फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Subhash Park's lake will be given on contract

Ambala News: ठेके पर दी जाएगी सुभाष पार्क की झील, नप ने मंत्रणा के बाद लिया फैसला

Wed, 29 May 2024 05:59 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2024 05:59 AM IST
विज्ञापन
Subhash Park's lake will be given on contract
सुभाष पार्क की झील का निरीक्षण करते नप सचिव व डीएफओ। संवाद
अंबाला। हीट वेव के कारण सुभाष पार्क की मृत मछलियों को बेशक झील से निकालकर दबा दिया है, लेकिन ऐसी घटना दोबारा न हो, इसका खाका भी नगर परिषद ने मत्स्य विभाग की मदद से तैयार कर लिया है।
विज्ञापन

इसके तहत सुभाष पार्क की झील को रखरखाव और मछली उत्पादन के लिए ठेके पर दिया जाएगा, जिससे कि झील में पलने वाली मछलियों की अच्छी तरह से देखभाल हो सके। इस योजना को धरातल पर उतारने के मकसद से मंगलवार को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह सहित जिला मत्स्य विभाग के अधिकारी ने सुभाष पार्क का दौरा किया और झील का निरीक्षण किया।
विज्ञापन

इस दौरान झील में डाले जा रहे मिश्रण व अन्य सामान की भी जांच की ताकि झील की अन्य मछलियों की जान बची रहे। दूसरी तरफ झील से गंदा पानी निकालने और झील में पानी का स्तर ऊंचा करने के लिए लगातार कार्य जारी है ताकि गर्म पानी से मछलियों को राहत मिल सके। इस कार्य के लिए नप की तरफ से कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, जिससे कि दोबारा से किसी मछली को नुकसान न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा झील की साफ-सफाई को लेकर भी योजना तैयार की जा रही है, जिससे कि इसकी सुंदरता को कायम किया जा सके। दरअसल लगातार बढ़ रही गर्मी के प्रकोप से सुभाष पार्क की झील में पल रही सेकड़ों मछलियां अचानक मर गई। इसकी जानकारी जब हरियाणा के पूर्व गृहमंत्री अनिल विज के संज्ञान में आई तो उन्होंने जांच करके एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए, क्योंकि उन्हें शिकायत मिली थी कि किसी ने जानबूझकर झील में कोई जहरीला पदार्थ डाला है, जिससे मछलियां मर गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब नगर परिषद ने मत्स्य विभाग की मदद से जांच की तो सामने आया कि झील का पानी काफी गर्म हो गया था और इसमें आक्सीजन की कमी हो गई और इस वजह से झील में पल रही मछलियों ने दम तोड़ दिया। वहीं जांच में यह भी सामने आया कि झील की निचली सतह सीमेंट से बनी हुई है जोकि इस गर्मी के मौसम में गर्म हो जाती है। अगर यह सतह मिट्टी की होती तो इस भीषण गर्मी में भी शायद मछलियां बच सकती थीं।

वर्जन
जिला मत्स्य अधिकारी के साथ मंगलवार को झील का निरीक्षण किया गया था। झील के पानी का स्तर बढ़ाने के लिए लगातार कार्य जारी है, वहीं झील की अन्य मछलियों की सुरक्षा को लेकर भी उपाय किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद फैसला लिया गया है कि झील और मछलियों से जुड़ा काम ठेके पर दिया जा सके ताकि झील और मछलियों का सही तरीके से रख-रखाव हो सके।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी नप।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed