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Ambala News: हड़ताल का दिखा मिलाजुला असर बंद तो कुछ खुली रहीं दुकानें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 01:49 AM IST
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The strike had a mixed impact, with some shops closed and some remaining open.
अंबाला। जिला के दवा व्यापारियों ने बुधवार को अपनी थोक व फुटकर दवा की दुकानें बंद कर विरोध किया। व्यापारी ई फार्मेसी और बड़े कार्पोरेट घरानों द्वारा दवाओं पर दी जाने वाली मनमानी छूट और अनियमित ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ एक दिन का बंद कर रहे थे। जिले में दवा की लगभग 1500 दुकानें संचालित होती हैं। बंद का मिलाजुला असर दिखा। कुछ दुकानें बंद थी तो कुछ दुकानें खुली दिखाई दी। कैंट में निकलसन रोड पर एक साथ तीन से चार दुकानें खुली दिखीं। वहीं सिटी में कुछ दुकानें तो बंद थी तो कुछ ने आधा शटर खोलकर ग्राहकों के आने का इंतजार किया।
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कुछ स्थानों पर आपातकालीन प्रयोग के लिए कुछ दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई थी। जिन पर मरीज व तीमारदारों की भीड़ लगी दिखाई दी। हालांकि, जिन लोगों के पास दवा की दुकान खुली होने की जानकारी नहीं थी उन्हें दवा के लिए भटकने को मजबूर होना पड़ा।
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दवा विक्रेताओं ने किया प्रदर्शन



कैंट में अंबाला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दवा विक्रेताओं के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ऑनलाइन दवा की बिक्री पर रोक लगाने के संबंध में नारे लगाए गए। बृजेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि केंद्र सरकार ने कोविड में घर-घर तक दवा की उपलब्धता के लिए नियम जारी किए थे। मगर अब यह एक व्यवस्थित कारोबार बन गया है। ऑनलाइन दवा कंपनियां 50 से 60 प्रतिशत छूट दे रही हैं जबकि सामान्य तौर पर रिटेलर इतनी छूट नहीं दे सकता है। इन नियमों को वापस लिए जाने चाहिए।
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सिटी से कैंट दवा लेने आना पड़ा



सिटी के मानव चौक रोड स्थित निजी अस्पताल में अपनी माता सरोज का उपचार करा रहे रामदीन को ड्रिप लगाने के लिए ग्लूकोज की बोतल व कुछ इंजेक्शन की जरूरत थी। आसपास सभी मेडिकल हॉल बंद मिले। किसी ने बताया तो तपती दोपहर में 12 बजे अंबाला कैंट पहुंचे। यहां पर सिविल अस्पताल के सामने से दवा ली इसके बाद सिटी के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि अंबाला सिटी में उन्होंने कई स्थानों पर मेडिकल खोजे मगर अधिकांश बंद मिले।






दवा लेने में आई दिक्कत



तोपखाना निवासी मोहित ने बताया कि उन्होंने पेट दर्द व दस्त की दवा लेनी थी। स्थानीय मेडिकल की दुकानें बंद थी तो अस्पताल के सामने से दवा ली। हालांकि अगर दवा अपने इलाके में ही मिल जाती तो गर्मी में इतनी दूर नहीं आना पड़ता। दवा जैसी जीवनरक्षक वस्तु को लेकर इस प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए। लोग पहले से ही पेट्रोल डीजल आदि को लेकर परेशान हैं।
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