{"_id":"5f04d2dc8ebc3e4336017a4f","slug":"suicide-ambala-news-knl366240116","type":"story","status":"publish","title_hn":"शादीशुदा प्रेमिका के दबाव में फौजी ने मौत को लगाया गले, क्वारंटीन कैंपस में फंदे से लटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शादीशुदा प्रेमिका के दबाव में फौजी ने मौत को लगाया गले, क्वारंटीन कैंपस में फंदे से लटका
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अंबाला। शादीशुदा प्रेमिका व उसके भाईयों के दबाव में सेना के जवान नरेंद्र सिंह ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली है। क्वारंटीन कैंपस में ही उसने मौत को गले लगाया है। हाल ही में नरेंद्र 40 दिन की छुट्टी बिताकर यूनिट में लौटा था। इसी वजह से उसे छुट्टी से लौटे दूसरे जवानों के साथ सेना ने कैंपस में क्वारंटीन किया हुआ था। सेना से रिटायर्ड पिता हरभजन सिंह का आरोप है कि उसके बेटे को प्रेमिका व उसके भाईयों ने आत्महत्या करने के लिए विवश किया है। इसी आधार पर पुलिस ने प्रेमिका व उसके दो भाईयों के खिलाफ सैनिक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया है।
प्रेमिका से शादी रचाना चाहता था जवान
पंजाब के एसएएस नगर के नगला गांव के रहने वाले हरभजन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका 25 वर्षीय बेटा नरेंद्र सिंह 2015 भारतीय थल सेना में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। 20 मई को ही नरेंद्र 40 दिन की छुट्टी पर घर गया था। छुट्टी काटकर वह एक जून को ड्यूटी अपनी कैंट स्थित यूनिट 7 सिखलाई 56 एपीओ में लौट आया था। वापस आने के बाद सेना ने नरेंद्र को कोरोना वायरस की वजह से कैंपस में क्वारंटीन किया हुआ था। तब कैंपस में दूसरे फौजी भी क्वारंटीन थे। मंगलवार सुबह ही यूनिट से उसके पास फोन आया कि उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली है। क्वारंटीन कैंपस में बने कमरे में ही रस्सी से उसने मौत को गले लगाया था। हरभजन ने बताया कि सूचना के तुरंत बाद ही वह परिजनों व रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंच गया था। तब उसने देखा कि उसके बेटे का शव कैंपस में बने गन शैड की बैरक एचटी-293 के कोने में एक ट्रेनिंग स्टोर की छत पर लगे बंबू से लटका हुआ था।
पड़ोस में चल रहा था प्रेम प्रसंग
परिवादी ने बताया कि उसका बेटे का गांव में उनके पड़ोस में रहने वाली कर्मजीत उर्फ गोल्डी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। मगर कर्मजीत के परिजन इस बात के लिए राजी नहीं थे। इसी वजह से दो साल पहले भी कर्मजीत के भाईयों ने नरेंद्र से मारपीट की थी। गोल्डी अक्सर उसके बेटे को निरंतर फोन व मैसेज करती थी। इस बात को लेकर मैंने भी अपने बेटे को कई बार समझाया था। साथ ही दोनों की शादी को लेकर कई बार गोल्डी के भाईयों से भी बात भी की लेकिन वे नहीं माने।
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शादी के लिए गोल्डी बनाती थी दबाव
