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Ambala News: छावनी के 6469 कब्जाधारियों की पैरवी करेगी सरकार, 14 जुलाई का कोर्ट में रखेगी पक्ष
Mon, 14 Jul 2025 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Mon, 14 Jul 2025 02:31 AM IST
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अंबाला। छावनी के 6469 कब्जाधारियों के मामले की सुनवाई 14 जुलाई को हाईकोर्ट में होगी। सुनवाई से पहले निकाय विभाग ने कब्जों से संबंधित योजना का खाका तैयार किया है। इसमें तीन तरह के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं जोकि ओल्ड ग्रांट भूमि, लीज की जमीन और दोगुने कलेक्टर रेट से संबंधित हैं। तीनों प्रस्तावों को चरणबद्ध तरीके से कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा ताकि लोगों को राहत मिल सके। हालांकि इस पर अंतिम फैसला कोर्ट के आदेशों पर ही निर्भर करेगा कि वो अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हैं या फिर राहत के नाम पर किसी एक योजना पर मोहर लगाते हैं।
कोर्ट में जमा अतिक्रमण का खाका
छावनी में ओल्ड ग्रांट पर दी भूमि के 48.19 एकड़ पर 5094 लोगों ने अवैध कब्जा किया है। इसी प्रकार लीज पर दी भूमि के साथ खाली पड़ी 1.30 एकड़ पर 102 लोगों की ओर से अवैध कब्जा किया है। वहीं, विभिन्न स्थानों पर लगभग 29.45 एकड़ खाली सरकारी भूमि पर 1194 लोगों की ओर से कब्जा किया है। जबकि वर्ष 2003 में नियमित की 13 कॉलोनियां में खाली 7.18 एकड़ भूमि पर 124 लोगों ने कब्जा किया है। इसमें सरकार की ओर से समय-2 पर गैर कृषि कार्यों के लिए 97.41 एकड़ भूमि लीज पर दी गई थी, इसमें से 72.76 एकड़ भूमि व 224 प्रॉपर्टी की लीज समाप्त हो चुकी है और 130.21 एकड़ भूमि जोकि 45 लोगों को कृषि के काम के लिए लीज पर दी थी, उसकी लीज भी काफी समय पहले समाप्त हो चुकी है।
पूरा मामला
वर्ष 1977 में भारत सरकार की ओर से छावनी में कुल 1066 एकड़ भूमि को अंबाला कैंटोनमेंट से हटाकर हरियाणा सरकार और नगर परिषद अंबाला सदर को स्थानांतरित की थी। इसमें से काफी भूमि लोगों को रहने के लिए ओल्ड ग्रांट और लीज ग्रांट पर दी थी। इस पर समय बीतने के साथ-साथ काफी लोगों ने उपरोक्त के अतिरिक्त खाली भूमि पर भवन बनाकर स्थायी कब्जा कर लिया। इस मामले में 19 जनवरी 2024 को न्यायालय की ओर से उपरोक्त 1066 एकड़ भूमि का सर्वे करने और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बारे में आदेश जारी किए थे।
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मामले की सुनवाई 14 जुलाई को है। इस मामले के संबंध में सरकार अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखेगी। इसके आधार पर जो फैसला आएगा, उसके तहत आगामी कार्यवाही की जाएगी।
राजेश कुमार, सचिव नगर परिषद सदर अंबाला।
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कोर्ट में जमा अतिक्रमण का खाका
छावनी में ओल्ड ग्रांट पर दी भूमि के 48.19 एकड़ पर 5094 लोगों ने अवैध कब्जा किया है। इसी प्रकार लीज पर दी भूमि के साथ खाली पड़ी 1.30 एकड़ पर 102 लोगों की ओर से अवैध कब्जा किया है। वहीं, विभिन्न स्थानों पर लगभग 29.45 एकड़ खाली सरकारी भूमि पर 1194 लोगों की ओर से कब्जा किया है। जबकि वर्ष 2003 में नियमित की 13 कॉलोनियां में खाली 7.18 एकड़ भूमि पर 124 लोगों ने कब्जा किया है। इसमें सरकार की ओर से समय-2 पर गैर कृषि कार्यों के लिए 97.41 एकड़ भूमि लीज पर दी गई थी, इसमें से 72.76 एकड़ भूमि व 224 प्रॉपर्टी की लीज समाप्त हो चुकी है और 130.21 एकड़ भूमि जोकि 45 लोगों को कृषि के काम के लिए लीज पर दी थी, उसकी लीज भी काफी समय पहले समाप्त हो चुकी है।
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पूरा मामला
वर्ष 1977 में भारत सरकार की ओर से छावनी में कुल 1066 एकड़ भूमि को अंबाला कैंटोनमेंट से हटाकर हरियाणा सरकार और नगर परिषद अंबाला सदर को स्थानांतरित की थी। इसमें से काफी भूमि लोगों को रहने के लिए ओल्ड ग्रांट और लीज ग्रांट पर दी थी। इस पर समय बीतने के साथ-साथ काफी लोगों ने उपरोक्त के अतिरिक्त खाली भूमि पर भवन बनाकर स्थायी कब्जा कर लिया। इस मामले में 19 जनवरी 2024 को न्यायालय की ओर से उपरोक्त 1066 एकड़ भूमि का सर्वे करने और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बारे में आदेश जारी किए थे।
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मामले की सुनवाई 14 जुलाई को है। इस मामले के संबंध में सरकार अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखेगी। इसके आधार पर जो फैसला आएगा, उसके तहत आगामी कार्यवाही की जाएगी।
राजेश कुमार, सचिव नगर परिषद सदर अंबाला।