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Ambala News: बाबा का जलाभिषेक कर भक्तों ने मांगी मन्नत
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अंबाला। सावन के दूसरे दिन भक्तों ने भोले बाबा के दर्शन कर जलाभिषेक किया। इस दौरान भक्त लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस दौरान भक्तों ने दूध, फल, बेल पत्र, शहद, फूलों से बाबा का अभिषेक किया। शनिवार की सुबह से ही भक्तों का मंदिर में आना शुरू हो गया।
छावनी के बीसी बाजार गौरी शंकर मंदिर, बीसी बाजार के शिव मंदिर, स्टाफ रोड सनातन धर्म मंदिर, हाथी खाना कैलाश शिव मंदिर, हिल रोड श्री सनातन धर्म मंदिर में भक्तों ने भोले बाबा का आशीर्वाद लिया।
श्री सनातन धर्म मंदिर के पंडित प्रवेश उनियाल बताते हैं कि श्रावण शब्द श्रवण से बना है जिसका अर्थ है सुनना। अर्थात सुनकर धर्म को समझना। वेदों को श्रुति कहा जाता है अर्थात उस ज्ञान को ईश्वर से सुनकर ऋषियों ने लोगों को सुनाया था। यह महीना भक्तिभाव और सत्संग के लिए होता है। सावन के महीने में विशेषकर भगवान शिव, मां पार्वती और श्री कृष्ण जी की पूजा का काफी महत्व होता है।
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उन्होंने बताया कि सावन माह में सभी दिन पवित्र होते हैं। लेकिन सोमवार, गणेश चतुर्थी, मंगला गौरी व्रत, मौना पंचमी, श्रावण माह का पहला शनिवार, कामिका एकादशी, कल्कि अवतार शुक्ल 6, ऋषि पंचमी, 12वीं को हिंडोला व्रत, हरियाली अमावस्या, विनायक चतुर्थी, नागपंचमी, पुत्रदा एकादशी, त्रयोदशी, वरा लक्ष्मी व्रत, गोवत्स और बाहुला व्रत, पिथोरी, पोला, नराली पूर्णिमा, श्रावणी पूर्णिमा, पवित्रारोपन, शिव चतुर्दशी और रक्षा बंधन आदि पवित्र दिन हैं। बीसी बाजार स्थित शिव मंदिर के पंडित संजीव बेंजवाल ने बताया कि मंदिर खुलते ही भक्तों का आना शुरू हो गया। भक्तों ने भोले बाबा का जल और दूध से अभिषेक किया। इसके बाद शाम को महिला कीर्तन मंडली द्वारा भोले बाबा के भजनों का गुणगान किया।
शाम को बाबा की आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया। बीसी बाजार स्थित गौरी शंकर मंदिर के पंडित हिमांशु बमाेंला ने बताया कि भक्तों ने सुबह जलाभिषेक किया। इसके बाद शाम के महिला मंडली की ओर से कीर्तन किया गया। इसके बाद बाबा की आरती और प्रसाद वितरित किया गया।
हिल रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर के पंडित प्रवेश उनियाल ने बताया कि सुबह मंदिर में भोले बाबा का पंचामृत से अभिषेक किया गया।इसे बाद भक्तों ने जलाभिषेक किया। इसे बाद शाम को मंदिर में आरती की गई। आरती के बाद सामूहिक कीर्तन किया और अंत में शयन आरती की गई। संवाद
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छावनी के बीसी बाजार गौरी शंकर मंदिर, बीसी बाजार के शिव मंदिर, स्टाफ रोड सनातन धर्म मंदिर, हाथी खाना कैलाश शिव मंदिर, हिल रोड श्री सनातन धर्म मंदिर में भक्तों ने भोले बाबा का आशीर्वाद लिया।
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श्री सनातन धर्म मंदिर के पंडित प्रवेश उनियाल बताते हैं कि श्रावण शब्द श्रवण से बना है जिसका अर्थ है सुनना। अर्थात सुनकर धर्म को समझना। वेदों को श्रुति कहा जाता है अर्थात उस ज्ञान को ईश्वर से सुनकर ऋषियों ने लोगों को सुनाया था। यह महीना भक्तिभाव और सत्संग के लिए होता है। सावन के महीने में विशेषकर भगवान शिव, मां पार्वती और श्री कृष्ण जी की पूजा का काफी महत्व होता है।
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उन्होंने बताया कि सावन माह में सभी दिन पवित्र होते हैं। लेकिन सोमवार, गणेश चतुर्थी, मंगला गौरी व्रत, मौना पंचमी, श्रावण माह का पहला शनिवार, कामिका एकादशी, कल्कि अवतार शुक्ल 6, ऋषि पंचमी, 12वीं को हिंडोला व्रत, हरियाली अमावस्या, विनायक चतुर्थी, नागपंचमी, पुत्रदा एकादशी, त्रयोदशी, वरा लक्ष्मी व्रत, गोवत्स और बाहुला व्रत, पिथोरी, पोला, नराली पूर्णिमा, श्रावणी पूर्णिमा, पवित्रारोपन, शिव चतुर्दशी और रक्षा बंधन आदि पवित्र दिन हैं। बीसी बाजार स्थित शिव मंदिर के पंडित संजीव बेंजवाल ने बताया कि मंदिर खुलते ही भक्तों का आना शुरू हो गया। भक्तों ने भोले बाबा का जल और दूध से अभिषेक किया। इसके बाद शाम को महिला कीर्तन मंडली द्वारा भोले बाबा के भजनों का गुणगान किया।
शाम को बाबा की आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया। बीसी बाजार स्थित गौरी शंकर मंदिर के पंडित हिमांशु बमाेंला ने बताया कि भक्तों ने सुबह जलाभिषेक किया। इसके बाद शाम के महिला मंडली की ओर से कीर्तन किया गया। इसके बाद बाबा की आरती और प्रसाद वितरित किया गया।
हिल रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर के पंडित प्रवेश उनियाल ने बताया कि सुबह मंदिर में भोले बाबा का पंचामृत से अभिषेक किया गया।इसे बाद भक्तों ने जलाभिषेक किया। इसे बाद शाम को मंदिर में आरती की गई। आरती के बाद सामूहिक कीर्तन किया और अंत में शयन आरती की गई। संवाद