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Ambala News: ओलावृष्टि से खेत और किसानों के चेहरे सफेद
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गांव माजरी में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि।
अंबाला सिटी। तेज हवा के साथ जिले में चार मिलीमीटर बारिश होने से मौसम ठंड हो गया। बारिश के साथ ही जिले में कई जगह ओलावृष्टि हुई। कई जगह ओलावृष्टि से धरती सफेद चादर में ढक गई। गेहूं की फसल में भी ओलावृष्टि की सफेद चादर जमा हो गई।
बराड़ा क्षेत्र में भी काफी ओलावृष्टि हुई। इसी तरह अंबाला खंड वन के नग्गल, माजरी क्षेत्र, मटहेड़ी शेखां सहित कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। फरवरी की बात करें तो पिछले वर्ष के मुकाबले बारिश कम हुई है। फरवरी माह में 35.2 मिलीमीटर सामान्य बारिश होनी थी, मगर 14 मिलीमीटर ही बारिश हुई है। यह 60 फीसदी कम हैं।
जिला उप कृषि निदेशक जसविंदर सैनी ने बताया कि शुक्रवार को बारिश और ओलावृष्टि के कारण खंड अंबाला एक और बराड़ा में सबसे अधिक असर की सूचना मिली है। ओलावृष्टि के कारण सरसों और फलों की फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। इसका आकलन लगाया जा रहा है। गेहूं को फिलहाल कोई नुकसान नहीं है।
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फसल को नुकसान का दावा
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने बताया कि जिले में कई जगह भारी ओलावृष्टि हुई है। इससे सरसों की फसल पूरी तरह से प्रभावित हुई है और गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई है। सरकार को अंबाला खंड वन में ओलावृष्टि के लिए गिरदावरी करानी चाहिए, जिससे कि किसानों को मुआवजा मिल सके।
बारिश से गिरा दिन का पारा
वहीं, सुबह से बादल छाए हुए थे और शाम पांच बजे से तेज बारिश हुुई। करीब आधा घंटे तक बारिश होती रही। इससे कई जगह जलभराव हो गया। बारिश होने के साथ ही बिजली भी गरजी। बारिश और तेज हवा चलने से कई जगह गेहूं की फसल भी बिछ गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया। बारिश से दिन के तापमान में भी कमी देखने को मिल रही है। प्रदेश की बात करें तो अंबाला जिले में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 24 घंटे में अंबाला में 10.2 मिलीमीटर बारिश हुई है।
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बराड़ा क्षेत्र में भी काफी ओलावृष्टि हुई। इसी तरह अंबाला खंड वन के नग्गल, माजरी क्षेत्र, मटहेड़ी शेखां सहित कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। फरवरी की बात करें तो पिछले वर्ष के मुकाबले बारिश कम हुई है। फरवरी माह में 35.2 मिलीमीटर सामान्य बारिश होनी थी, मगर 14 मिलीमीटर ही बारिश हुई है। यह 60 फीसदी कम हैं।
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जिला उप कृषि निदेशक जसविंदर सैनी ने बताया कि शुक्रवार को बारिश और ओलावृष्टि के कारण खंड अंबाला एक और बराड़ा में सबसे अधिक असर की सूचना मिली है। ओलावृष्टि के कारण सरसों और फलों की फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। इसका आकलन लगाया जा रहा है। गेहूं को फिलहाल कोई नुकसान नहीं है।
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फसल को नुकसान का दावा
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने बताया कि जिले में कई जगह भारी ओलावृष्टि हुई है। इससे सरसों की फसल पूरी तरह से प्रभावित हुई है और गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई है। सरकार को अंबाला खंड वन में ओलावृष्टि के लिए गिरदावरी करानी चाहिए, जिससे कि किसानों को मुआवजा मिल सके।
बारिश से गिरा दिन का पारा
वहीं, सुबह से बादल छाए हुए थे और शाम पांच बजे से तेज बारिश हुुई। करीब आधा घंटे तक बारिश होती रही। इससे कई जगह जलभराव हो गया। बारिश होने के साथ ही बिजली भी गरजी। बारिश और तेज हवा चलने से कई जगह गेहूं की फसल भी बिछ गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया। बारिश से दिन के तापमान में भी कमी देखने को मिल रही है। प्रदेश की बात करें तो अंबाला जिले में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 24 घंटे में अंबाला में 10.2 मिलीमीटर बारिश हुई है।

गांव माजरी में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि।

गांव माजरी में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि।