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Ambala News: एक प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर के छात्र पर पॉक्सो एक्ट लगा, मिली जमानत
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अंबाला सिटी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत नामजद आरोपी छात्र को नियमित जमानत दे दी है।
मामला अंबाला सिटी की एक प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट से शुरू हुआ था। यहां कोचिंग के दौरान आरोपी और पीड़िता का परिचय हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर पीड़िता को डराने और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से अनुचित दबाव बनाने का आरोप था। पीड़िता के पिता की ओर से चैट देखने के बाद महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी खुद एक छात्र है, जांच पूरी हो चुकी है और चालान भी कोर्ट में पेश किया जा चुका है। अदालत ने पाया कि आरोपी पिछले ढाई महीने से न्यायिक हिरासत में है, उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और सारे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पहले ही फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। कोर्ट ने 1 लाख रुपये के मुचलके और गवाहों को प्रभावित न करने की शर्त पर जमानत मंजूर की।
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दुकान में घुसकर पीटने के आरोपी को मिली जमानत
अंबाला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने अंबाला छावनी की तेली मंडी में एक दुकान में घुसकर पीटने, तोड़फोड़ और धमकी देने के आरोपी अरुण धीमान उर्फ बुच्चड़ को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी को 70 हजार रुपये के जमानत बांड और इतनी ही राशि के एक मुचलके पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
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मामला 13 फरवरी का है, जब शिकायतकर्ता विक्रम और उसके भाई संजीव की दुकान में घुसकर आरोपियों ने लोहे के हथियारों से हमला किया और मोबाइल छीन लिया था। पुलिस ने आरोपी अरुण को 1 जून को गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि इस मामले में सह-आरोपी अक्षित को पहले ही जमानत मिल चुकी है और ट्रायल में लंबा समय लग सकता है। वहीं सरकारी वकील ने आरोपी के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी अरुण को सशर्त जमानत दे दी।
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मृत महिला बनकर बेचे थे प्लॉट, कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत याचिका की खारिज
अंबाला सिटी। फर्जीवाड़ा और भेष बदलकर जमीन हड़पने के एक गंभीर मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने दो आरोपियों जीरकपुर निवसी परमजीत कौर और इंद्रजीत कौर की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राम बिहटा में शिकायतकर्ता की मां स्वर्ण कौर और बेटी मोनिका के नाम पर स्थित 500-500 वर्ग गज के दो कीमती प्लॉटों को फर्जी तरीके से किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया था। इस जालसाजी की पराकाष्ठा यह थी कि शिकायतकर्ता की दिवंगत पत्नी का भी रूप धारण कर फर्जी महिला को रजिस्ट्री कार्यालय में पेश किया गया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ कहा कि केवल महिला होने या मामले में चालान दाखिल हो जाने मात्र से आरोपी जमानत के हकदार नहीं हो जाते। रजिस्ट्री पर लगी तस्वीरें प्रथम दृष्टया आरोपियों की सक्रिय संलिप्तता को दर्शाती हैं, इसलिए इन्हें जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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मामला अंबाला सिटी की एक प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट से शुरू हुआ था। यहां कोचिंग के दौरान आरोपी और पीड़िता का परिचय हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर पीड़िता को डराने और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से अनुचित दबाव बनाने का आरोप था। पीड़िता के पिता की ओर से चैट देखने के बाद महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी खुद एक छात्र है, जांच पूरी हो चुकी है और चालान भी कोर्ट में पेश किया जा चुका है। अदालत ने पाया कि आरोपी पिछले ढाई महीने से न्यायिक हिरासत में है, उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और सारे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पहले ही फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। कोर्ट ने 1 लाख रुपये के मुचलके और गवाहों को प्रभावित न करने की शर्त पर जमानत मंजूर की।
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दुकान में घुसकर पीटने के आरोपी को मिली जमानत
अंबाला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने अंबाला छावनी की तेली मंडी में एक दुकान में घुसकर पीटने, तोड़फोड़ और धमकी देने के आरोपी अरुण धीमान उर्फ बुच्चड़ को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी को 70 हजार रुपये के जमानत बांड और इतनी ही राशि के एक मुचलके पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
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मामला 13 फरवरी का है, जब शिकायतकर्ता विक्रम और उसके भाई संजीव की दुकान में घुसकर आरोपियों ने लोहे के हथियारों से हमला किया और मोबाइल छीन लिया था। पुलिस ने आरोपी अरुण को 1 जून को गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि इस मामले में सह-आरोपी अक्षित को पहले ही जमानत मिल चुकी है और ट्रायल में लंबा समय लग सकता है। वहीं सरकारी वकील ने आरोपी के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी अरुण को सशर्त जमानत दे दी।
मृत महिला बनकर बेचे थे प्लॉट, कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत याचिका की खारिज
अंबाला सिटी। फर्जीवाड़ा और भेष बदलकर जमीन हड़पने के एक गंभीर मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने दो आरोपियों जीरकपुर निवसी परमजीत कौर और इंद्रजीत कौर की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राम बिहटा में शिकायतकर्ता की मां स्वर्ण कौर और बेटी मोनिका के नाम पर स्थित 500-500 वर्ग गज के दो कीमती प्लॉटों को फर्जी तरीके से किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया था। इस जालसाजी की पराकाष्ठा यह थी कि शिकायतकर्ता की दिवंगत पत्नी का भी रूप धारण कर फर्जी महिला को रजिस्ट्री कार्यालय में पेश किया गया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ कहा कि केवल महिला होने या मामले में चालान दाखिल हो जाने मात्र से आरोपी जमानत के हकदार नहीं हो जाते। रजिस्ट्री पर लगी तस्वीरें प्रथम दृष्टया आरोपियों की सक्रिय संलिप्तता को दर्शाती हैं, इसलिए इन्हें जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।