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Ambala News: गुरमत समागम में संगत ने जाना गुरु इतिहास
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अंबाला। धन-धन श्री गुरु हरकृष्ण साहिब जी महाराज की चरण स्पर्श धरती गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में गुरमत समागम का आयोजन किया गया। समागम के दूसरे दिन संगत ने गुरु इतिहास सुना और नाम सिमरण किया। गुरुद्वारा में सजे धार्मिक समागम के दौरान पंथ प्रसिद्ध कथा और कीर्तनी जत्थों ने संगत को गुरबाणी के गायन से निहाल किया।
सुबह लगभग आठ बजे आरंभ हुए गुरमत समागम देर शाम तक चलते रहे। समागम में आने वाली संगत के लिए गुरु घर में विशेष प्रबंध किए गए थे। वहीं गुरु महाराज की पालकी साहिब को फूलों से सुशोभित किया गया था। संगत ने गुरु चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया और सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर संगत की सुख-सुविधा के लिए गुरुद्वारा प्रबंधकों की ओर से सेवादारों की जिम्मेदारी सौंपी है जोकि वो पूरी निष्ठ से निभाते नजर आए। संगत के लिए लंगर का भी विशेष प्रबंध किया गया था। संगत ने पंगत में बैठकर लंगर ग्रहण किया। इस दौरान संगत के बीच कड़ाह प्रसाद और मिष्ठान प्रसाद का भी वितरण किया।
आज होगा समापन
चार फरवरी से आरंभ हुए तीन दिवसीय महान गुरमत समागम का समापन आज यानी छह फरवरी को होगा। इस मौके पर सुबह 11 बजे अमृत संचार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धार्मिक दीवान भी सजाए जाएंगे। इसमें गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई बूटा सिंह सहित गुरु घर के कीर्तनी जत्थे संगत को गुरु इतिहास सुनाकर निहाल करेंगे। वहीं गुरुद्वारा प्रबंधकों द्वारा समागम में आए गणमान्यों का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने संगत को धार्मिक प्रवचनों, कथा व कीर्तन से निहाल किया है।
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सुबह लगभग आठ बजे आरंभ हुए गुरमत समागम देर शाम तक चलते रहे। समागम में आने वाली संगत के लिए गुरु घर में विशेष प्रबंध किए गए थे। वहीं गुरु महाराज की पालकी साहिब को फूलों से सुशोभित किया गया था। संगत ने गुरु चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया और सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर संगत की सुख-सुविधा के लिए गुरुद्वारा प्रबंधकों की ओर से सेवादारों की जिम्मेदारी सौंपी है जोकि वो पूरी निष्ठ से निभाते नजर आए। संगत के लिए लंगर का भी विशेष प्रबंध किया गया था। संगत ने पंगत में बैठकर लंगर ग्रहण किया। इस दौरान संगत के बीच कड़ाह प्रसाद और मिष्ठान प्रसाद का भी वितरण किया।
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आज होगा समापन
चार फरवरी से आरंभ हुए तीन दिवसीय महान गुरमत समागम का समापन आज यानी छह फरवरी को होगा। इस मौके पर सुबह 11 बजे अमृत संचार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धार्मिक दीवान भी सजाए जाएंगे। इसमें गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई बूटा सिंह सहित गुरु घर के कीर्तनी जत्थे संगत को गुरु इतिहास सुनाकर निहाल करेंगे। वहीं गुरुद्वारा प्रबंधकों द्वारा समागम में आए गणमान्यों का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने संगत को धार्मिक प्रवचनों, कथा व कीर्तन से निहाल किया है।
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