{"_id":"61b10d6fee6f4a17567c5057","slug":"students-created-ruckus-in-gm-s-office-ambala-news-knl921469197","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएम के कार्यालय में विद्यार्थियों ने काटा बवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएम के कार्यालय में विद्यार्थियों ने काटा बवाल
विज्ञापन
अंबाला शहर स्थित रोडवेज कार्यालय में नारेबाजी करते छात्र
- फोटो : Ambala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्यार्थियों को कॉलेज व शिक्षण संस्थानों में जाने के लिए न समय पर बसें मिल रही हैं और न ही उनके पास बन रहे हैं। इससे परेशान विद्यार्थी बुधवार को रोडवेज महाप्रबंधक कार्यालय में पहुंच गए। उन्होंने वहां जमकर बवाल काटा और नारेबाजी की।
केसरी स्टेशन के पास स्थित हलदरी गांव के करीब 100 विद्यार्थियों ने सुबह के समय रोडवेज की बस न आने की बात करते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। साथ ही शाम के समय भी बसों के कारण आ रही दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत करवाया। उन्होंने अधिकारियों से रोडवेज की ओर से बसों की व्यवस्था करने की मांग की। ताकि वे सही समय पर कॉलेज पहुंच सकें। रोडवेज कार्यालय पहुंचे विभिन्न कॉलेज व शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले काफी समय से बसों के कारण वह परेशानी झेल रहे हैं। कभी बस आती नहीं है, आती है तो जल्दी निकल जाती है। इस कारण वे सही समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
छात्रा आंचल, नैन्सी, तनु, नितिका, एकता, भारती ने कहा कि रोडवेज की ओर से केवल दो बसों की व्यवस्था की है, वह भी समय पर नहीं चलती। उन्होंने मांग की है कि बसों को सही समय पर संचालित किया जाए। साथ ही बसों को बढ़ाने की भी मांग उठाई।
विज्ञापन
पास न बनने के कारण भी विद्यार्थियों को आ रही है परेशानी
बस पास न बनने के कारण भी विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बहुत से विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनके पास अभी तक नहीं बने हैं। इस कारण उन्हें किराया खर्च कर आना-जाना पड़ता है। इसके अलावा विद्यार्थियों ने कहा कि जिन छात्रों के पास बन गए हैं, निजी बस चालक उनके पास को मान्य नहीं मानते हैं। अगर मजबूरी में उन्हें निजी बस में सफर करना पड़े तो उन्हें किराया देना पड़ता है। इस पर इंस्पेक्टर ने विद्यार्थियों से लिखित में शिकायत देने की बात कही। साथ ही आश्वासन भी दिया कि अगर किसी विद्यार्थी के साथ निजी बस चालक ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके परमिट को रद्द कर दिया जाएगा।
हलदरी गांव के ही हम करीब 100 छात्र हैं। इसके अलावा केसरी से भी आते हैं और रास्ते में जितने भी गांव पड़ते हैं, वहां भी छात्र और लोग चढ़ते हैं। इस कारण बसें पूरी तरह से खचाखच भरी होती है। बहुत से विद्यार्थियों को बस की छत पर चढ़कर आना पड़ता है या फिर वह लटक कर आते हैं।
- अमन, छात्र।
गांव के लिए केवल दो बसें हैं। वह भी कभी चलती हैं कभी नहीं चलती है। कभी-कभी तो जल्दी ही निकल जाती है। इस कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है। बहुत बार तो ऐसा होता है कि हमारा लेक्चर ही छूट जाता है और हमारी पढ़ाई प्रभावित होती है। रोडवेज को बसों की व्यवस्था करनी चाहिए।