हरभजन ने बताया कि परिवार द्वारा शादी से मना करने के बावजूद गोल्डी बार-बार फोन कर उसके बेटे पर शादी के लिए दबाव बनाती थी। अकसर वह उसके बेटे को शादी न होने पर कहती थी कि पहले तुम मर जाना फिर मैं मर जाउंगी। परिवादी ने बताया कि उसके कहने के बाद बेटा नरेंद्र सिंह गोल्डी को भूलने के लिए राजी हो गया था। जिसके बाद उसके परिजनों ने गोल्डी का रिश्ता कर दिया था। हालांकि गोल्डी अपना रिश्ता तोड़ने के लिए नरेंद्र पर दबाव बनाती रही। पिता का आरोप है कि शादी के बावजूद गोल्डी रोज नरेंद्र को फोन कर परेशान करती थी। इसी वजह से उसका बेटा मानसिक तौर पर परेशान हो गया। हरभजन ने बेटे की मौत के लिए सीधे तौर पर प्रेमिका कर्मजीत उर्फ गोल्डी के साथ उसके भाई जितेन्द्र उर्फ काका, हरदीप उर्फ चिक्की व मामा के तीन-चार लड़कों को जिम्मेदार ठहराया है।
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प्रेमिका से शादी रचाना चाहता था जवान
पंजाब के एसएएस नगर के नगला गांव के रहने वाले हरभजन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका 25 वर्षीय बेटा नरेंद्र सिंह 2015 भारतीय थल सेना में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। 20 मई को ही नरेंद्र 40 दिन की छुट्टी पर घर गया था। छुट्टी काटकर वह एक जून को ड्यूटी अपनी कैंट स्थित यूनिट 7 सिखलाई 56 एपीओ में लौट आया था। वापस आने के बाद सेना ने नरेंद्र को कोरोना वायरस की वजह से कैंपस में क्वारंटीन किया हुआ था। तब कैंपस में दूसरे फौजी भी क्वारंटीन थे। मंगलवार सुबह ही यूनिट से उसके पास फोन आया कि उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली है। क्वारंटीन कैंपस में बने कमरे में ही रस्सी से उसने मौत को गले लगाया था। हरभजन ने बताया कि सूचना के तुरंत बाद ही वह परिजनों व रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंच गया था। तब उसने देखा कि उसके बेटे का शव कैंपस में बने गन शैड की बैरक एचटी-293 के कोने में एक ट्रेनिंग स्टोर की छत पर लगे बंबू से लटका हुआ था।
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पड़ोस में चल रहा था प्रेम प्रसंग
परिवादी ने बताया कि उसका बेटे का गांव में उनके पड़ोस में रहने वाली कर्मजीत उर्फ गोल्डी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। मगर कर्मजीत के परिजन इस बात के लिए राजी नहीं थे। इसी वजह से दो साल पहले भी कर्मजीत के भाईयों ने नरेंद्र से मारपीट की थी। गोल्डी अक्सर उसके बेटे को निरंतर फोन व मैसेज करती थी। इस बात को लेकर मैंने भी अपने बेटे को कई बार समझाया था। साथ ही दोनों की शादी को लेकर कई बार गोल्डी के भाईयों से भी बात भी की लेकिन वे नहीं माने।
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शादी के लिए गोल्डी बनाती थी दबाव
हरभजन ने बताया कि परिवार द्वारा शादी से मना करने के बावजूद गोल्डी बार-बार फोन कर उसके बेटे पर शादी के लिए दबाव बनाती थी। अकसर वह उसके बेटे को शादी न होने पर कहती थी कि पहले तुम मर जाना फिर मैं मर जाउंगी। परिवादी ने बताया कि उसके कहने के बाद बेटा नरेंद्र सिंह गोल्डी को भूलने के लिए राजी हो गया था। जिसके बाद उसके परिजनों ने गोल्डी का रिश्ता कर दिया था। हालांकि गोल्डी अपना रिश्ता तोड़ने के लिए नरेंद्र पर दबाव बनाती रही। पिता का आरोप है कि शादी के बावजूद गोल्डी रोज नरेंद्र को फोन कर परेशान करती थी। इसी वजह से उसका बेटा मानसिक तौर पर परेशान हो गया। हरभजन ने बेटे की मौत के लिए सीधे तौर पर प्रेमिका कर्मजीत उर्फ गोल्डी के साथ उसके भाई जितेन्द्र उर्फ काका, हरदीप उर्फ चिक्की व मामा के तीन-चार लड़कों को जिम्मेदार ठहराया है।