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वकीलों ने नारायणगढ़ में किया वर्क सस्पेंड
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strike
- फोटो : AMBALA
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बार एसोसिएशन नारायणगढ़ के वकीलों ने हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के गठन बारे जारी नोटिफिकेशन के विरोध में वीरवार को पंजाब एंव हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की काल पर वर्क सस्पेंड कर ट्रिब्यूनल के गठन का विरोध किया।1
बार एसोसिएशन नारायणगढ़ के प्रधान वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मवीर ढींढसा ने कहा कि सरकार का हरियाणा प्रदेश में ट्रिब्यूनल गठन का निर्णय अप्रत्यक्ष रूप से संवैधानिक ढांचे में परिवर्तन करने का प्रयास है, क्योंकि हरियाणा सरकार ने ट्रिब्यूनल का गठन करके हरियाणा के सभी सरकारी कर्मचारियों के मुकद्दमों के निपटारे का अधिकार हाई कोर्ट व निचली अदालतों से छीनकर इस नए गठित ट्रिब्यूनल को दे दिया है।
एडवोकेट ढींढसा ने कहा कि अगर हरियाणा प्रदेश में एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के गठन की कार्यवाही को हरियाणा सरकार ने निरस्त नहीं किया तो इसके कारण संबंधित लिटिगेंट्स को नुकसान होगा, क्योंकि सर्विस मैटर में स्टेट ही मुख्य रूप से प्रतिवादी होता है और ट्रिब्यूनल के गठन से सरकार से ही सरकार के खिलाफ न्याय की मांग करने जैसी स्थिति पैदा होगी।
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ट्रिब्यूनल में प्रेसिडिंग अधिकारी भी सरकार की दखल से स्वतंत्र नही रह सकता और इसी लिए हरियाणा सरकार के इस निर्णय के खिलाफ बार एसोसिएशन नारायणगढ़ के वकील पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट बार के साथ हैं। ढींढसा ने कहा कि हम हरियाणा सरकार से मांग करते हैं कि वह हरियाणा एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के फैसले को तुरंत वापस ले।
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बार एसोसिएशन नारायणगढ़ के प्रधान वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मवीर ढींढसा ने कहा कि सरकार का हरियाणा प्रदेश में ट्रिब्यूनल गठन का निर्णय अप्रत्यक्ष रूप से संवैधानिक ढांचे में परिवर्तन करने का प्रयास है, क्योंकि हरियाणा सरकार ने ट्रिब्यूनल का गठन करके हरियाणा के सभी सरकारी कर्मचारियों के मुकद्दमों के निपटारे का अधिकार हाई कोर्ट व निचली अदालतों से छीनकर इस नए गठित ट्रिब्यूनल को दे दिया है।
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एडवोकेट ढींढसा ने कहा कि अगर हरियाणा प्रदेश में एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के गठन की कार्यवाही को हरियाणा सरकार ने निरस्त नहीं किया तो इसके कारण संबंधित लिटिगेंट्स को नुकसान होगा, क्योंकि सर्विस मैटर में स्टेट ही मुख्य रूप से प्रतिवादी होता है और ट्रिब्यूनल के गठन से सरकार से ही सरकार के खिलाफ न्याय की मांग करने जैसी स्थिति पैदा होगी।
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ट्रिब्यूनल में प्रेसिडिंग अधिकारी भी सरकार की दखल से स्वतंत्र नही रह सकता और इसी लिए हरियाणा सरकार के इस निर्णय के खिलाफ बार एसोसिएशन नारायणगढ़ के वकील पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट बार के साथ हैं। ढींढसा ने कहा कि हम हरियाणा सरकार से मांग करते हैं कि वह हरियाणा एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के फैसले को तुरंत वापस ले।