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Ambala News: रजिस्ट्री नहीं होने और सड़क दुर्घटनाओं का उठाया मुद्दा
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अमर उजाला के कार्यालय में संवाद कार्यक्रम के दौरान शहर के मुद्दे बताते शहर के गणमान्य नागरिक। स
अंबाला। अमर उजाला कार्यालय में शुक्रवार को संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें लोगों ने शहर से जुड़े प्रमुख मुद्दों को उठाया। उन्होंने बारिश से पहले शहर में नालों की सफाई, पानी की निकासी, रजिस्ट्री नहीं होने से हो रही परेशानी और दोपहिया वाहन चालकों की लापरवाही से सड़क हादसों में बढ़ोतरी जैसे प्रमुख मुद्दों को उठाया।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी सिस्टम अगर प्रयास करे तो किसी समस्या को हल करना कोई मुश्किल काम नहीं है। कई जगह सामंजस्य नहीं है तो कहीं पर राजनीति के कारण शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान सेक्टर 7 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप सचदेवा, समाजसेवी और कारोबारी राकेश मक्कड़, सेक्टर 10 से पूर्व शिक्षक ओम प्रकाश, मॉडल टाउन से समाजसेवी नरेश चोपड़ा, संजय लाकड़ा, प्रीतम गिल, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ से राज्य महासचिव राजेश शर्मा और राज्य प्रवक्ता अमित छाबड़ा उपस्थित रहे।
नालों की सफाई के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
अधिवक्ता संदीप सचदेवा ने बताया कि मानसून आने वाला है। इससे पहले वह काफी प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरफ से शहर को जलमग्न होने से बचाया जा सके। मगर देखने को मिल रहा है कि काम की लचर व्यवस्था और तालमेल न होने के कारण नालों की सफाई का काम काफी धीमा चल रहा है। इसमें तेजी लाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अगर समय-समय पर नालों की सफाई होती रहे तो बारिश के समय चिंता करने की जरूरत नहीं बनेगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पूर्व के समय में पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अंबाला को बाढ़ से निजात दिलाने के लिए तटबंध बनाने की परियोजना पर चर्चा की थी। अगर वह परियोजना लागू हो गई होती तो अंबाला को हमेशा के लिए बाढ़ से मुक्ति मिल जाती।
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रजिस्ट्री को लेकर हो रही दिक्कत
शिक्षक संघ के महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि अंबाला में अभी भी ऐसे कई इलाके हैं जहां पर रजिस्ट्री नहीं हो रही है। सरकार की तरफ से रजिस्ट्री बंद हैं। आज तक इस बंद का उन्हें कारण नहीं पता लगा। कई इलाके तो ऐसे हैं जो विभाजन से पहले के बसे हैं। ऐसे लोग अपनी जरूरतों को लेकर अपनी संपत्ति बेच भी नहीं सकते हैं।
सड़क सुरक्षा बड़ा सवाल बना
समाजसेवी राकेश मक्कड़ ने बताया कि सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। इन सड़क हादसों में पिछले दो महीने में 90 लोग जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद हमारी लापरवाही हम पर ही भारी पड़ रही है। इस ओर लोगों का ध्यान देने की जरूरत है।
इन समाज सेवियों ने भी रखी बात
सेक्टर 10 के निवासी पूर्व शिक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि शहर जबसे नगर निगम के पास गया है तब से सेक्टरों में रहने वाले लोग परेशान हो गए हैं। वह नगर निगम के पास जाना ही नहीं चाहते हैं। उन्हें सड़क से लेकर नालों तक के लिए निगम के चक्कर काटने पड़ते हैं। मगर समाधान के लिए कोई जवाब नहीं मिलता। इसी प्रकार समाजसेवी नरेश चोपड़ा ने बताया कि सेक्टर में अतिक्रमण है। सफाई कर्मचारी कागजों में अधिक दिखाई देते हैं मगर हकीकत में ड्यूटी पर कम ही रहते हैं। यह कहां काम कर रहे हैं इस पर नगर निगम को ध्यान देना चाहिए। शहर के सफाई कर्मचारी शहर की सफाई के लिए हैं न कि किसी अधिकारी या राजनेताओं के घर पर काम करने के लिए। इस व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
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उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी सिस्टम अगर प्रयास करे तो किसी समस्या को हल करना कोई मुश्किल काम नहीं है। कई जगह सामंजस्य नहीं है तो कहीं पर राजनीति के कारण शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान सेक्टर 7 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप सचदेवा, समाजसेवी और कारोबारी राकेश मक्कड़, सेक्टर 10 से पूर्व शिक्षक ओम प्रकाश, मॉडल टाउन से समाजसेवी नरेश चोपड़ा, संजय लाकड़ा, प्रीतम गिल, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ से राज्य महासचिव राजेश शर्मा और राज्य प्रवक्ता अमित छाबड़ा उपस्थित रहे।
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नालों की सफाई के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
अधिवक्ता संदीप सचदेवा ने बताया कि मानसून आने वाला है। इससे पहले वह काफी प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरफ से शहर को जलमग्न होने से बचाया जा सके। मगर देखने को मिल रहा है कि काम की लचर व्यवस्था और तालमेल न होने के कारण नालों की सफाई का काम काफी धीमा चल रहा है। इसमें तेजी लाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अगर समय-समय पर नालों की सफाई होती रहे तो बारिश के समय चिंता करने की जरूरत नहीं बनेगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पूर्व के समय में पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अंबाला को बाढ़ से निजात दिलाने के लिए तटबंध बनाने की परियोजना पर चर्चा की थी। अगर वह परियोजना लागू हो गई होती तो अंबाला को हमेशा के लिए बाढ़ से मुक्ति मिल जाती।
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रजिस्ट्री को लेकर हो रही दिक्कत
शिक्षक संघ के महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि अंबाला में अभी भी ऐसे कई इलाके हैं जहां पर रजिस्ट्री नहीं हो रही है। सरकार की तरफ से रजिस्ट्री बंद हैं। आज तक इस बंद का उन्हें कारण नहीं पता लगा। कई इलाके तो ऐसे हैं जो विभाजन से पहले के बसे हैं। ऐसे लोग अपनी जरूरतों को लेकर अपनी संपत्ति बेच भी नहीं सकते हैं।
सड़क सुरक्षा बड़ा सवाल बना
समाजसेवी राकेश मक्कड़ ने बताया कि सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। इन सड़क हादसों में पिछले दो महीने में 90 लोग जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद हमारी लापरवाही हम पर ही भारी पड़ रही है। इस ओर लोगों का ध्यान देने की जरूरत है।
इन समाज सेवियों ने भी रखी बात
सेक्टर 10 के निवासी पूर्व शिक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि शहर जबसे नगर निगम के पास गया है तब से सेक्टरों में रहने वाले लोग परेशान हो गए हैं। वह नगर निगम के पास जाना ही नहीं चाहते हैं। उन्हें सड़क से लेकर नालों तक के लिए निगम के चक्कर काटने पड़ते हैं। मगर समाधान के लिए कोई जवाब नहीं मिलता। इसी प्रकार समाजसेवी नरेश चोपड़ा ने बताया कि सेक्टर में अतिक्रमण है। सफाई कर्मचारी कागजों में अधिक दिखाई देते हैं मगर हकीकत में ड्यूटी पर कम ही रहते हैं। यह कहां काम कर रहे हैं इस पर नगर निगम को ध्यान देना चाहिए। शहर के सफाई कर्मचारी शहर की सफाई के लिए हैं न कि किसी अधिकारी या राजनेताओं के घर पर काम करने के लिए। इस व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।