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Ambala News: महावीर पार्क प्रोजेक्ट की प्रगति देखने के लिए आई टीम
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अंबाला सिटी। शहर में लंबे समय से कई प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं। बुधवार को शहरी स्थानीय निकाय पंचकूला से चीफ इंजीनियर के नेतृत्व में टीम ने महावीर पार्क और नौरंगराय तालाब का विजिट किया। टीम ने निरीक्षण के दौरान अभी तक हुए कार्य की प्रगति के बारे में रिपोर्ट ली। टीम के साथ नगर निगम आयुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल भी शामिल रही। टीम ने निगम कार्यालय में भी अधिकारियों से बैठक कर रुके हुए प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की।
बता दें कि पिछले लंबे समय से शहर में महावीर पार्क, नौरंगराय तालाब, बाल भवन के प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं। बीते वर्ष में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महावीर पार्क के लिए दो करोड़, नौरंगराय तालाब के लिए एक करोड़ और बाल भवन प्रोजेक्ट के लिए 4.50 करोड़ के रिवाइज बजट को मंजूरी दी थी। निगम ने इसके लिए निविदा लगानी थी।
बचा हुआ कार्य जल्द होगा पूरा, निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि शहर के महावीर पार्क और नौरंगराय तालाब की प्रगति को देखने के लिए और प्रोजेक्ट की भविष्य में योजना बनाने के लिए टीम ने विजिट किया। प्रोजेक्ट में पहले जो खामियां मिली थी, उसको लेकर जांच पहले से चल रही है।
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इस विजिट में यह देखा गया कि इन प्रोजेक्ट पर भविष्य में क्या हो सकता है और भविष्य में उसको कैसे पूरा कर सकते हैं। साथ ही सौंदर्यीकरण कैसे कर सकते हैं, इसको लेकर चर्चा हुई। आयुक्त ने लंबे समय से अटके इन प्रोजेक्ट के कार्य पूरा न होने पर कहा कि निगम ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है।
जल्द ही बचे हुए कार्य को पूरा करने के लिए वर्कऑर्डर जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाल भवन, महावीर पार्क, नौरंगराय तालाब, कम्युनिटी सेंटर को लेकर निविदा हो गई है। आयुक्त ने संपत्ति कर आईडी को सत्यापित करने का कार्य धीमा होने पर कहा कि लोगों को जो समस्याएं सामने आ रही है, उनका समाधान करवाया जा रहा है।
अभी यह प्रोजेक्ट पड़े अधूरे...
सीमेंट की जालीदार दीवार टूटी पड़ी
शहर के महावीर पार्क में सड़क की तरफ बाहर बनाई गई सीमेंट की जालीदार दीवार टूटी पड़ी है। महावीर पार्क का कार्य अगस्त 2017 में शुरू हुआ था। तब इसकी अनुमानित लागत करीब नौ करोड़ रुपये थी। धीरे-धीरे काम बढ़ता गया और लागत करीब 18.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पार्क का कार्य सितंबर 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक अधूरा है।
नौरंगराय तालाब का कार्य 2019 में होना था पूरा
अभी यहां तालाब में गंदगी जमा है। यहां भी सड़क की तरफ सीमेंट की जालीदार दीवार बनाई गई, मगर लोगों ने इसे तोड़ दिया है। श्रद्धा और आस्था के प्रतीक नौरंगराय तालाब की महत्ता को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 2015 में घोषणा की थी। उस समय बजट तीन करोड़ रुपये तय किया गया था। इसके बाद बजट में बदलाव करते हुए इसे 12 करोड़ कर दिया गया था। 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का आरंभ किया था। यह कार्य मार्च 2019 में पूरा होना था। जो पूरा नहीं हो पाया।
बाल भवन का कार्य भी पड़ा अधूरा
