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Ambala News: सुप्रीम कोर्ट में गए डिजिटल अरेस्ट मामले के तार कंबोडिया से जुड़े, अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार

Sat, 13 Dec 2025 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Sat, 13 Dec 2025 12:37 AM IST
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The digital arrest case that went to the Supreme Court has links to Cambodia; nine accused have been arrested so far.
अंबाला। हरियाणा रोडवेज विभाग से सेवानिवृत्त ऑडिटर शशिबाला सचदेवा को डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में नया खुलासा हुआ है। डिजिटल अरेस्ट के तार भी कंबोडिया से जुड़े पाए गए है। विदेश में बैठे-बैठे शातिर कंबोडिया के आईपी नंबरों के सहारे पीड़िता के संपर्क में आए थे। डराने-धमकाने के बाद आरोपियों ने उनसे 1 करोड़ 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। बाद में यह रकम जयपुर, तेलंगाना, बेंगलुरु में अलग-अलग आरोपियों के खातों में डाली गई। जहां से धीरे-धीरे यह रुपया दूसरे खातों में चला गया। हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से करवाने के निर्देश दिए गए थे। अभी तक अंबाला साइबर थाना की टीम इस मामले में 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। अंबाला साइबर थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि गहनता से जांच के बाद जल्द अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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यह था पूरा मामला
हरियाणा रोडवेज विभाग की रिटायर्ड ऑडिटर शशिबाला सचदेवा (71 वर्ष) व उनके पति से फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये की ठगी कर ली थी। 17 सितंबर के इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पीड़िता और उनके पति को 14 दिनों तक व्हाट्सएप कॉल और वीडियो के जरिए डिजिटल अरेस्ट में रखकर मानसिक प्रताड़ना दी गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस देकर जवाब मांगा था।
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ऐसे की गई ठगी

3-4 सितंबर : फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर कॉल्स की शुरुआत। आधार कार्ड के गलत इस्तेमाल की बात कही गई।

5-6 सितंबर : डिजिटल अरेस्ट की धमकी। बैंक खातों की जांच के बहाने 49.5 लाख अकाउंट में ट्रांसफर कराए।
9 सितंबर : पति के खाते से 35 लाख एक अन्य अकाउंट में ट्रांसफर।
11-12 सितंबर : गोल्ड गिरवी रखकर 21 लाख का लोन लिया गया और वह भी ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर।
14-15 सितंबर : इंटरपोल और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर 4.5 लाख की और मांग, लेकिन तब तक पति की तबीयत बिगड़ गई और बेटी को सच्चाई बताने पर पूरा मामला उजागर हुआ।
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क्या है डिजिटल अरेस्ट
डिजिटल अरेस्ट एक नया साइबर अपराध है, जिसमें ठग कानून प्रवर्तन एजेंसियों, अदालतों या सरकारी अधिकारी बनकर व उनकी पोशाक में पीड़ितों को वीडियो या ऑडियो कॉल के जरिए डराते-धमकाते हैं। वे पीड़ित को वर्चुअल हिरासत में बताकर रुपये वसूलते हैं।
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