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Ambala News: विरोध में धीमे पड़े ट्रेनों के पहिये, दोपहर बाद लौटे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 May 2023 01:42 AM IST
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The wheels of the trains slowed down in protest, the farmers returned after noon
अंबाला। पहलवानों के समर्थन में दिल्ली जाने के लिए किसानों का विरोध रविवार सुबह से दोपहर तक चला। शहर के मंजी साहिब गुरुद्वारा और छावनी के शाहपुर के पास किसानों ने डेरा डाले रखा और पुलिस के समक्ष विरोध जताया।
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दोपहर में किसानों का रोष कम हुआ और वह घरों को लौट गए। शाहपुर से किसान 12 बजे तो मंजी साहिब गुरुद्वारा से दोपहर तीन बजे पंजाब से आए किसान लौटे। अंबाला में किसी भी नेता को हिरासत में नहीं लिया। शाहपुर में धक्का-मुक्की हुई और कुछ देर बाद किसान धरने पर बैठ गए।
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इस बीच जहां रेलवे का यातायात प्रभावित रहा और करीब आधा दर्जन ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटों देरी से पहुंची। उधर, रविवार सुबह किसानों की सूचना मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी अंबाला-दिल्ली सेक्शन पर गांव मोहड़ा के फाटक पर भी डटे रहे। हालांकि किसान नेशनल हाईवे की सर्विस लेन पर ही दोपहर 12 बजे तक बैठे रहे और इसके बाद वो अपने-अपने ठिकानों की तरफ रवाना हो गए।
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भड़काने वालों पर होगी कार्रवाई : एसपी
अंबाला के पुलिस अधीक्षक जश्नदीप रंधावा ने कहा नए संसद भवन का उद्घाटन पर होने वाले कार्यक्रम के लिए अलर्ट जारी किया था। कहा था कि सुरक्षा के माध्य नजर दिल्ली के आसपास के इलाके में पुख्ता इंतजाम किए। एसपी ने अपील करते हुए कहा था कि जिला में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को सहयोग करें। सार्वजनिक मार्ग अवरूद्ध करने, अफवाह फैलाने, सोशल मीडिया पर भड़काने वाली पोस्ट डालने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरपीएफ और जीआरपी रही मुस्तैद, खंगाली ट्रेनें

पहलवानों के समर्थन में दिल्ली जा रहे किसानों को रोकने के लिए आरपीएफ और जीआरपी पूरी तरह से मुस्तैद रही। रेल पटरियों और ट्रेनों की निगरानी शनिवार रात से ही आरंभ कर दी थी और लगातार संवेदनशील स्थानों पर गश्त की जा रही थी। वहीं, रेलवे ने सुरक्षा कारणों से दिल्ली की तरफ आने-जाने वाली लगभग आधा दर्जन ट्रेनों का संचालन देरी से किया तो कुछ को बीच रास्ते रोके रखा। ट्रेनों के देरी से चलने के कारण अंबाला कैट स्टेशन पर भीड़ का आलम रहा। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्री प्लेटफार्म पर ही लेटकर ट्रेनों का इंतजार करते दिखे।
ये रेलगाड़ियां रहीं घंटों लेट

ट्रेन नंबर 13005 हावड़ा-अमृतसर मेल तीन घंटे की देरी से गंतव्य स्टेशन पर पहुंची। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 13307 धनबाद-फिरोजपुर गंगा-सतलुज एक्सप्रेस एक घंटे कर देरी से, 13151 कोलकाता-जम्मूतवी दो घंटे की देरी से, 12311 हावड़ा-कालका नेताजी एक्सप्रेस, 12312 कालका-हावड़ा छह घंटे, 18102 जम्मूतवी-टाटानगर आठ घंटे, 14012 होशियारपुर-दिल्ली एक्सप्रेस सात घंटे और ट्रेन नंबर 04472 जम्मूतवी-भागलपुर एक्सप्रेस छह घंटे की देरी से गंतव्य स्टेशन पर पहुंची।

वर्जन
दिल्ली जाने वाले किसानों को अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर रोका था। इस कारण कुछ ट्रेनों का संचालन देरी से किया। सुरक्षा के लिए गांव मोहड़ा के रेलवे फाटक पर सुरक्षा कर्मचारी तैनात किए थे, यहां पूरी तरह से शांति रही।
धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी, अंबाला छावनी।
परिचर्चा
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बृजभूषण को करें गिरफ्तार : गुरमीत

भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह ने कहा कि संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर दिल्ली में महिला खिलाड़ियाें के लिए पंचायत रखी थी। इसमें उन्हें भी पहुंचना था। सबसे अच्छी बात यह है कि उनके राष्ट्रीय प्रधान अमरजीत सिंह मोहड़ी दिल्ली में पहुंच गए थे। गुरमीत सिंह ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द बृजभूषण की गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजें और हमारी बेटियों को मान-सम्मान दें।
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पुलिस का रोकना गलत : बलजिंदर
शहीद भगत सिंह किसान यूनियन सरपरस्त से बलजिंदर सिंह चुडियाला ने कहा कि अंबाला में अलग-अलग जगह से अमरजीत सिंह मोहड़ी, किसान यूनियन से तेजवीर खाप पंचायत मेंबर, जगदीप ओलख, सर छोटू राम किसान यूनियन, सुरेश कोठ, हिसार से, किसान मजदूर एकता प्रधान मनदीप पगड़ी संभाल जट्टां अपने साथियों सहित तीन बस और 10 गाड़ियों सहित दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें रोका वो सरासर गलत था।
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पहलवानों को मिले इंसाफ : कृपाल

नौजवान किसान एकता, चंडीगढ़ के प्रधान कृपाल सिंह ने कहा कि हम सबसे पहले मंजी साहिब गुरुद्वारा गए थे और बड़ी मुश्किल से वहां से शाहपुर पहुंचे है। दिल्ली में बैठे पहलवानों को जल्द से जल्द इंसाफ मिलना चाहिए।

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धरना देने वालों को जबरदस्ती गलत : बलकार
किसान बलकार सिंह ने बताया कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर जो बैठे हैं उनके साथ जोर जबरदस्ती की गई है वह बिल्कुल गलत है। इसी तरह से शाहपुर से बस जाने को लेकर पुलिस ने जिला प्रधान गुरमीत सिंह के साथ जो धक्का मुक्की की गई है वह भी सही नहीं है।
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