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Ambala News: ठेके पर दी जाएगी सुभाष पार्क की झील, नप ने मंत्रणा के बाद लिया फैसला
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सुभाष पार्क की झील का निरीक्षण करते नप सचिव व डीएफओ। संवाद
अंबाला। हीट वेव के कारण सुभाष पार्क की मृत मछलियों को बेशक झील से निकालकर दबा दिया है, लेकिन ऐसी घटना दोबारा न हो, इसका खाका भी नगर परिषद ने मत्स्य विभाग की मदद से तैयार कर लिया है।
इसके तहत सुभाष पार्क की झील को रखरखाव और मछली उत्पादन के लिए ठेके पर दिया जाएगा, जिससे कि झील में पलने वाली मछलियों की अच्छी तरह से देखभाल हो सके। इस योजना को धरातल पर उतारने के मकसद से मंगलवार को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह सहित जिला मत्स्य विभाग के अधिकारी ने सुभाष पार्क का दौरा किया और झील का निरीक्षण किया।
इस दौरान झील में डाले जा रहे मिश्रण व अन्य सामान की भी जांच की ताकि झील की अन्य मछलियों की जान बची रहे। दूसरी तरफ झील से गंदा पानी निकालने और झील में पानी का स्तर ऊंचा करने के लिए लगातार कार्य जारी है ताकि गर्म पानी से मछलियों को राहत मिल सके। इस कार्य के लिए नप की तरफ से कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, जिससे कि दोबारा से किसी मछली को नुकसान न हो।
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इसके अलावा झील की साफ-सफाई को लेकर भी योजना तैयार की जा रही है, जिससे कि इसकी सुंदरता को कायम किया जा सके। दरअसल लगातार बढ़ रही गर्मी के प्रकोप से सुभाष पार्क की झील में पल रही सेकड़ों मछलियां अचानक मर गई। इसकी जानकारी जब हरियाणा के पूर्व गृहमंत्री अनिल विज के संज्ञान में आई तो उन्होंने जांच करके एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए, क्योंकि उन्हें शिकायत मिली थी कि किसी ने जानबूझकर झील में कोई जहरीला पदार्थ डाला है, जिससे मछलियां मर गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब नगर परिषद ने मत्स्य विभाग की मदद से जांच की तो सामने आया कि झील का पानी काफी गर्म हो गया था और इसमें आक्सीजन की कमी हो गई और इस वजह से झील में पल रही मछलियों ने दम तोड़ दिया। वहीं जांच में यह भी सामने आया कि झील की निचली सतह सीमेंट से बनी हुई है जोकि इस गर्मी के मौसम में गर्म हो जाती है। अगर यह सतह मिट्टी की होती तो इस भीषण गर्मी में भी शायद मछलियां बच सकती थीं।
वर्जन
जिला मत्स्य अधिकारी के साथ मंगलवार को झील का निरीक्षण किया गया था। झील के पानी का स्तर बढ़ाने के लिए लगातार कार्य जारी है, वहीं झील की अन्य मछलियों की सुरक्षा को लेकर भी उपाय किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद फैसला लिया गया है कि झील और मछलियों से जुड़ा काम ठेके पर दिया जा सके ताकि झील और मछलियों का सही तरीके से रख-रखाव हो सके।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी नप।
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इसके तहत सुभाष पार्क की झील को रखरखाव और मछली उत्पादन के लिए ठेके पर दिया जाएगा, जिससे कि झील में पलने वाली मछलियों की अच्छी तरह से देखभाल हो सके। इस योजना को धरातल पर उतारने के मकसद से मंगलवार को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह सहित जिला मत्स्य विभाग के अधिकारी ने सुभाष पार्क का दौरा किया और झील का निरीक्षण किया।
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इस दौरान झील में डाले जा रहे मिश्रण व अन्य सामान की भी जांच की ताकि झील की अन्य मछलियों की जान बची रहे। दूसरी तरफ झील से गंदा पानी निकालने और झील में पानी का स्तर ऊंचा करने के लिए लगातार कार्य जारी है ताकि गर्म पानी से मछलियों को राहत मिल सके। इस कार्य के लिए नप की तरफ से कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, जिससे कि दोबारा से किसी मछली को नुकसान न हो।
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इसके अलावा झील की साफ-सफाई को लेकर भी योजना तैयार की जा रही है, जिससे कि इसकी सुंदरता को कायम किया जा सके। दरअसल लगातार बढ़ रही गर्मी के प्रकोप से सुभाष पार्क की झील में पल रही सेकड़ों मछलियां अचानक मर गई। इसकी जानकारी जब हरियाणा के पूर्व गृहमंत्री अनिल विज के संज्ञान में आई तो उन्होंने जांच करके एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए, क्योंकि उन्हें शिकायत मिली थी कि किसी ने जानबूझकर झील में कोई जहरीला पदार्थ डाला है, जिससे मछलियां मर गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब नगर परिषद ने मत्स्य विभाग की मदद से जांच की तो सामने आया कि झील का पानी काफी गर्म हो गया था और इसमें आक्सीजन की कमी हो गई और इस वजह से झील में पल रही मछलियों ने दम तोड़ दिया। वहीं जांच में यह भी सामने आया कि झील की निचली सतह सीमेंट से बनी हुई है जोकि इस गर्मी के मौसम में गर्म हो जाती है। अगर यह सतह मिट्टी की होती तो इस भीषण गर्मी में भी शायद मछलियां बच सकती थीं।
वर्जन
जिला मत्स्य अधिकारी के साथ मंगलवार को झील का निरीक्षण किया गया था। झील के पानी का स्तर बढ़ाने के लिए लगातार कार्य जारी है, वहीं झील की अन्य मछलियों की सुरक्षा को लेकर भी उपाय किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद फैसला लिया गया है कि झील और मछलियों से जुड़ा काम ठेके पर दिया जा सके ताकि झील और मछलियों का सही तरीके से रख-रखाव हो सके।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी नप।