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भर्ती प्रक्रिया नियम में बदलाव से युवाओं का भविष्य खतरे में
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अंबाला सिटी। सरकार की ओर से 16 सितंबर 2021 में निकाली गई कृषि विभाग में 500 एडीओ और 26 एसडीओ की भर्ती तीन दिसंबर को रद्द कर दी गई थी। अब सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। इस कारण युवाओं में गहरा रोष है। नियम में बदलाव के बाद केवल वे विद्यार्थी ही सरकारी भर्ती में भाग ले सकेंगे, जिन्होंने आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) से मान्यता प्राप्त कॉलेज और विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की होगी।
दूसरी ओर, इस समय हजारों की संख्या में छात्र ऐसे कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर चुके हैं जो आईसीएआर से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। ऐसे में अब हजारों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है। उन्हें डर सता रहा है कि उनके द्वारा लाखों रुपये खर्च कर और समय लगाकर जो पढ़ाई की है, वह पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। छात्रों और युवाओं ने मांग की है कि उन्हें भी सरकारी भर्ती में भाग लेने का मौका दिया जाए। युवाओं का कहना है कि अगर सरकार यह बदलाव करने का फैसला वापस नहीं लेती तो युवाओं को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सरकार द्वारा परीक्षा को लेकर किया जा रहा बदलाव सरासर गलत है। इससे हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। निजी कॉलेज से कृषि संबंधी विषयों में पढ़ाई करने वाले छात्र सरकारी नौकरी के लिए भी आवेदन नहीं कर सकेंगे। सरकार को चाहिए कि वह अभी तक पढ़ाई कर चुके सभी छात्रों को आईसीएआर के छात्रों को मिल रही सभी सुविधाएं प्रदान करें।
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-राहुल गिरी, युवा।
पिछले दिनों सरकार की ओर से भर्ती निकाली गई थी। इस दौरान हजारों छात्रों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। उस परीक्षा को रद्द कर दिया गया। अब नया बदलाव कर रहे हैं कि बिना आईसीएआर से मान्यता प्राप्त डिग्री वालों को परीक्षा में भाग नहीं लेने दिया जाएगा। इससे हमारा भविष्य खतरे में आ जाएगा। हमने कृषि विकास को लेकर अच्छे से पढ़ाई की है।
- सोनू, युवा।
बहुत से ऐसे कॉलेज और विश्वविद्यालय हैं जो बिना आईसीएआर से मान्यता प्राप्त कर पढ़ाई करवा रहे हैं। ऐसे कॉलेज और विश्वविद्यालय से हजारों की संख्या में छात्र पढ़ाई कर चुके हैं और कर रहे हैं। ऐसे में उन छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। सरकार को अभी तक बिना आईसीएआर से संबंधित कॉलेजों से पढ़ाई कर चुके छात्रों को सभी सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए।
- आंचल राणा, युवा।
हमने लाखों रुपये खर्च कर एग्रीकल्चर की पढ़ाई की है, ताकि अपना भविष्य बना सके। अगर अब सरकार नियम में बदलाव करती है तो हम जो पढ़ाई कर रहे हैं, वह किसी काम की नहीं रह जाएगी। वैसे तो सरकार कृषि को बढ़ावा देने की बात कर रही है। दूसरी ओर, कृषि विकास के लिए पढ़ाई कर रहे छात्रों का भविष्य खतरे में डाल रही है। यह सरकार का गलत फैसला है।
- नवजोत कौर, युवा।
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दूसरी ओर, इस समय हजारों की संख्या में छात्र ऐसे कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर चुके हैं जो आईसीएआर से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। ऐसे में अब हजारों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है। उन्हें डर सता रहा है कि उनके द्वारा लाखों रुपये खर्च कर और समय लगाकर जो पढ़ाई की है, वह पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। छात्रों और युवाओं ने मांग की है कि उन्हें भी सरकारी भर्ती में भाग लेने का मौका दिया जाए। युवाओं का कहना है कि अगर सरकार यह बदलाव करने का फैसला वापस नहीं लेती तो युवाओं को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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सरकार द्वारा परीक्षा को लेकर किया जा रहा बदलाव सरासर गलत है। इससे हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। निजी कॉलेज से कृषि संबंधी विषयों में पढ़ाई करने वाले छात्र सरकारी नौकरी के लिए भी आवेदन नहीं कर सकेंगे। सरकार को चाहिए कि वह अभी तक पढ़ाई कर चुके सभी छात्रों को आईसीएआर के छात्रों को मिल रही सभी सुविधाएं प्रदान करें।
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-राहुल गिरी, युवा।
पिछले दिनों सरकार की ओर से भर्ती निकाली गई थी। इस दौरान हजारों छात्रों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। उस परीक्षा को रद्द कर दिया गया। अब नया बदलाव कर रहे हैं कि बिना आईसीएआर से मान्यता प्राप्त डिग्री वालों को परीक्षा में भाग नहीं लेने दिया जाएगा। इससे हमारा भविष्य खतरे में आ जाएगा। हमने कृषि विकास को लेकर अच्छे से पढ़ाई की है।
- सोनू, युवा।
बहुत से ऐसे कॉलेज और विश्वविद्यालय हैं जो बिना आईसीएआर से मान्यता प्राप्त कर पढ़ाई करवा रहे हैं। ऐसे कॉलेज और विश्वविद्यालय से हजारों की संख्या में छात्र पढ़ाई कर चुके हैं और कर रहे हैं। ऐसे में उन छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। सरकार को अभी तक बिना आईसीएआर से संबंधित कॉलेजों से पढ़ाई कर चुके छात्रों को सभी सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए।
- आंचल राणा, युवा।
हमने लाखों रुपये खर्च कर एग्रीकल्चर की पढ़ाई की है, ताकि अपना भविष्य बना सके। अगर अब सरकार नियम में बदलाव करती है तो हम जो पढ़ाई कर रहे हैं, वह किसी काम की नहीं रह जाएगी। वैसे तो सरकार कृषि को बढ़ावा देने की बात कर रही है। दूसरी ओर, कृषि विकास के लिए पढ़ाई कर रहे छात्रों का भविष्य खतरे में डाल रही है। यह सरकार का गलत फैसला है।
- नवजोत कौर, युवा।