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Ambala News: ठेकेदार एक बार भी नाले नहीं कर पाया साफ
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अंबाला सिटी। शहर की ड्रेन और नालों की हालत काफी खराब है। मानसून 24 जून से एक्टिव हो चुका है। अभी तक शहर के नालों की एक बार भी सफाई नहीं हुई। शहर के बीच से गुजर रहे नाले गंदगी और गाद से भरे हैं।
इससे बारिश होने पर शहरवासियों की परेशानी बढ़ना तय है। कई जगहों पर तो अभी नालों की सफाई का कार्य भी शुरू नहीं हुआ। इस बारे में नगर निगम डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुशील कुमार से नालों की सफाई के बारे में पूछा। उन्होंने यह भी जाना कि शहर के कितने नाले अभी तक साफ किए गए हैं, उसके बारे में उन्हें बताया जाए। मेहता ने कहा कि अगर जल्द नालों की सफाई न हुई तो ठेकेदार का भुगतान रुकवाया जाएगा। वहीं अभी तक एक बार भी नालों की सफाई न होने पर मेयर शक्ति रानी शर्मा ने इसे निगम अधिकारियों की लापरवाही बताया।
तीन बार करने हैं नाले साफ, हुए एक बार भी नहीं : मेहता
निगम के डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने कहा कि निगम ने ठेकेदार को शहर के नाले और ड्रेन साफ करने के लिए 58 लाख का ठेका दिया है। ठेकेदार को 4 महीने में तीन बार नाले साफ करने हैं, मगर अभी तक एक बार भी शहर के सभी नालों व ड्रेन की सफाई नहीं हो पाई है। तीन बार तो कब तक होगी। मेहता ने बताया कि उन्होंने इस बारे में चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुशील कुमार से बात की है। उन्होंने चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर से जानकारी मांगी है कि अभी तक शहर में कितने नाले साफ किए गए। मेहता ने कहा कि अगर नालों की सफाई को लेकर यही स्थिति रही और एक बार नालों की सफाई न की गई तो ठेकेदार की पेमेंट रुकवाई जाएगी।
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तीन बड़ी ड्रेन की 11 हजार 199 मीटर है लंबाई
शहर की बात करें तो शहर में तीन बड़ी ड्रेन हैं। इनमें सेशन ड्रेन 4600 मीटर, इंको ड्रेन 4899 मीटर और घेल ड्रेन 1700 मीटर लंबी है। इसके साथ ही 89 छोटे नाले हैं। इनकी कुल लंबाई 47 हजार 155 मीटर है।
चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर ने मांगी रिपोर्ट
इस बारे में चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुशील कुमार का कहना है कि 4 महीने में ठेकेदार ने 3 बार नाले साफ करने हैं। नालों की सफाई का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने ठेकेदार से रिपोर्ट मांगी है कि अभी तक उसने कितने नाले साफ किए और कितने साफ करने अभी बाकी है। ठेकेदार को 58 लाख का ठेका दिया गया है।
अधिकारियों की लापरवाही, लेट दिया ठेका : मेयर
नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि शहर के बड़े नालों और ड्रेन की सफाई जून में ही हो जानी चाहिए थी। यह लेट शुरू हुई, क्योंकि नगर निगम अधिकारियों ने सफाई का ठेका लेट दिया। ऐसा नहीं है कि शहर में ठेकेदार नालों की सफाई नहीं कर रहा। सफाई हो रही है। निगम अधिकारी अगर ठेका समय पर देते तो अभी तक एक बार सफाई हो चुकी होती।
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इससे बारिश होने पर शहरवासियों की परेशानी बढ़ना तय है। कई जगहों पर तो अभी नालों की सफाई का कार्य भी शुरू नहीं हुआ। इस बारे में नगर निगम डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुशील कुमार से नालों की सफाई के बारे में पूछा। उन्होंने यह भी जाना कि शहर के कितने नाले अभी तक साफ किए गए हैं, उसके बारे में उन्हें बताया जाए। मेहता ने कहा कि अगर जल्द नालों की सफाई न हुई तो ठेकेदार का भुगतान रुकवाया जाएगा। वहीं अभी तक एक बार भी नालों की सफाई न होने पर मेयर शक्ति रानी शर्मा ने इसे निगम अधिकारियों की लापरवाही बताया।
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तीन बार करने हैं नाले साफ, हुए एक बार भी नहीं : मेहता
निगम के डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने कहा कि निगम ने ठेकेदार को शहर के नाले और ड्रेन साफ करने के लिए 58 लाख का ठेका दिया है। ठेकेदार को 4 महीने में तीन बार नाले साफ करने हैं, मगर अभी तक एक बार भी शहर के सभी नालों व ड्रेन की सफाई नहीं हो पाई है। तीन बार तो कब तक होगी। मेहता ने बताया कि उन्होंने इस बारे में चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुशील कुमार से बात की है। उन्होंने चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर से जानकारी मांगी है कि अभी तक शहर में कितने नाले साफ किए गए। मेहता ने कहा कि अगर नालों की सफाई को लेकर यही स्थिति रही और एक बार नालों की सफाई न की गई तो ठेकेदार की पेमेंट रुकवाई जाएगी।
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तीन बड़ी ड्रेन की 11 हजार 199 मीटर है लंबाई
शहर की बात करें तो शहर में तीन बड़ी ड्रेन हैं। इनमें सेशन ड्रेन 4600 मीटर, इंको ड्रेन 4899 मीटर और घेल ड्रेन 1700 मीटर लंबी है। इसके साथ ही 89 छोटे नाले हैं। इनकी कुल लंबाई 47 हजार 155 मीटर है।
चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर ने मांगी रिपोर्ट
इस बारे में चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुशील कुमार का कहना है कि 4 महीने में ठेकेदार ने 3 बार नाले साफ करने हैं। नालों की सफाई का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने ठेकेदार से रिपोर्ट मांगी है कि अभी तक उसने कितने नाले साफ किए और कितने साफ करने अभी बाकी है। ठेकेदार को 58 लाख का ठेका दिया गया है।
अधिकारियों की लापरवाही, लेट दिया ठेका : मेयर
नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि शहर के बड़े नालों और ड्रेन की सफाई जून में ही हो जानी चाहिए थी। यह लेट शुरू हुई, क्योंकि नगर निगम अधिकारियों ने सफाई का ठेका लेट दिया। ऐसा नहीं है कि शहर में ठेकेदार नालों की सफाई नहीं कर रहा। सफाई हो रही है। निगम अधिकारी अगर ठेका समय पर देते तो अभी तक एक बार सफाई हो चुकी होती।