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Ambala News: रागी जत्थों ने सुनाई शहादत की गाथा, नम हुई संगत की आंखें
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मुलाना। श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज जी के छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी कौर जी की याद में गुरुद्वारा दोसड़का में तीन दिवसीय शहीदी जोड़ मेले के अंतिम दिन विशाल कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ। कीर्तन दरबार में हजारों की संख्या में संगत ने गुरु चरणों में माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। रागी जत्थों ने शहादत की गाथा का वर्णन किया। इससे मौजूद संगत की आंखें नम हो गई।
सिख कौम के प्रसिद्ध रागी जत्थे भाई रणजोध सिंह व भाई लखबीर सिंह, भाई हरदीप सिंह पिलखनी वाले, भाई गुरफतेह सिंह बंगला साहिब दिल्ली वाले, भाई हरदयाल सिंह, भाई कृपाल सिंह अमृतसर साहिब, भाई साहिब सिंह, परमिंदर सिंह अमोलक व कथा वाचकों ने कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। रागी जत्थों ने संगत को बड़े साहिबजादों, छोटे साहिबजादों व माता गुजरी कौर की शहादत संबंधी इतिहास विस्तारपूर्वक सुनाया।
गुरुद्वारा प्रधान बाबा जसबीर सिंह खालसा ने कहा कि दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज के छोटे साहिबजादों की शहीदी को कोई नहीं भुला सकता। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अजीम और महान शहादत दी। साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराइयों से दूर रहते हुए संगत को गुरुबाणी का जाप करने तथा गुरुओं के बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए। इस दौरान जो बोले सो निहाल-सत श्री अकाल के जयघोष से माहौल गूंजता रहा। विशाल कीर्तन दरबार व मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए अटूट लंगर आयोजित किया गया। वहीं आदेश अस्पताल द्वारा लगाए गए शिविर में सैकड़ो लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई।
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सिख कौम के प्रसिद्ध रागी जत्थे भाई रणजोध सिंह व भाई लखबीर सिंह, भाई हरदीप सिंह पिलखनी वाले, भाई गुरफतेह सिंह बंगला साहिब दिल्ली वाले, भाई हरदयाल सिंह, भाई कृपाल सिंह अमृतसर साहिब, भाई साहिब सिंह, परमिंदर सिंह अमोलक व कथा वाचकों ने कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। रागी जत्थों ने संगत को बड़े साहिबजादों, छोटे साहिबजादों व माता गुजरी कौर की शहादत संबंधी इतिहास विस्तारपूर्वक सुनाया।
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गुरुद्वारा प्रधान बाबा जसबीर सिंह खालसा ने कहा कि दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज के छोटे साहिबजादों की शहीदी को कोई नहीं भुला सकता। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अजीम और महान शहादत दी। साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराइयों से दूर रहते हुए संगत को गुरुबाणी का जाप करने तथा गुरुओं के बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए। इस दौरान जो बोले सो निहाल-सत श्री अकाल के जयघोष से माहौल गूंजता रहा। विशाल कीर्तन दरबार व मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए अटूट लंगर आयोजित किया गया। वहीं आदेश अस्पताल द्वारा लगाए गए शिविर में सैकड़ो लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई।
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