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सूर्य, मंगल, शनि की ‘दोस्ती’ से छाए थे किशोर दा
मोहित धुपड़
Updated Sat, 10 May 2014 11:54 PM IST
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अपने व्यंग्य और कविताओं से श्रोताओं को लोटपोट करने देने वाले प्रभु लाल गर्ग उर्फ काका हाथरसी ने खूब नाम कमाया, उनकी कामयाबी के पीछे था कुंडली में उच्च बृहस्पति का होना। इस बृहस्पति ने काका हाथरसी को हास्य काव्य के सिरमौर पर बिठा दिया।
दूसरी ओर प्रसिद्ध गायिका एवं अभिनेत्री सुरैया के जीवन का संघर्ष और दर्द कौन नहीं जानता। फिल्मी दुनिया में बुलंदियों को छुआ, मगर निजी जिंदगी में अकेलेपन और दर्द भरी दास्तानों ने उनका दामन नहीं छोड़ा। इसकी वजह थी उनकी कुंडली में पंचमेश शनि से सप्तमेश मंगल के बीच शुभ संबंध न होना जिस वजह से उनकी जिंदगी में परेशानी आईं।
आगे चलें तो कुंडली में शुक्र मेहरबानी ने प्रख्यात शहनाई वादक बिस्मिल्ला खां की शहनाई का दुनिया भर में लोहा मनवाया जबकि देश की मशहूर कथक नर्तकी सितारा देवी का भी कथक में ‘सितारा’ चंद्रमा के बल से ही खूब चमका। उधर, कुंडली में बृहस्पति और शुक्र की दोस्ती ने गायिका लता मंगेशकर को हिंदुस्तान की ‘सुर कोकिला’ और भारत रत्न तक पहुंचा दिया।
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इसी तरह अपनी आवाज और एक्टिंग से सभी को अपना दीवाना बना देने वाले गायक व फिल्म अभिनेता किशोर कुमार का जीवन भी सूर्य, मंगल और शनि की दोस्ती से ही अर्श तक पहुंचा। जीवन में पग-पग पर परेशानियां आईं, मगर कुंडली के सहयोग से परेशानियों से निपटने की हिम्मत बनती गई। इसके अलावा प्रसिद्ध तबला वादक अल्लारखा खां साहिब की कुंडली में चंद्रमा बलवान था, इसीलिए देश और दुनिया के श्रोता और नृतक उनके तबले की थाप पर खूब झूमे।
ऐसे ही सौ से अधिक सुविख्यात संगीतज्ञ, गायक, गायिकाएं, वाद्य यंत्र वादक व संगीत से जुड़ी देश की विख्यात हस्तियां ऐसी हैं, जिनकी मूल हस्तरेखाओं का अध्ययन कर उनके जीवन में उनके उतार-चढ़ाव का खास विवरण तैयार किया गया है। कई साल की इस मेहनत को देश के प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं संगीत कार्यालय के डायरेक्टर डा. एलएन गर्ग ने अब एक पुस्तक ‘संगीतकारों की हस्तरेखाएं’ का रूप दे दिया है।
रोचक तथ्यों से भरी है किताब
दरअसल, यह पुस्तक रोचक तथ्यों पर आधारित है, जो यह बताती है कि श्रीकृष्ण, हनुमान आंजनेय, अल्लारखा खां, कल्याणजी आनंद जी, लता मंगेशकर, काका हाथरसी, दत्ता राम, किशोर कुमार, बिस्मिल्ला खां, बिरजू महाराज, सुरैया जैसे देश के सौ के विख्यात संगीतकार, वाद्य यंत्र वादक, गायकों और कलाकारों की किस्मत ने कैसे उन्हें अर्श की बुलंदियों तक पहुंचाया और उनकी कुंडली के सितारों ने कैसे उनके जीवन में संघर्ष पैदा किया, किन सितारों के बूते पर ये कलाकार जीवन के संघर्ष से जीते और किन सितारों ने इन कलाकारों को जीवन में काफी दर्द दिया। इसमें खास बात यह कि सभी कलाकारों की मूल हथेलियों को प्रकाशित कर उनकी हस्तरेखाओं का ज्योतिष के आधार पर विस्तार से आकलन कर उनके जीवन के उतार-चढ़ाव का रोचक ढंग से विवरण दिया गया है।
