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मेरठ से पहले अंबाला में हुआ था 1857 की क्रांति का शंखनाद : डॉ. स्नेही
Sun, 10 May 2026 03:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 10 May 2026 03:54 AM IST
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अंबाला। अंबाला रिटायर्ड इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से अंबाला क्लब में शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रदीप शर्मा स्नेही ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान पर प्रकाश डाला।
डॉ. स्नेही ने इतिहासकार डॉ. के.सी. यादव का हवाला देते हुए बताया कि 1857 की क्रांति की शुरुआत मेरठ से 9 घंटे पहले ही अंबाला में हो चुकी थी। उन्होंने राजा नाहर सिंह, नवाब अब्दुर्रहमान खां और लाला हुकमचंद जैन जैसे वीरों की शहादत को याद किया। उन्होंने रोहनात, झज्जर और रेवाड़ी जैसे तीर्थों के संघर्ष और ब्रिटिश हुकूमत की नृशंसता का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में प्रेमचंद अग्रवाल ने हिंदी के महत्व पर बल दिया। अंत में एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चोपड़ा ने अतिथियों को सम्मानित किया। संवाद
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डॉ. स्नेही ने इतिहासकार डॉ. के.सी. यादव का हवाला देते हुए बताया कि 1857 की क्रांति की शुरुआत मेरठ से 9 घंटे पहले ही अंबाला में हो चुकी थी। उन्होंने राजा नाहर सिंह, नवाब अब्दुर्रहमान खां और लाला हुकमचंद जैन जैसे वीरों की शहादत को याद किया। उन्होंने रोहनात, झज्जर और रेवाड़ी जैसे तीर्थों के संघर्ष और ब्रिटिश हुकूमत की नृशंसता का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में प्रेमचंद अग्रवाल ने हिंदी के महत्व पर बल दिया। अंत में एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चोपड़ा ने अतिथियों को सम्मानित किया। संवाद
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