इस प्रोजेक्ट का कार्य भी काफी समय से अधूरा पड़ा है। करीब 10 करोड़ की लागत से बनने वाले बालभवन का निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है। तीन साल पहले इस भवन का निर्माण कार्य पूरा होना था। अभी तक इसका निर्माण कार्य करीब 60 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंबाला शहर में 10 करोड़ रुपये की लागत से बालभवन की घोषणा की थी। इस घोषणा के दो साल बाद वर्ष 2017 में बालभवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। मार्च 2019 में इसका निर्माण कार्य पूरा होना था।
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बता दें कि पिछले लंबे समय से शहर में महावीर पार्क, नौरंगराय तालाब, बाल भवन के प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं। बीते वर्ष में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महावीर पार्क के लिए दो करोड़, नौरंगराय तालाब के लिए एक करोड़ और बाल भवन प्रोजेक्ट के लिए 4.50 करोड़ के रिवाइज बजट को मंजूरी दी थी। निगम ने इसके लिए निविदा लगानी थी।
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बचा हुआ कार्य जल्द होगा पूरा, निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि शहर के महावीर पार्क और नौरंगराय तालाब की प्रगति को देखने के लिए और प्रोजेक्ट की भविष्य में योजना बनाने के लिए टीम ने विजिट किया। प्रोजेक्ट में पहले जो खामियां मिली थी, उसको लेकर जांच पहले से चल रही है।
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इस विजिट में यह देखा गया कि इन प्रोजेक्ट पर भविष्य में क्या हो सकता है और भविष्य में उसको कैसे पूरा कर सकते हैं। साथ ही सौंदर्यीकरण कैसे कर सकते हैं, इसको लेकर चर्चा हुई। आयुक्त ने लंबे समय से अटके इन प्रोजेक्ट के कार्य पूरा न होने पर कहा कि निगम ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है।
जल्द ही बचे हुए कार्य को पूरा करने के लिए वर्कऑर्डर जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाल भवन, महावीर पार्क, नौरंगराय तालाब, कम्युनिटी सेंटर को लेकर निविदा हो गई है। आयुक्त ने संपत्ति कर आईडी को सत्यापित करने का कार्य धीमा होने पर कहा कि लोगों को जो समस्याएं सामने आ रही है, उनका समाधान करवाया जा रहा है।
अभी यह प्रोजेक्ट पड़े अधूरे...
सीमेंट की जालीदार दीवार टूटी पड़ी
शहर के महावीर पार्क में सड़क की तरफ बाहर बनाई गई सीमेंट की जालीदार दीवार टूटी पड़ी है। महावीर पार्क का कार्य अगस्त 2017 में शुरू हुआ था। तब इसकी अनुमानित लागत करीब नौ करोड़ रुपये थी। धीरे-धीरे काम बढ़ता गया और लागत करीब 18.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पार्क का कार्य सितंबर 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक अधूरा है।
नौरंगराय तालाब का कार्य 2019 में होना था पूरा
अभी यहां तालाब में गंदगी जमा है। यहां भी सड़क की तरफ सीमेंट की जालीदार दीवार बनाई गई, मगर लोगों ने इसे तोड़ दिया है। श्रद्धा और आस्था के प्रतीक नौरंगराय तालाब की महत्ता को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 2015 में घोषणा की थी। उस समय बजट तीन करोड़ रुपये तय किया गया था। इसके बाद बजट में बदलाव करते हुए इसे 12 करोड़ कर दिया गया था। 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का आरंभ किया था। यह कार्य मार्च 2019 में पूरा होना था। जो पूरा नहीं हो पाया।
बाल भवन का कार्य भी पड़ा अधूरा
इस प्रोजेक्ट का कार्य भी काफी समय से अधूरा पड़ा है। करीब 10 करोड़ की लागत से बनने वाले बालभवन का निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है। तीन साल पहले इस भवन का निर्माण कार्य पूरा होना था। अभी तक इसका निर्माण कार्य करीब 60 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंबाला शहर में 10 करोड़ रुपये की लागत से बालभवन की घोषणा की थी। इस घोषणा के दो साल बाद वर्ष 2017 में बालभवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। मार्च 2019 में इसका निर्माण कार्य पूरा होना था।