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आसमान में छाए बादलों ने बढ़ाई किसानों की धड़कनें, विभाग ने खरीद की बढ़ाई रफ्तार
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दिनभर आसमान में छाए बादलों और हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की धड़कने बढ़ाई रखी। इस दौरान मंडियों में भी हड़कंप का माहौल बना रहा। मंडियों में जहां उठान प्रक्रिया में तेजी देखी गई। वहीं कई ढेरियों को तिरपालों से ढकने का प्रयास जारी रहा मगर पर्याप्त संख्या में तिरपालें न होने की वजह से किसान परेशान दिखाई दिए। बहुत से किसान अपना धान ट्रैक्टरों में लादकर खरीद की इंतजार में बैठे हुए हैं। उधर, मौसम विभाग ने भारी बारिश की आशंका जताई हुई है, जिसे लेकर किसानों की चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई है।
शनिवार को जिले भर में 40 हजार 467 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। जबकि अभी तक विभाग 2 लाख 43 हजार 534 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं कुल खरीदी गई धान से करीब पचास प्रतिशत धान का उठान विभाग कर चुका है। यानी अभी तक करीब 121767 लाख मीट्रिक टन धान उठान के इंतजार में पड़ा है। सबसे अधिक धान हैफेड द्वारा खरीदी गई
उधर, शनिवार को अंबाला कैंट मंडी में 2790, अंबाला सिट में 5640, नन्यौला में 397.2, साहा में 5408, मुलाना में 7277, बराड़ा में 8304, तलहेड़ी में 2540, केसरी में 867, सरदेहड़ी में 1960, उगाला में 240, भरेंड़ी कलां में 400, नारायणगढ़ 1920, शहजादपुर में 1493.5, कड़ासन में 1230 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
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अब बारिश आई तो टूट जाएगी कमर
हम किसानों की पहले ही बहुत अधिक फसल खराब हो चुकी है। अब आसमान में बादल छाए हुए हैं। कह भी रहे हैं कि कभी भी बारिश आ सकती है। बारिश आई तो अब हमारी तो कमर टूट जाएगी।
- उदय सिंह, किसान मंटेड़ी जट्टां।
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बनी हुई है चिंता
पिछले दिनों आई बारिश ने हम किसानों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाया है। अब दोबारा से अगर बारिश आती है स्थिति पूरी तरह से खराब हो जाएगी। बस यही प्रार्थना है कि बारिश न आए। लगातार चिंता बनी हुई है।
- सुखविन्द्र सिंह, किसान भानोखेड़ी।
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तेजी से उठान, खरीद
धान की खरीद का कार्य तो हो रहा है परंतु उठान कार्य तेजी से नहीं हो रहा है। अब मौसम को देखते हुए बारिश का भी डर सता रहा है। विभाग का भी अनुमान है कि 11 अक्तूबर तक बारिश हो सकती है। ऐसे में अगर बारिश आती है तो धान पूरी तरह से खराब हो जाएगी।
- गुरचरन सिंह, किसान लोहगढ़ मानकपुर।
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पहले भीगी धान अकुंरित होने लगी
बारिश ने पहले भी बहुत नुकसान पहुंचाया है। स्थिति यह थी धान की फसल अंकुरित तक हो गई थी। जिससे कि हम किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। अब बारिश नहीं आनी चाहिए और उठान तेजी से होना चाहिए।
- जरनेल सिंह, किसान, अंबाला सिटी।
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शनिवार को जिले भर में 40 हजार 467 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। जबकि अभी तक विभाग 2 लाख 43 हजार 534 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं कुल खरीदी गई धान से करीब पचास प्रतिशत धान का उठान विभाग कर चुका है। यानी अभी तक करीब 121767 लाख मीट्रिक टन धान उठान के इंतजार में पड़ा है। सबसे अधिक धान हैफेड द्वारा खरीदी गई
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उधर, शनिवार को अंबाला कैंट मंडी में 2790, अंबाला सिट में 5640, नन्यौला में 397.2, साहा में 5408, मुलाना में 7277, बराड़ा में 8304, तलहेड़ी में 2540, केसरी में 867, सरदेहड़ी में 1960, उगाला में 240, भरेंड़ी कलां में 400, नारायणगढ़ 1920, शहजादपुर में 1493.5, कड़ासन में 1230 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
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अब बारिश आई तो टूट जाएगी कमर
हम किसानों की पहले ही बहुत अधिक फसल खराब हो चुकी है। अब आसमान में बादल छाए हुए हैं। कह भी रहे हैं कि कभी भी बारिश आ सकती है। बारिश आई तो अब हमारी तो कमर टूट जाएगी।
- उदय सिंह, किसान मंटेड़ी जट्टां।
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बनी हुई है चिंता
पिछले दिनों आई बारिश ने हम किसानों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाया है। अब दोबारा से अगर बारिश आती है स्थिति पूरी तरह से खराब हो जाएगी। बस यही प्रार्थना है कि बारिश न आए। लगातार चिंता बनी हुई है।
- सुखविन्द्र सिंह, किसान भानोखेड़ी।
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तेजी से उठान, खरीद
धान की खरीद का कार्य तो हो रहा है परंतु उठान कार्य तेजी से नहीं हो रहा है। अब मौसम को देखते हुए बारिश का भी डर सता रहा है। विभाग का भी अनुमान है कि 11 अक्तूबर तक बारिश हो सकती है। ऐसे में अगर बारिश आती है तो धान पूरी तरह से खराब हो जाएगी।
- गुरचरन सिंह, किसान लोहगढ़ मानकपुर।
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पहले भीगी धान अकुंरित होने लगी
बारिश ने पहले भी बहुत नुकसान पहुंचाया है। स्थिति यह थी धान की फसल अंकुरित तक हो गई थी। जिससे कि हम किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। अब बारिश नहीं आनी चाहिए और उठान तेजी से होना चाहिए।
- जरनेल सिंह, किसान, अंबाला सिटी।
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