-अनुज, छात्र।
पिछले दो दिनों से हम बसों के कारण परेशान हो रहे हैं और हमारी पढ़ाई छूट रही है। इससे पहले भी बहुत बार ऐसा हो चुका है। जब हम परेशान हो गए तब हमें मजबूरी में यहां रोडवेज कार्यालय आना पड़ा है। हमने अधिकारियों को ज्ञापन सौंप दिया है, ताकि हमारी इस समस्या का हल हो सके।
- दिव्या, छात्र।
बसों में हमें सीट तक नहीं मिलती है। कई बार हम छतों पर बैठकर आते हैं। अगर बस में घुस भी जाएं तो दरवाजे पर लटक कर आने के लिए मजबूर होना पड़ता है। रोडवेज को सुबह और शाम के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को थोड़ी राहत मिल सके।
- दिनेश, छात्र।
वैसे तो केसरी हलदरी रूट पर कम से कम चार बसों की आवश्यकता है। मगर, इस समय दो ही बसों को चलाया जा रहा है। यह भी कभी चलती है तो कभी नहीं चलती। कभी-कभी तो अपने समय से पहले ही निकल जाती हैं। इस कारण दूसरी बस आने का इंतजार करना पड़ता है। इतने में हमारा लेक्चर निकल जाता है।
- खुशी, छात्र।
हमें सुबह जो परेशानी होती है, वह तो अलग है। वहीं शाम को भी कई बार ड्राइवर जल्दी बस ले जाते हैं। इस कारण हम खड़े-खड़े दूसरी बस का इंतजार करते रहते हैं। वहीं इस रूट पर तो कोई साधन भी नहीं है, इस कारण बहुत ज्यादा परेशानी होती है। कॉलेज जाने में हर रोज देरी हो जाती है।
- अंकिता, छात्र।
विद्यार्थियों की शिकायतों को सुना है। उन्होंने जो भी समय कहा, वह निर्धारित कर दिया गया है। अब विद्यार्थियों की सुविधा के अनुसार ही बसों को संचालित किया जाएगा। ताकि किसी भी विद्यार्थी को परेशानी न हो। वहीं पास की समस्या को लेकर विद्यार्थियों को क्लर्क से मिलने का सुझाव दिया गया है।
- बलवंत सिंह, इंस्पेक्टर।
विद्यार्थियों ने बसों से संबंधित शिकायत दी है। उनकी समस्या को सुना है और कर्मचारियों को आदेश दिए हैं। अब किसी भी छात्र को कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
- जोगिंद्र रावल, प्रबंधक, रोडवेज।
विज्ञापन
केसरी स्टेशन के पास स्थित हलदरी गांव के करीब 100 विद्यार्थियों ने सुबह के समय रोडवेज की बस न आने की बात करते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। साथ ही शाम के समय भी बसों के कारण आ रही दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत करवाया। उन्होंने अधिकारियों से रोडवेज की ओर से बसों की व्यवस्था करने की मांग की। ताकि वे सही समय पर कॉलेज पहुंच सकें। रोडवेज कार्यालय पहुंचे विभिन्न कॉलेज व शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले काफी समय से बसों के कारण वह परेशानी झेल रहे हैं। कभी बस आती नहीं है, आती है तो जल्दी निकल जाती है। इस कारण वे सही समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
छात्रा आंचल, नैन्सी, तनु, नितिका, एकता, भारती ने कहा कि रोडवेज की ओर से केवल दो बसों की व्यवस्था की है, वह भी समय पर नहीं चलती। उन्होंने मांग की है कि बसों को सही समय पर संचालित किया जाए। साथ ही बसों को बढ़ाने की भी मांग उठाई।
विज्ञापन
पास न बनने के कारण भी विद्यार्थियों को आ रही है परेशानी