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दूसरी ओर प्रसिद्ध गायिका एवं अभिनेत्री सुरैया के जीवन का संघर्ष और दर्द कौन नहीं जानता। फिल्मी दुनिया में बुलंदियों को छुआ, मगर निजी जिंदगी में अकेलेपन और दर्द भरी दास्तानों ने उनका दामन नहीं छोड़ा। इसकी वजह थी उनकी कुंडली में पंचमेश शनि से सप्तमेश मंगल के बीच शुभ संबंध न होना जिस वजह से उनकी जिंदगी में परेशानी आईं।
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आगे चलें तो कुंडली में शुक्र मेहरबानी ने प्रख्यात शहनाई वादक बिस्मिल्ला खां की शहनाई का दुनिया भर में लोहा मनवाया जबकि देश की मशहूर कथक नर्तकी सितारा देवी का भी कथक में ‘सितारा’ चंद्रमा के बल से ही खूब चमका। उधर, कुंडली में बृहस्पति और शुक्र की दोस्ती ने गायिका लता मंगेशकर को हिंदुस्तान की ‘सुर कोकिला’ और भारत रत्न तक पहुंचा दिया।
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इसी तरह अपनी आवाज और एक्टिंग से सभी को अपना दीवाना बना देने वाले गायक व फिल्म अभिनेता किशोर कुमार का जीवन भी सूर्य, मंगल और शनि की दोस्ती से ही अर्श तक पहुंचा। जीवन में पग-पग पर परेशानियां आईं, मगर कुंडली के सहयोग से परेशानियों से निपटने की हिम्मत बनती गई। इसके अलावा प्रसिद्ध तबला वादक अल्लारखा खां साहिब की कुंडली में चंद्रमा बलवान था, इसीलिए देश और दुनिया के श्रोता और नृतक उनके तबले की थाप पर खूब झूमे।
ऐसे ही सौ से अधिक सुविख्यात संगीतज्ञ, गायक, गायिकाएं, वाद्य यंत्र वादक व संगीत से जुड़ी देश की विख्यात हस्तियां ऐसी हैं, जिनकी मूल हस्तरेखाओं का अध्ययन कर उनके जीवन में उनके उतार-चढ़ाव का खास विवरण तैयार किया गया है। कई साल की इस मेहनत को देश के प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं संगीत कार्यालय के डायरेक्टर डा. एलएन गर्ग ने अब एक पुस्तक ‘संगीतकारों की हस्तरेखाएं’ का रूप दे दिया है।
रोचक तथ्यों से भरी है किताब
दरअसल, यह पुस्तक रोचक तथ्यों पर आधारित है, जो यह बताती है कि श्रीकृष्ण, हनुमान आंजनेय, अल्लारखा खां, कल्याणजी आनंद जी, लता मंगेशकर, काका हाथरसी, दत्ता राम, किशोर कुमार, बिस्मिल्ला खां, बिरजू महाराज, सुरैया जैसे देश के सौ के विख्यात संगीतकार, वाद्य यंत्र वादक, गायकों और कलाकारों की किस्मत ने कैसे उन्हें अर्श की बुलंदियों तक पहुंचाया और उनकी कुंडली के सितारों ने कैसे उनके जीवन में संघर्ष पैदा किया, किन सितारों के बूते पर ये कलाकार जीवन के संघर्ष से जीते और किन सितारों ने इन कलाकारों को जीवन में काफी दर्द दिया। इसमें खास बात यह कि सभी कलाकारों की मूल हथेलियों को प्रकाशित कर उनकी हस्तरेखाओं का ज्योतिष के आधार पर विस्तार से आकलन कर उनके जीवन के उतार-चढ़ाव का रोचक ढंग से विवरण दिया गया है।