकारियों ने 28 फरवरी तक शेष राशि का भुगतान करने का आश्वासन लिखित में दिया है। तत्पश्चात किसान शांति पूर्वक कार्यालय के सामने से वापिस लौटे।
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