बस पास न बनने के कारण भी विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बहुत से विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनके पास अभी तक नहीं बने हैं। इस कारण उन्हें किराया खर्च कर आना-जाना पड़ता है। इसके अलावा विद्यार्थियों ने कहा कि जिन छात्रों के पास बन गए हैं, निजी बस चालक उनके पास को मान्य नहीं मानते हैं। अगर मजबूरी में उन्हें निजी बस में सफर करना पड़े तो उन्हें किराया देना पड़ता है। इस पर इंस्पेक्टर ने विद्यार्थियों से लिखित में शिकायत देने की बात कही। साथ ही आश्वासन भी दिया कि अगर किसी विद्यार्थी के साथ निजी बस चालक ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके परमिट को रद्द कर दिया जाएगा।
हलदरी गांव के ही हम करीब 100 छात्र हैं। इसके अलावा केसरी से भी आते हैं और रास्ते में जितने भी गांव पड़ते हैं, वहां भी छात्र और लोग चढ़ते हैं। इस कारण बसें पूरी तरह से खचाखच भरी होती है। बहुत से विद्यार्थियों को बस की छत पर चढ़कर आना पड़ता है या फिर वह लटक कर आते हैं।
- अमन, छात्र।
गांव के लिए केवल दो बसें हैं। वह भी कभी चलती हैं कभी नहीं चलती है। कभी-कभी तो जल्दी ही निकल जाती है। इस कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है। बहुत बार तो ऐसा होता है कि हमारा लेक्चर ही छूट जाता है और हमारी पढ़ाई प्रभावित होती है। रोडवेज को बसों की व्यवस्था करनी चाहिए।
-अनुज, छात्र।
पिछले दो दिनों से हम बसों के कारण परेशान हो रहे हैं और हमारी पढ़ाई छूट रही है। इससे पहले भी बहुत बार ऐसा हो चुका है। जब हम परेशान हो गए तब हमें मजबूरी में यहां रोडवेज कार्यालय आना पड़ा है। हमने अधिकारियों को ज्ञापन सौंप दिया है, ताकि हमारी इस समस्या का हल हो सके।
- दिव्या, छात्र।
बसों में हमें सीट तक नहीं मिलती है। कई बार हम छतों पर बैठकर आते हैं। अगर बस में घुस भी जाएं तो दरवाजे पर लटक कर आने के लिए मजबूर होना पड़ता है। रोडवेज को सुबह और शाम के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को थोड़ी राहत मिल सके।
- दिनेश, छात्र।
वैसे तो केसरी हलदरी रूट पर कम से कम चार बसों की आवश्यकता है। मगर, इस समय दो ही बसों को चलाया जा रहा है। यह भी कभी चलती है तो कभी नहीं चलती। कभी-कभी तो अपने समय से पहले ही निकल जाती हैं। इस कारण दूसरी बस आने का इंतजार करना पड़ता है। इतने में हमारा लेक्चर निकल जाता है।
- खुशी, छात्र।
हमें सुबह जो परेशानी होती है, वह तो अलग है। वहीं शाम को भी कई बार ड्राइवर जल्दी बस ले जाते हैं। इस कारण हम खड़े-खड़े दूसरी बस का इंतजार करते रहते हैं। वहीं इस रूट पर तो कोई साधन भी नहीं है, इस कारण बहुत ज्यादा परेशानी होती है। कॉलेज जाने में हर रोज देरी हो जाती है।
- अंकिता, छात्र।
विद्यार्थियों की शिकायतों को सुना है। उन्होंने जो भी समय कहा, वह निर्धारित कर दिया गया है। अब विद्यार्थियों की सुविधा के अनुसार ही बसों को संचालित किया जाएगा। ताकि किसी भी विद्यार्थी को परेशानी न हो। वहीं पास की समस्या को लेकर विद्यार्थियों को क्लर्क से मिलने का सुझाव दिया गया है।
- बलवंत सिंह, इंस्पेक्टर।
विद्यार्थियों ने बसों से संबंधित शिकायत दी है। उनकी समस्या को सुना है और कर्मचारियों को आदेश दिए हैं। अब किसी भी छात्र को कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
- जोगिंद्र रावल, प्रबंधक, रोडवेज।

अंबाला शहर स्थित रोडवेज कार्यालय में जीएम को ज्ञापन देती छात्राएं।- फोटो : Ambala