{"_id":"67e9a305193d7ee8780e40c7","slug":"technical-flaw-in-panoramic-coach-ambala-news-c-36-1-amb1001-139972-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: पैनोरमिक कोच में तकनीकी खामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: पैनोरमिक कोच में तकनीकी खामी
विज्ञापन
अंबाला। कालका-शिमला सेक्शन पर दौड़ने वाले पैनोरमिक कोच में तकनीकी खामी के कारण परीक्षण फिर असफल हो गया है। कोच के ब्रेकिंग सिस्टम में समस्या आ रही है। ऊंचाई पर जाते ही ब्रेक सही से काम नहीं कर रही। हालांकि एलएचबी कोच वाली नई ट्रेन में एयर ब्रेक सिस्टम लगाया गया है। इसलिए ट्रेन के संचालन के लिए रेलवे की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा रहा। अब इस खामी को दूर करने के लिए रेलवे की तकनीकी टीम भी कालका पहुंचकर कार्रवाई में जुट गई है।
वहीं, दूसरी तरफ रेल कोच फैक्टरी कपूरथला से तैयार किए नए डिब्बे भी कालका पहुंच गए हैं जबकि 10 नए कोच भी जल्द ही तैयार होकर कालका पहुंच जाएंगे।
प्राथमिक चरण में रेलवे और रेल कोच फैक्टरी के बीच 30 नए कोच तैयार करने का समझौता हुआ था जोकि पिछले दिनों बढ़ाकर 40 कोच तक कर दिए गए थे। नए कोच के आने से सैलानियों में भी काफी उत्साह है। इससे कालका-शिमला का सफर काफी रोमांचक होने वाला है।
सवा करोड़ लागत
रेल कोच फैक्टरी कपूरथला की ओर से तैयार किए एक पैनोरमिक कोच की लागत लगभग सवा करोड़ रुपये है। यह कोच आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं जो कि विश्व धरोहर रेल खंड कालका-शिमला की शोभा तो बढ़ाएंगे साथ ही सैलानियों के लिए भी यह एक विशेष सौगात होगी।
विज्ञापन
कोच में 360 डिग्री पर घूमने वाली कुर्सियां लगाई गई हैं। इनमें एसी प्रीमियम, एक नाॅन एसी और पावर एसी कोच तैयार किए गए हैं। प्रीमियम एसी कोच में 12 सीटें हैं जबकि एसी चेयरकार में 24 और नॉन एसी कोच में 30 सीटें लगाई गई हैं।
दर्जन बार हो चुका परीक्षण
पैनोरमिक कोच का दर्जन बार परीक्षण हो चुका है। हर बार कोई न कोई खामी कोच संचालन के दौरान रेलवे अधिकारियों को मिलती है। पिछली बार रेलवे सुरक्षा आयुक्त सीआरएस के दौरे के दौरान भी छोटी-बड़ी लगभग 20 से अधिक खामियां सामने आई थीं। इसमें कोच के अंदरूनी हिस्से में यात्री सुविधाओं से जुड़ी कुछ खामियां भी थीं जबकि रेल खंड पर संचालन के दौरान भी कुछ तकनीकी खामी लगातार जांच टीम के समक्ष आ रही है।
वर्जन
करीब 30 पैनोरमिक कोच कालका स्टेशन पर पहुंच गए हैं, बाकी 10 कोच भी जल्द कालका पहुंच जाएंगे। अभी कोच का परीक्षण चल रहा है। इसके ब्रेक सिस्टम में कुछ समस्या आ रही है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पहले खामी को दूर किया जाएगा। इसके बाद ही नए कोच के संचालन के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी।
विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।
विज्ञापन
वहीं, दूसरी तरफ रेल कोच फैक्टरी कपूरथला से तैयार किए नए डिब्बे भी कालका पहुंच गए हैं जबकि 10 नए कोच भी जल्द ही तैयार होकर कालका पहुंच जाएंगे।
प्राथमिक चरण में रेलवे और रेल कोच फैक्टरी के बीच 30 नए कोच तैयार करने का समझौता हुआ था जोकि पिछले दिनों बढ़ाकर 40 कोच तक कर दिए गए थे। नए कोच के आने से सैलानियों में भी काफी उत्साह है। इससे कालका-शिमला का सफर काफी रोमांचक होने वाला है।
विज्ञापन
सवा करोड़ लागत
रेल कोच फैक्टरी कपूरथला की ओर से तैयार किए एक पैनोरमिक कोच की लागत लगभग सवा करोड़ रुपये है। यह कोच आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं जो कि विश्व धरोहर रेल खंड कालका-शिमला की शोभा तो बढ़ाएंगे साथ ही सैलानियों के लिए भी यह एक विशेष सौगात होगी।
विज्ञापन
कोच में 360 डिग्री पर घूमने वाली कुर्सियां लगाई गई हैं। इनमें एसी प्रीमियम, एक नाॅन एसी और पावर एसी कोच तैयार किए गए हैं। प्रीमियम एसी कोच में 12 सीटें हैं जबकि एसी चेयरकार में 24 और नॉन एसी कोच में 30 सीटें लगाई गई हैं।
दर्जन बार हो चुका परीक्षण
पैनोरमिक कोच का दर्जन बार परीक्षण हो चुका है। हर बार कोई न कोई खामी कोच संचालन के दौरान रेलवे अधिकारियों को मिलती है। पिछली बार रेलवे सुरक्षा आयुक्त सीआरएस के दौरे के दौरान भी छोटी-बड़ी लगभग 20 से अधिक खामियां सामने आई थीं। इसमें कोच के अंदरूनी हिस्से में यात्री सुविधाओं से जुड़ी कुछ खामियां भी थीं जबकि रेल खंड पर संचालन के दौरान भी कुछ तकनीकी खामी लगातार जांच टीम के समक्ष आ रही है।
वर्जन
करीब 30 पैनोरमिक कोच कालका स्टेशन पर पहुंच गए हैं, बाकी 10 कोच भी जल्द कालका पहुंच जाएंगे। अभी कोच का परीक्षण चल रहा है। इसके ब्रेक सिस्टम में कुछ समस्या आ रही है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पहले खामी को दूर किया जाएगा। इसके बाद ही नए कोच के संचालन के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी।
विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।